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Ssshhhh... Phir Koi Hai is a chilling Indian horror anthology series that captivated audiences from 2006 to 2009 on Star One. Each episode delivers a unique spine-chilling story, ranging from haunted houses and vengeful ghosts to demonic entities and cursed villages. With iconic characters like Aryamaan and thrilling multi-part sagas like 'Intezaar' and 'Trikaal,' the series blends suspense, supernatural horror, and gripping narratives. Perfect for fans of eerie tales, this nostalgic gem explores the unknown with unforgettable scares. Stream episodes on Disney+ Hotstar or relive the terror of classic Indian horror!"

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Transcript
00:00मेर कोई है
00:30तूर ठान
00:50ठान
00:54झाल
00:57नमस्ते दरोगा, साहा.
01:22इस्वाक्तु.
01:27जुची, हमने सुना, आप नएने आये हैं इस गाउं में, इसलिए आपका आदर सद्कार करने चलियाए.
01:38ऐसे दरोगा जी, एक बात बताईए, आपको डर नहीं लगता?
01:48इस बात से.
01:52आपको इस पुलीस स्टेशन के बारे में नहीं माद?
01:56देखे न, आपके अलावा, यहां और कोई नहीं.
02:03चायद इस पारे में सबको मालूम है.
02:06अच्छा, तो तुम उस अफवा के बारे में बात कर रही हो.
02:09इसलिए तुम मैं यहां कहला रुका हूं.
02:11आकि कल सुबा तक सबको यकीन हो जाए.
02:13यहां ऐसा कुछ भी नहीं है.
02:18तरोगा साहथ है.
02:21और एक बात कहूं तो पुरा तो नहीं माने गया था.
02:30अच्छा, आपने भी पहुत बड़ी गल्ती किया यहां कर.
02:35अच्छा?
03:00अच्छा, आपको मानूं नहीं, चुड़ेरों के पैर उल्टे होते हैं.
03:23अच्छा, अच्छा, अच्छा, आज मैं हमेशा हमेशा अगले इस पुलिस्टेशन को तुम्हारे ड़ से मुक्त कर दूँगा.
03:49साम्निया!
03:53वर क्त बढ़ीन नहीं
04:01मुक्त
04:05ही आच्छा, अाबिबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबा
04:07ही आच्छा
04:08अभा, उम्षे मैं
04:19अच्छा
04:21प्रूГा जुए करो दो आजने दो आजने मुझे चुए प्रॉब कर दो आजने लोम आजने युए झाय तो
04:51कि अज़ा आप अज़ा आप
05:02कि अज़ादी के लिए हाँ कर दी आई एस ओफिसरों के रिष्टे ठुकडा कर इस
05:21पतलोंदे हवलदार के खूटे बन गए जा जा जा और तेरा बाप अमारे गर के बार चार पई डाल के बैठ गया था और उसने अमको तंखी दी कि मेरी लड़की की शादी अगर यहां पर नहीं हुई तो अपूगर ताल कर देगा वो तो मेरे पिता जी सचे श्री गांधी प
05:51पुली स्टेशन पहुच जाओगे बादर सिंग बादर सिंग चल्दी करो मैं स्कूल के लिए देर हो रहा हूँ अब बेटा चिंटु जी आप मुझे बापु नहीं बुला सकते पहले पांच रुपे दो तु बाप को बाप बोलने के लिए पांच रुपे लेगा हवलदा
