00:00पूरा शहर, राजनाम गाओ, बच्चे, बुड़े, मुदूर्ग, सभी उम्र के महिलाएं, बेटियां, माताएं, यूकों में बहुत जोस, और आज सावन का सुम्वार, बाबा के आशिरवाद से जल चड़ाने यात्रा निकली है,
00:21अलग-अलग चोक से, अलग-अलग शहर के कोने से, विशाल और भव यात्रा बाबा के भक्तों का जूमते हुए, नासते हुए, गाते हुए, जल चड़ाने के लिए शियुमंदिर के और बढ़ रहे हैं, ये राजनाम गाओं की अद्भूत परंपरा है, राजनाम गाओं की �
00:51एकता भाईचारा प्रेम सबका और मद्भूत हो, और राजनाम गाओं विक्सित हो, पूरे देश में शांती हो, और बाबा के आशिरवाद से, बाबा ऐसे देव है, जो देवों के देव है, जिनका ना आदी है, ना अंत है, ना प्रारंभ है, और वो ऐसा वर्दान सबको �
01:21जल लेकर कावरिया यात्रा में निकल रहे है, मैं आज यहां पे सबको सुबकामना देने आया हूँ, कि बाबा की गरिपाफ सब पे, हम सब पे, पूरे राजनाम गावासियों पे बने रहे है, और हम थेजी के साथ विकास के जिशा में आगे बढ़ें, बोल बम, बोल बम,
01:51अपना करता भी है, और एडी का अपना करता भी है, तो इस करता भी का निर्वान में सब लगे है, इसले किसे को चींता करने की जिरुवत भी है, नियाय सब के साथ होगा.
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