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Do Kinaray Episode 37 (Subtitles) 21st July 2025 - Momina Iqbal - Junaid Khan
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00:00मेरा जिना, उसका जिना
00:05आज सूरज कहां से निकला है?
00:11भाई पहले हमें शॉपिंग पे और फिर लांच पर ले आए
00:15मैं भी यही सोच रहे थे
00:17तुम दो रहे ना, इसी हाल में खुश्मत हो ला
00:30वरे शेवाँ?
01:00कैसी हो दुरे शेवाद?
01:18और कैसा है तुम्हारा बिमार शोहर?
01:20मर गया वो
01:22लेकिन मैंने दूसरी शादी कर लिये
01:24मेरे खाल से हमें चलना चाहिए, ने रही हो रही है
01:27यहार।
01:31मेरे लड़की को ओना मिल वाऊगी नहीं?
01:35मैरे मैंन है
01:35ठाश कılवू यहार।
01:38मawan मेरे खाल से हमें चलना चाहिए
01:39जाज़ झाल जाए
01:41तुम भी चलओ
01:42झाल झाल
02:12हाई बाद, प्लीज मैनेज कर लो यार, आज, तुवाद तेर हो जाएगी मुझे, हाँ, ठीक है, मीटिंग में वक्त तो है अभी ना, कितने बजे मीटिंग है?
02:42ठीक है, मैं मीटिंग से बहल पहुंच जाओंगा, फिकर ने करो, ओके बाई, वो आपसे कुछ कहना था,
02:52कहो?
02:53मैं बहुत शर्मिंदा हूँ, कि मुझे दूआ का दिहान रखना चाहिए था,
03:03दूआ के लिए मैं और नैनी काफी है, तुमने अपने चिन्भी कामां बेजी रहना तुम रह सकती हो,
03:11मैं तुम रह सकती हो, वलीद मैं अल्रेडी बहुत शर्मिंदा हूँ, इसलिए आपसे पॉलोजाइस कहरे हूँ, क्या करूं मैं इस पॉलोजी का,
03:21तुम तो सबका ख्याल रखने के लिए आई भी थी हा, सबके दिल जीतने के लिए, इसी दुरान अगर दूआ को कुछ हो जाता, तो क्या बहाना दाता तुमारे पास?
03:29क्यूं हो जाता कुछ? मैं यही थी किचन में.
03:32किचन में? मैं नैनी को हाईर किया उसकी सर्फसिस के लिए, वूदे पैसे साथ महामधा नहीं है, मांका पयार नहीं दे सकती, वो इसको, जसके मामले हैं दूआ हमईशा महरून रही है, इसकी सदी माहत उसके साथ नहीं है, तो इसको तुम तुम इसका भियाल नहीं रखो�
04:02कैसे चले रहता?
04:04वलीद, मैं अपनी गलती मान रही हूं.
04:06मुझे दुआ की तरफ से बिल्किल भी लापरवान ही होना चाहिए था.
04:10आएंदा मैं आपको शिकायत का मौका नहीं दूँगी.
04:13देख लेंगे.
04:14जब तक आप इसके साथ हैं, मैं आपके लिए आफिस के कपे निकाल दोती हूं.
04:20कौन थी वो?
04:44शहीर ने समन को बताने से क्यों रोका?
04:50फोन रखता ही क्यों है जब हर वक्त फोन बंद रखना होता है तो.
05:13तो आज तुमने दुरे शहवार को देखी लिया?
05:16हाँ, देख तो लिया.
05:20लगता है शहीर कुछ परेशान हो गया है आज दुरे शहवार को यूँ देखकर.
05:26Excuse me?
05:28मैं क्यों परिशान हूँगा दुरे शहवार को देखके?
05:30दुरे शहवार?
05:32ये दुरे शहवार का जिकर आज कहां से आगया भई?
05:36कुछ नहीं मामा, आज रेस्टरांट में मिली थी.
05:40आपको याद है उसने हमें नीचा दिखाने के लिए एक अमीरजादे से शादी कर ली थी?