06:21ओ दूगे देख रहा है चालो हाँ ओ एद्धर ओ बैवाई बादर सिंग मुभारक हो आज तुम्हे नाही मांदारी और सची सेवा का फल मिल गया है तुम्हें कर लिए सिद्धत से कमिशनर साब की सेवा की उनके बच्चे को स्कूल पहुचाया उनके घर का काम किया यहा त
06:51जनाव ये तो जैकी जी का बड़पन है
06:54खाइर उन्होंने तुम्हें हर्ष नगर चौकी का इंचार्ज बना दिया
06:59पर लिए वपना सामान पैकर लो अगले हपते तुम्हें वहां कार्जभार समालना है
07:10जनाव वे से अल दे बेस्ट तैंक यू थैंक यू जनाव
07:15आजा, तू डर्मत हाँ, यह देख
07:29राजबीर, अब तो बता दे, तू मुझे यहाँ इतनी तूर यह अंधरी गुफा दिखाने के ले लाया है
07:44अरे, आज अमावस्या है, और अमावस्या के दिन, हर्सनगर के लोग यहाँ पर ही भैंज बातते हैं, बस उस भैंज को खोल कर ले जाते हैं, और शहर में बिज दालते हैं, यहाँ क्यों बातते हैं, अरे, अंधरी विश्वासी है, उनको लगता है कि इस गाहों में डंक पि�
08:14लगता को इस लोगा ने, जए जए
08:44प्रुड़ ने प्रुड़ तरूब कर दो, बात जए जए, जए जए मुवाँ है आजकी मुद्वासी है जए कर दो पिदो कि दो प्रूबाब के लोगता हैं, वुटब फोल एज जए जए जए, जए बाते हैं, बाते हैं, जए जए एलानों…
09:14लग्ता कुई है?
09:18क्यों जुट जुट जुट
09:44सुनिए
09:48इतनी राद गए इस सुन्सान जगे पर आप अकेली क्या कर रही है?
09:55छाखीर सिंखिया लावा, मुझे कोई हाथ नहीं लगा सकता
10:18अजय का अजय को तुट है
10:48सहाँ प्राइब वाराइब जुब की रखे से भाल बार प्राइब जुब को प्राहा प्राइब आर वारा प्राइबू
11:18कि रहन को अॉर दो किवा फिर थी को अॉर्ण को अॉर्ण
11:33युर्ण
11:40किया वा अॉर्ण
11:44कि शया ॉर्ण
11:46जह रहन
11:47लाउ लाउ भना नाइड़ लाउ जए अपार में जए अपो, हमादी लाउ
12:07मैं आपत्र लाउड़ चाली जर्डना कर दाँ लाउड़
12:11देखो जी मैं तो जन्ता का सेवक हूँ है जी तो इतना स्वागत सतकार करने की ज़रूरत नहीं है वैसे बड़ी मेरवानी आपकी है दरोगा सहब ये तो हमारी प्रथा है वैसे ये बली के बगरे को बली देने से पहले इसकी बहुत खाती दारी किया थी अब बली का बकरा मत
12:41ऑपानी जी आप क्या चारह थे वह दरोगा साहाए अब अरसल बात करती रहोगी चलो चलो बाय लोग धरोगा साहब थगे होना आराम करने दो चल्यो चल्यो चल्यों चल्यों बड़ी मेर्बानी जी आप यहां लाइन घटे इसके
13:11कि लगता है डंक पिशाचिनी की पृतिक्षा अब समाप्त हो गई
13:26इतनी रात को कहा जा रहे हो अब इतर तो ठीक से गाउं के रास्ते भी नहीं मालूं
13:40ओई गाउं के रास्ते ही तो पता गरने जा रहा हूं तो कब रहा मत मैं जल्दी वापिस आज हूँगा और सुन ठीक से दर्वाजा बंद करके सोईयो हाँ
13:49हाँ?
14:07आमरीक सेंग!
14:11आमरीक!
14:12आमरीक!
14:15आमरीक!
14:24आमरीक!
14:26आम!
14:27साम!
14:33– साम, साम! – आ, सलाम!
