00:00जंगल में हिर्णियों का एक शांती पून जुन रहता था। वे मिल जुल कर चरती थी, पानी पीती थी और हर खत्रे से एक दूसरे को सावधान करती थी। लेकिन एक दिन जुन्ड की दो हिर्णियों में किसी बात पर विवाद हो गया। शायद भोजन को लेकर या जुन्ड
00:30एक ने पीछे हटने की कोशिश की, लेकिन दूसरी ने हार नहीं मानी। लड़ते लड़ते रात हो गई, अंधेरा चा गया और पूरी रात वे संघर्ष करती रही। सुबह होते होते एक हिर्णि ठक कर गिर पड़ी और अंततह मर गई। दूसरी हिर्णि चो घायल तो थी �
01:00कोमडी, सियार और भेडिये मौके की तलाश में वहां आ पहुँचे। उन्होंने मृत हिर्णि को नोच नोच कर खाना शुरू कर दिया। जो हिर्णि कभी गर्व से जंगल में दौडती थी, वो अब मासाहारी जानवरों का भोजन बन चुकी थी। दूसरी हिर्णि जो घ
01:30एकता और समझदारी ही जीवन की रक्षा करती है। अगर वो दोनों मिलकर रहती, तो शायद आज इनका अंजाम ऐसा ना होता। न्यू अपडेट के लिए एटीवी चानल को सपोर्ट करें। धन्यवाद।
02:00का पाम श्याद अंबरों के मतास करें।
02:23कि पन्य कातोरों कि यह उला इनका आज अglंडने अंजादो करें।
02:29झाल बाचिए
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