05:47आज पता रही थी कि वो मर गया?
05:49क्या?
05:52वर आम शोर वो जूट बोल रही थी.
05:55पड़ना आप पुछ सोचें, अगर इतना बड़ा आदमी मरता तो क्या हमें पता नहीं चलता?
05:59मुझे तो लगता है उसने उसे छोड़कर किसी और रईसजादे को हत्या लिया होगा.
06:07हम, हो सकता है.
06:09भर इस शकल भी तो बला की पाईये कमबाक ने.
06:12और उसी शकल का वो फायदा उठाती है.
06:15वरना हमारा शहीर कभी इतनी मिडल क्लास लड़की को मो ना लगाता.
06:20क्या होगी आप लोग को?
06:25इस टॉपिक को खतम क्यों नहीं कर देते?
06:29तुरे शभा को लेके बैठी गए हैं?
06:32वो किससा पुराना था? उसे भुला दे, प्लीज.
06:37ओके भई, मिर्टे डालो. अफा करो.
06:59असलाम लेकुम. वालेकुम असलाम.
07:01अवे, कैसे हैं? ठीक था, तुम्हों कैसे हो?
07:04ब्रकु ठीक.
07:06ये तुम दोनों का अपने घर में दिल नहीं लगता?
07:08ममेशा यहां आजाते हैं.
07:11यहां बाता है बात. ये दोनों का अपना घर है, कभी भी आ सकते.
07:14अरे, मैं तो बस छेड़ रहा था.
07:16Sorry.
07:21उनको कुछ खिलाय अपला है या बस सिर्फ बात ही होती रही है?
07:24भाई, मावरा ने तो कहा था, ने कैन हम नहीं मना कर दिया.
07:26क्या आप लग आएंगे तो साथ बैठके चार पी लेंगे सब.
07:33वैसे भाई हमार अपना घर है, मैं जो चाहिए होगा हम ले लेंगे, आप टेंशन ना लेंगे.
07:37जैसे तुम दोनों की परसी है.
07:39मैंने मुलाजम से कह दिया था, कि आप लोग को क्या आती ही चाहे लिया है.
07:44दूआ का?
07:46वो थोड़ी तर पहले ही सोई है.
07:53वैसे तुम दोनों चुड़ेलों की आमद एक साथ हो गई आच.
07:56किसी खास काम सा है?
08:00मकसद तो है,
08:02और वो मकसद यह है कि हम यह सोचों ते भाई कि आप थोड़े दिन के चुटी ले लीजे और चुटी लेके,
08:10मावरा को लेके कहीं गूमने फिटने चेदे चाहें.
08:18यह आइडिया कहां से है?
08:20यहीं से आया और कहां से आएगा?
08:22हम आपको काफी दिनों से अबसर्फ कर रहे हैं, आप लोग बहुत किचे-किचे सीरिस रहते हैं.
08:29गूमने फिरने जाएंगे, तो इसी बहाने वही परानी वाली दोसी तासा हो जाएगी.
08:34वेकल जैसे पहले थी?
08:38दिखो, मेरे खाल में तुम लोग ना,
08:41अब मुझ पर द्यान देना, बंद कर दो.
08:47अरे मश्वरी में मत दो.
08:53ये शादी मैंने दूआ और तुम सब की तसली के लिए की थी.
09:00इससे ज़्यादा मुझ से एक्सपेक्ट मत करना है.
09:02सॉर्य.
09:11मैं पुछी हूं कौन थी वो?
09:27कजन थी.
09:28कजन थी तो तुम्हारे साथ क्या कर रही थी?
09:30मेरे साथ कहां थी?
09:32ममी ने कहाता समन को साथ ले जाने को,
09:34तो वो भी साथ चल गई.
09:35ओ अच्छा?
09:36अब बग कैसे निकल आया तुम्हारे पास?
09:38ये सवाल कहां सा है?
09:41हाँ, क्यूंकि मुझे तो एक पॉन तक करने के लिए वक्त नहीं है ना तुम्हारे पास?