14:34जलाम
14:35पड़िए
14:36अपड़िए
14:45अच्छान
14:46आम
14:47याम
14:48आटिए
14:50एटिए
14:52खुआ
14:54आम
14:55पड़िए
14:56आम
14:58आम
15:00आम
15:01नियुर।
15:02याम
15:03याम
15:04याम
15:04प्ड़कन
15:05जो, बेवा कुछ
15:07साब, पूरे गाउं का तो चक्कल लगा लिया हमने, अब वापिस चलें?
15:32अब ये रस्ता कहा जाता है?
15:35साब, वहां पुरानी कुफा है, वहां कोई गाउंवाला नहीं जाता है साब
15:39अच्छा, और जहां कोई नहीं जाता है आपर चोर जाते हैं
15:43और अब पुलीस जाएगी
15:44चल
15:45मेरी बात मानो साब, वहां मध जाओ
15:47� क्यो?
15:48साब वहां बूत्ली है साब
15:51हुआ हुआ है
15:55सभड आप अहस क्यो रहे हो
15:57यह चोरों का साकलाजीकल प्राप प्राप गंडा है
16:03तेरी यह क्या सभड और तुझाल मैं संजाता हूं तुझे
16:08यह चोर जो है अक्सर गाउं में ऐसी सुंसार और फंडर जगा तुनते है
16:12और ये वाफ लादेते हैं, यह आपर फिंद रहते हैं, ताकि वो चूरी करने के बाद अराम से यहां पर रह सेटे हैं, रंजा
16:21चला जा
16:29वो यार, वो मेरा शक्स हही था, है?
16:33वो यह चोरो का अड़ा है, वो चोरो ने कमाल का अड़ा बनाया है, यार
16:41है, गाउं के बिच्चों बीच, कमाल है, कोई नहीं?
16:53साफ, वो साफ, लगता है कोई आ रहा है, साफ
16:57अवाज तो मुझे भी सुनाई दे रही है, पर वहीं दरा
17:00पर दिखाय नहीं दे रहा है, ऐसे करते हैं, हम भी उसको दिखाय नहीं देते हैं, जाड़ के चुप चाते हैं
17:05यह चुप चाते हैं, जाड़ के चुप चाते हैं, जाड़ के चाते हैं
17:35और मेरा शक जो है न, वो यकीन में मतल गया है, जो है चोरों का अड़ा है, जो देख एक चोरमी तो समने खड़ी है, तो ऐसा कर, तुना उदर से जा, और मैं इसको पिछे से जा के दोच लेता हूँ
18:05युई पर शक लेता है
18:35जो जो झाल
19:05और ये कौन है
19:09और मिजा
19:14कहा गई
19:18इस दिवार में ना गुप्त द्रवाजा है जो बटन के दबाने से खुलता और बंद होता है
19:35मोर्ख इंसान तीवार में ना तो कोई दर्वाजा है ना कोई बटन है अचुपकर तुने देखा नहीं है और और अधिवार के अंदर चली गी है
19:48बोदप्रेत दिवार के आरपार आ भी सकते है और जा भी सकते है
19:57मैं इस डंक पिशाचनी को बहुत समय से तुन रहा था आज ये मुझे मिलिये
20:02अच्छा एक बाद बता है तू इस वहरत को जानता है
20:07बहुत अच्छी तरह जानता हूँ ये तो उनका ही साथी लग रहा है बहुत बड़ा गैंग है
20:17हाँ तो ठीक है बापा जी एजा गड़ता पुली स्टेशन चलते हैं है वहीं पर बैठके ना बूद प्रेट मतलब तुमारे साथीं के बारे में बातचीत हो जाएगी ठीक है चलो पुली स्टेशन
20:29नाम क्या आपका जो मन मेर रख लो हम अगोर्यो का कोई नाम नहीं हो था अभाई लोग भी तो कुछ बलाते होंग ए क्या कहते है वो ए अभे ओ क्या ए पहराव नात
20:49हाँ, लिग भई, बैरवनाथ
20:52है सुन, मैं जरा गर जा रहा हूँ, तो इस पर नजर रखियो
20:57मगर जनाब, मैं
20:58अब अगर मैंने तेरे मुझ से अगर या मगर सुना ना
21:03तो मैं तेरे को सस्पेंट कर दूगा, समझ जाए?
