00:00नाजरीन, ये सवाल आज हर कारकुन के जहन में गर्दिश कर रहा है,
00:03कि अगर पार्टी का उसूल और नजरिया यही था कि आम तबके को आगे लाया जाए,
00:07तो फिर दौलत मंद और बासर अफराद को सिनेट टिकट क्यों दिये जा रहे हैं।
00:11क्या इमरान खान का वो नजरिया के सियासत में अवामी नमाइंदगी होनी चाहिए और पैसे का अमल दखल खत्म होना चाहिए, अब सिर्फ एक नारा बन चुका है।
00:18ये बात खुदफवाद चौदरी ने कही कि अगर मेरे पास 50 करोड होते, तो मैं भी सिनेटर होता।
00:23इस एक जुमले ने सब कुछ आया कर दिया।
00:25पार्टी में अब वो लोग वापसी के खाहा हैं जो मुश्किल वक्त में साथ नहीं थे, लेकिन अब सरमाया एहसियत के बिलबोते पर दोबारा कदम जमाना चाहते है।
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