09:44पकॉल तुम्हारे.
09:45क्यों आफिस में तो तुम्हें सर खुजाने का वक्त नहीं मिलता,
09:48तो ये सब क्या है? कैसे हो रहा है ये सब?
09:50तो रहे शवार कभी कभार तुम मुझे इतना इरिटेट करती हूँ कि मिला दिल करता है मैं अब में बाल नो चलू।
09:54सीधे सीधे सवाल का सीधे सीधे जवाब होना चाहिए तुम क्यू जवाब नहीं दे रहे हो जबादो मुझे!
09:59नहीं है और नहीं दूँगा. तो क्या कर लोगी?
10:03तो इससे साफ जाहिर है कि अभी तो चलो कजन के बहाने से उसको लेकर घूंग रहे हैं।
10:07मेरे पीछे ना जाने पता नी क्या क्या कटोगा, किन को ले लेकर घूंगतोगा, इसलिए तो तुम्हारा नंबर भी ओफ होता है हर वाग्ट
10:12शेवार
10:14बस
10:17अब और कुछ मत पोलना, वंडा
10:18वंडा क्या कर लोगे तुम
10:23मैं भागा भागा
10:25तुम्हारे लिए यहां आया था, इस परिशानी में के तुम अफसेट होगी
10:29लेकि मैं जब भी आँ तुम किसी ना किसी बात पर लड़ने बेटी में होती हो
10:33तो क्यों आयो, चले जाओ ना, बलके जाकर अपने उस कजन को शॉपिंग कर और फिर से अपना नंबर बंद कर दो
10:38मेरा क्या है, मैं तो यहां दिवारों में अपना सर पीटी रहूंगी या केले
10:42यही परिशानी थी मुझे जब ही महीं आया हूँ
10:45बहुत हो गया शही, तुम्हारा इस तरह आना जाना मुझे पसंद नहीं है, यह इंसल्ट है मेरी
10:49मियां बीवी में इतनी दूरी है, इतने फासे से कौन निश्टा चलाता है
10:52इससे पहले कि मैं थख जाओं, जाकर अपने घरवालों को सच बताओ, हमारे निकाह के बारे में बताओ, ताकि ऑफिस के बाद तुम घर आ सको मैं तुम्हें देख सकूँ
11:02बता तुम्हा, तोड़ा से ठैर जाओ
11:06कितना ठैर जाओं, कितना
11:09थोड़ा सो और, देखो, अगर ममा अब नहीं मानी ना मैं सब को छोड़के तुम्हारे पास आजाओंगा, वो भी हमेच्छा के लिए
11:17जो करना है, जल्दी करो, मेरा दम घुटता है ब इस घर में, मैं ऐसे नहीं रहूंगी मजीद
11:24ओके, ओके
11:26तुम बस रिलाक्स जो, भाई ने तो हादी करती इस बार
11:40खेर, मावरा तुम बुरा फील मत करना, हम भाई को समझाएंगे, मुझे उमीद है कभी ना कभी, भाई तुम्हाए दो जरूर बन जाएंगे
11:54मुझे कोई जुल्दी नहीं है, प्रीज तुम लोग वलीज से इस बारे में कोई बात मत करना
12:01मामरा मुझे अच्छा नहीं लगता भाई का यो रुखा रभाया, तुम्हाई शादी को बहुत दिन हो गई
12:09तुज जयत्ती है ना तुम्हाजाद
12:15जिब भाई से इस सब क्यों उमीद नहीं थी वसे
12:22सुरेश शेहवार ने जिस बेदर्दी से वलीद का दिल तोड़ा है
12:29उससे चुड़ने में थोड़ा वक्त तो लगी गई
12:33मामरा जी आपका दिल बहुत बड़ा है
12:40बच्पन तुम लोगों के साथ घुज रहा है
12:43इसलिए बहुत कुछ सीखा है ने तुम लोगों से
12:46बहुत अच्छी है मामरा
12:49हम सबको यही उमाट थी तुम से
12:53अच्छा प्लीज अब तुम लोग प्लीज तुबारह वलीज से इस बारे में कोई बात मत करना हो
13:02यहीं हमने जाती तो नहीं कर दे तुमाई साथ
13:11आइमा में बहुत हुश हूं, ट्रेस्ट में.
13:36चार हो में.
13:39इतनी जल्दी?
13:41कल फॉर्ण ट्रिप के लिए निकलना है.
13:43अब वापस आके ही मुलाखात होगी.
13:46मतलब फिर से मैं, मेरा केलापन और ये दिवार हैं?
13:51मजबूरी है.
13:56कि शही जिस लीव दिस टॉपिक हमें उस पारे में बात करनी चाहिए.
14:01मैंने तुमसे कहा था ना कि हम बेबी प्लान कर लेते हैं, सब ठीक हो जाएगा.
14:05अब ही नहीं.
14:07क्यों नहीं?
14:08बेबी हो जाएगा, मैं उसमें बीजी हो जाँगी और तुमें भी ज्याता तंग नहीं करूँगी.
14:11अब तंग होने से बचने के लिए मैं इतना बड़ा रिस्क तो नहीं ले सकता.
14:17रिस्क, कैसा रिस्क?
14:20बेबी में उलच के तुम अपनी ब्यूटी खराब कर लोगी और तुम मुझे ऐसे ही पसंद हो.
14:26नहीं होती ब्यूटी खराब, पैसे भी एक तो.
14:30अच्छा, मैं वापस आजाओं, फिर बैठके बात करते हैं इसमें, ओके?
14:39अब मैं जा रहा हूँ, मुझे अच्छे से सी आफ नहीं करोगी, गिप यहां स्माइल.
15:00हाई, मापर अच्छी है, तुमकर सच में बहुत ख्याज रखती है, आप पर कमान मत हो लेगा.
15:18कुछ लड़कें बहुत लखी होती हैं.
15:29जिन्दगी में हर चीज मन चाहिए नल जाती है.
15:33मुझे देखें, ना मन पसंद शोहर मिला, ना जिन्दगी, बस एक बिमारी और एक बिमार बच्ची.
15:45अच्छे, आपसे कोई किला नहीं है, वलीद.
15:49अगर मैं अपनी पूरी कोशिश करूँगी,
15:53कि मैं वे अमल से आपको मुझ में और दुरे शेवार में फर्ड दिखाए दे.
15:59भले आपके जिन्दगी में तो और द्याएं, लकर दोनों एक चैसी नहीं हैं.
16:06तुम्हें यान ही आना चाहिए था.
16:24चुलो, अम्मी एक बार करकर के थकती नहीं आप, वैसे क्यों नही आना चाहिए था?
16:29आइमा और तैमूर घर पर हैं.
16:33हाँ, तो मैं क्या करूँ डरती हूँ क्या मैं किसी से अपने माबाब के घर आई हूँ?
16:40तुम?
16:44जी मैं.
16:46तुम्हारी हिम्मत कैसे हूँ यहां आनेगी?
16:49पहले भी आ चुकी हूँ, लेकिन शायद तब आप अपनी बीवी को लेके खेंगे घुमाने फिर आने गया होंगे.
16:54जब मैंने मना किया था कि यह इस घर में वापिस नहीं आएगी तो आप लोगों ने साने क्यों दिया?
16:58मैं आउंगी इस घर में, जितना यह घर आपका है न उतना मेरा भी है और आपको नोते हैं मुझे रोकने वाले?
17:10अरे बंद कर अपनी पकवास, मैं तो तुमसे बात ही नहीं करना चाहता.
17:13हाँ तो मैं कुनसा मदी जानी आपसे बात करने के लिए, मैं भी आपसे बात करना चाहती.
17:19मैं अपने माबाप से मिलने आई.
17:21अरे निकाले इसे यहां से!
17:23अम्मी को तकलीफ देने की जरूत नहीं है, मुझसे बात करें मुझसे, यहां खड़ी हूं मैं.
17:28तुम तो इस लाइक ही नहीं हो कि तुमसे बात की जाए.
17:30तो यहां खड़े मेरा मून क्या देख रहे हैं? क्यूं मेरे मून लग रहे हैं? क्यूं मुझसे बात करें?
17:34अपनी बीवी पकरें और जाएं अपने कमरे में?
17:38इसे कहीं यहां से चली जाए?
17:39ये आपका नहीं मेरे बाप का घर है
17:44जिसी न आपका अपना महल बन जाएगा ना तब मुझ से ये बात कीजिएगा
17:49ना ये आपका घर है और ना ही आप मुझे यहां से निकालने का कोई हक रखते हैं
17:59तुम तो हक की बात नहीं करो
18:01जिसे शादी करने के लिए तर तमाशा किया ने जाओ रहो उसके साथ
18:05मेरा जहां दिल चाएगा मैं वहां रहूंगी आप टेंशन ना ले
18:13मैं सोस हो रहा है कि तुम्हें अपने किये पे अभी तक नदामत नहीं हुई
18:17किस बात की नदामत ऐसा क्या गलत कर दी है मैंने कुण सा जुन कर दी है
18:21जिस पे नदामत होगी मुझे अपना हग के इस्तमाल के शादी की है मैंने
18:25आप लोग का बस चलता तो मुझे भई पही मार देते हैं
18:27उस मरीज से मेरी शादी करवा दी, मेरी जिन्दगी बर्बाद करा दी
18:30वो तो शुक्कर है अल्ला का कि अल्ला ने मुझे बचा लिया, मुझे इतनी हिम्मत दे दी कि मैं उस अज़ाब से निकला हूँ
18:35समझ सकती हूँ मैं, आप ये सब तमाशा ये शोर इसलिए कर रहे हैं न, क्यूंकि वलीद की बहन अब आपकी बीवी है
18:49आपका भाई से अब कोई तालुक नहीं है, तो भैतर होगा आप उनका जिकर ना करें
18:58ओ, अल्ला बीबी जिकर करना भी कौन चाता है, अल्ला अल्ला करके तो जान चुड़वाई तुम लोगों से, हो सके न तो अपने शोहर को समझाओ
19:05तैमूर, तैमूर तुम आए मा को लेकर अंदर जाओ, मैं बात करती हूँ इससे
19:14अरे बात क्या करनी है, इसे कहीं यहां से चली जाए बास
19:18अम्मी, मैं आपको बता दूँ, अगर अब मुझे यहां से किसी ने जाने का कहा ना, तो मैं अपनी जान दे दूँगे, अपने आपको मार लूँगे, यहीं पर इसी घर में
19:27हाद होती है, वैसे मेरे घर वाले मुझे छुडवा दी है, इन लोगों ने, और आपको पता है, जो मैं कहती हूँ ना, वो मैं करके दिखाती हूँ, अपनी जान दे दूँगी यहां पर
19:35तैमूर, तैमूर बेटा, तुम माहिमा को लेकर अंदर जाओ, बेटा जाओ इसको लेकर अंदर, देखो, मैं तुमारे आगे हाँ जोड़ दियू, कमसम, तुम तो मेरी बेबसी को समझो
20:05आइमा, यही करा रही है सब कुछ, मेरा माना करने के बावजूद, अमी और बाबा ने उसे इस घर में आने दिया, आइमा समान पैकर हूँ, हम अभी इसी वक्त घर चोड़ कर जा रहे हैं, घर चोड़ कर कहा जाएंगे, वहीं भी चले जाएंगे, लेकिन यहारा ना, तो �
20:35गुसा जपनी कर पाऊंगा, जलाक्स हो जाएं तैमूर, क्या अंकर और आउंटी को अकेला छोड़ देंगे, मिरे पस कोई और रास्ता नहीं है, तैमूर आप जजबाती हो रहे है, दुरे शिवार इस घर की बेटी है और यह हकीकत नहीं बदलेगी, देखा नहीं आपने,
21:05क्या आप वो ना करें जो दुरे शिवार चाहती है, तैमूर अंकल और आउंटी को आपकी जरूरत है, जानता हो, जानते हैं तो ठंडे दमाग से सूचें, और ऐसा कुछ ना करें जिससे दुरे शिवार की खुदकर्ज नेचर को खुशी मिने,
21:35ना जाने किस तरह की आजमाईश है है, आज मैं तुम्हें अपनी तक्लीफ पता सब्सक्राइब रिश्टों की आजमाईश कितनी सक्त होती है, इस बात का अंदाजा है मुझे, लेकिन फिर भी यहीं कहूंगी कि अपना दिल बढ़ा करें।
21:59सब्सक्राइब करें। सब्सक्राइब करें। सब्सक्राइब के द्वरे शेवार को बड़ी मुसीवत खड़ी करते हैं।
22:29इसलिए मना कर देती तुम्हें।
22:33अम्मी, अब मैं किसी के लिए आप लोग उसे रिश्टा तो नहीं तोड़ सकती न।
22:37रिश्टा जोडने वाली हरकत तुमने की ही कब है।
22:41मुझे समझाने की बजाए ना भाई को समझाए।
22:48उनको मेरा आना यहां पसंद नहीं है। जा कि कहीं और अपना महल कर ले।
22:52मैं तो हूँगे अपने माबाप से मिलने के लिए। मुझे कौन रोग सकता है।
22:56तुम्हारे लिए हम अपनी घर का सकून तबाह कर ले।
23:11कहां से लेकिया हूं दूसरे माबाप।
23:16मैं बता रही हम्मी अगर आप लोग ने मुझ पर फिर से घर के दर्वाजे बंद कर दिये ना
23:21तो मैं कोई इंतहाई कदम उठा लूँगी खुद को कुछ कर लूँगी।
23:25कहां जाओं मैं। मेरा तो कोई और है भी नहीं।
23:29और आपको बता है मैं ऐसा ही करूँगी अपने आपको खतम कर लूँगी।
23:32बताएं कहां जाके अपने रोने रोओं कहां जाओं मैं।
23:35मेरे तो माबाप भी मेरे साथ नहीं है।
23:39आपको जिव अपने बेटे से महबबत है।
23:46हद हो गई वैसे।
23:59माना कि दुरे शेवार से गलती हुए।
24:05लेकिन बेटी तो है नहीं।
24:08जिगर कटो खड़ार।
24:19तैपुन।
24:23आपको
24:25बेटा मैं तुम तोनों से
24:30तोनों से नर्मी की उमीद रखता हूं।
24:35बेशक।
24:41मैं से मत मिलना।
24:45बात मत करना।
24:48लेकिन बेटा।
24:52लेकिन बेटा।
24:55सब तक हम जिन्दा है उसको आने तू।
24:57अक्लोती बेटी है।
25:06बहुत महुंपत है उस।
25:09बहुत महुंपत है उस।
25:11बेटा, हम जानते हैं।
25:21आइमा के लिए तुरे शेवार को यहां देखना तक देखते होगा।
25:27लेकिन बेटा, तुम दोनों समझधार बड़ा जर्फ है।
25:32बालदेन की खाहिश समझते हुए बात रख लो।
25:47इस उमर में हम अपने बच्चों को खोना नहीं चाहते हैं।
25:53बच्चे जो भी खलती करें। बालदेन को तो अजीज होते हैं।
26:08तुर्णे शेवार तो फिर एक लड़की है।
26:14फिर एक लड़की है।
26:23उसको बाप की। भाई की।
26:29बेशक सारी के जरूर अता हूँ।
26:34लेकिन बेटा।
26:36सिश्टे की जबरत तो है न।
26:45ठीक है बाबा।
26:50अगर आप और अम्मी यही चाहती है तो
26:54आने दे दूरे शेवार को।
27:02लेकर उसका मुझ से और आमे से कोई वास्ता नहीं होगा।
27:08बेटा मैं उसे एत्याद करने का कहूंगी।
27:12अम्मी आप अच्छी तरह जानती है कि वो किसी की नहीं सुनती, सिर्फ अपनी करती है।
27:20खेर, मैंने तेह कर लिया था कि मैं घर छोड़ाँ।
27:23फिर आमा के एसास दिलाने पर रुकिया।
27:32कि आप लोग अके लिए रह जाएंगे।
27:36क्योंकि मैं दुरे शिवार की तरह खुदगर्ज नहीं हो सकता।
27:44और आप लोग बहतर समझते हैं।
27:47आने दे हुसे।
27:54मुश्रा बेटा।
27:57बहुत कुछ रख तुबतर।
28:03क्या यह उमीती मुझे तुमसे।
28:07मैं उसका दुश्मन नहीं हूँ।
28:10और वो जो कुछ करती है।
28:12उसका बहुत मलाल है मुझे।
28:17बेटा मलाल हमें भी है।
28:19लिकिम आप जो कुछ उसने कर दिया।
28:23सवाए दुख के क्या किया जा सकते।
28:33तैमूर और मैं आप दुनों के साथ है।
28:36वक्त इस दुख को भी कम करतेगा।
28:42खुशरो बेटा।
28:43अल्ला तुम्हें बहुत सारी खुशिया दिखे।
28:49खुशरो बेटा।
28:51बहुत खुशरो
28:52बाक्त शुशरो
28:53अप्का बाली तुम्हें झाली थे लाफ दुशरो
28:54थे वक्त शुश्त
28:55अपका लिष्स
29:11आपका लोड़ दुम्हें वक्त राव्से तुम्हें आपका लोड़ी खुशरो
29:13उर्स दुम्हें
29:14आपका बॉलेट आपने बलाया हाँ दुआ की सारी चीज़े पैक कर दो और एक्स्ट्रा सूट भी चाने ठीक है
29:30सुनो जी दुआ का समान की पैक हो रहा है कहां जा रही है दुआ
29:36मैं अमी की तरफ जाना चा रही थी दुआ को साथ क्योंने जा रही हो चोड़ जाओ उसको बेशक घर में और कोई भी नहीं है
29:45नैनी काबिले फिरोसा है लेकिन दुआ मेरी जिम्मेदार है और पिर आप पिछे दुआ की माँ बना कर लाए थे
29:52और वैसे भी मैं कैसे दुआ के बगार जा सकती हूँ या फिर आप दुआ की हवाले से मुझ पर ट्रस्ट नहीं कर पा रहे हैं ट्रस्ट इस हो है
30:02नहीं ठीक है ले जाओ लेकिन इसका बहुत ख्याल रटना प्लीज चीए
30:22दूआ लानो की जान हूँ मेची प्यारी है माशा अला हूँ मेची प्यारी है बीबी मेरी बैठा तुम खुश हो ना ची अमी बली तुमारे साथ ठीक तो है ना
30:51अमी वो बुरे कम है किसके साथ
30:54माशा अला हीरा बच्चा है
30:57प्यारी है ना दुआ
31:02गैरत की बात है कि दुरे शेवार ने इस मासूम का भी ऐसास नहीं किया
31:09मिलने आती है से
31:10नहीं
31:12कितनी बेरहम है वो
31:15अच्छा ही है जो वो सामने नहीं आती
31:18और ना वलीद कभी इस वेस से निकल ही नहीं पाएंगे
31:23चोट भी तो गहरी है बिटा
31:25बिसे तुमें खुश देख करना
31:28मुझे बहुत सुकून महसूस हो रहा है
31:31वलीद के साथ मैंने
31:34तुम्हारी शादी करके गलत फैसला नहीं किया
31:37अम्याप चले ना मेरे साथ मेरे घर
31:40वलीद और इबाद सारा दिन आफिस में रहते हैं
31:43घर पर मैं और दूआ अकेले ही रहते हैं
31:46बेटी के घर जाकर रहना कोई अची बात तो नहीं है बिटा
31:50आप अकेली रहती हैं ना
31:52तो मुझे फिकर लगी रहती है
31:54अकेली कब हूँ मैं
31:56वलीद ने मुलाजमा का इंतजाम कर दिया है मेरे लिए
31:58अच्छा
32:00अहां वो मुस्तकिल मेरे साथ ही रहती है
32:03आज उसकी ज़रा तब्यट ठीक नहीं थी
32:05तो घर जाने की अजाज़त मांग रही थी
32:07तो मैंने उसे अजाज़त दे दी
32:09वलीद ने बताये ही नहीं मुझे
32:12बेटा जो नेकिया करते हैं ना
32:15वो धिंडोरा नहीं पीटा करते हैं
32:17वलीद ने कई बार मुझ से कहा
32:33अभी फाइल फाइनेंस में दुमान को देड़ें
32:35तो क्यों
32:46वलीद की कॉल है
32:47मैं जरा सुनों आप दूआ का ख्याल रखें
32:49यह बेटा, सुन रहें
32:51हुम्
32:53ने को लग रही है आपको
32:55हुम्
32:56यह हो रहा है यह
32:58हलो
33:00हलो, पॉंच गड़?
33:02ची
33:04ओके
33:06दूआ के खाने का ख्याल रखना हो
33:08उसे फूख जदी लगती है
33:10आप बेफिकर है
33:12का है दूआ?
33:14अमी के पास है, मैं आपका फॉन सुनने के लिए
33:16दूसरे रूम में आई, दूआ के पास ही थी
33:18ताइम पे सुला देना उसे
33:20पर ना रोने लगी
33:22अच्छे अपनी जिमेदारी का एषास है वलीद
33:24अच्छी बात है
33:26अपने बता आये नहीं मुझे
33:28अमी के लिए मुस्तकिल मुलास्मा का
33:30इंताब कर दिया
33:32इसमें बताने में वाली क्या बात है
33:34आँटी का ख्याल तुमें रखना ही है
33:36बल्कों ने किमेंस कर नहीं कोशिश करो कि हमारे साथ रहे
33:38वलीद अमी नहीं मानेंगी
33:41ठीक है जैसे उनकी मज़ी हो
33:42अच्छा मुझे एक मीटिंग लिए जाना
33:45मैं बाद में बात करता हूँ
33:47खुदाफिस
33:47खुदाफिस
33:49मेडम
34:01रात खाने में क्या खायंगया
34:04तुमेरे पास खाने के इलाव़ा कोई और बात नहीं होती
34:07क्या हर वक्क खाना खाना
34:08मैडम सापजी मुझे इसी बात की तन्खाँ देते है
34:11मैं आपका ख्याल रखो
34:13उनकी हemia कर
34:16तन्खाँ तो इसी बात की मिलती है
34:18जाओ जाके कुछ भी पकालो मेरा दिमाग मत खाओ पहले ही मुझे माईग्रेन हो रहा है और अपर सिब तुम्हाइ सवालों के जवाब भी दूँ
34:25मैडम आप सारा वक्त अकेली रहती है इसलिए साब जी भी आपको ज्यादा वक्त नहीं देते हैं मुझे आपकी फिकर रहती है
34:41फिकर तो मुझे भी होने लगी अब
34:43मैडम आप बेबी क्यों नहीं कर लेती हैं वो होगा तो आपको अकेला पन में महसूस नहीं होगा
34:51तुमसे मश्वरा मांगा है
34:53फजूल बात है किये जा रही हो
34:54आएंदा मर करना ऐसी बात
34:56सॉरी मेडम
34:58आपकी तनहाई देखर कहा है
35:00जाओ जाकर अपना काम करो
35:03दिमाग मत ख़ओ मेरा जाओ
35:04बातें करवा लो इन लोगों से
35:09जाकर
35:21मेडम आप बेबी क्यों नहीं कर लेती
35:24वो होगा तो आपको अकेलापन में मैसूस नहीं होगा