21:05जी जनाब, मैं अगर जी
21:19यह पिशाच नाशक यंत्र है, आप मेरी तरफ से रख लीजिए, उपहार है
21:27अपने दुशुगन को उपहार दे के, शिरी गंदी की दिखा रहा है
21:36खेर, भई मेरे पिता जी, शिरी गंदी जी के बहुत बड़े पकत थे, इसलिए मैं इसे रख लेता हूँ
21:45दरोगा जी, अगर आप कल सुबह तक मुझ से पूश्थाच करने के लिए जीवित रहना चाहते हैं, तो इसे अपनी जेब में रख लीजिए
21:57हाँ, ठीक है, ठीक है, समझ गया है ना? जी
22:03हाँ
22:05हाँ
22:07हाँ
22:17हाँ
22:21हाँ
22:23हाँ
22:33हाँ
22:35हाँ
22:37हाँ
22:39हाँ
22:41हाँ
22:43हाँ
22:45हाँ
22:47हाँ
22:49हाँ
22:51हाँ
22:53तु वाराम से रहे बच्चों का ख्याल रखना
22:55वे शाब आगया मैं तुस्से बात बेबात करता हूँ
22:57सलाम साब
22:59मलूक चांद
23:01मलूक चांद
23:03मलूक चांद
23:05तु कल कहा था भई?
23:07साब, मैं अपने ससुराल गया हुआ था
23:09सस्फेंड कर दूँगा
23:11बिना पता है ससुराल गया था
23:13और यहां का काम कौन समालेगा
23:15चल भई देखे हो उस चूठे को
23:17आप बांद रहा है अब थे
23:19है
23:21है
23:23है
23:25है
23:27है
23:29है
23:31है
23:33है
23:35है
23:37है
23:39मेरा कोई साथी नहीं
23:41नहीं मैं कोई चोर उचक्का
23:43मुझे अपनी तपस्या के लिए
23:45डंक पिशाचनी की शक्तियों की जर्रोत थी
23:49और उसी का पिछा करते हुए
23:51मैं वह तक पहुचा
23:53कितनी सफाई से चूड़ बोल रहा है
23:55और कल रात मैं उस औरत को पकड़ने वाला था
23:59पर तुने चिला कर उसे साबधान कर दिया और वह पाक गई
24:03अब कर दो आपको नहीं
24:07शैतानी चुड़ेल है वह वह जो अपने प्रेमी तांकु जागीर सिंग की वापसी का इंतजार कर रही है
24:17कर रही है साब यह सच कह रहा है और खामोश है मैं कुछ सुनानी चाहता है
24:23मैं आज उस औरत को रात होने से पहली पकड़ लूगा वह मलूक चंद तुम यहीं पर रुको अमरीक सिंग तुमेरे साथ चल जी अगर तुम स्वयम ही
24:33है कि आत्व एक भात्तिया करने पर तुले हो को मैं भी कुछ नहीं कर सकता है जाओ
24:41है मरो नहीं तरो अभी तर्के लाता हूं उस लड़की को सम्झा चलो है
24:56चल बया मरीग तोड़ दोर दोर
25:01ओई शाष्ट, ओई फोसे!
25:22ओई देख़्ा? मैंने कहा जाना यहाँ पर रास्ता है?
25:26रुख जाट टार्च किते?
25:31ओई आध्यृआ एज चौरी नहीं है तो खुली भी है
25:41चल निकाली से
25:43सब थैज लिए आख कंकाली पालओ जिन्दा नियाँ
25:47चल अले आले आश आश आश चलाश
25:49और आश आश आश गृटमाल है ठीच कर दोड़ा
25:52ना दिखाव मुझे
25:54तेरे साफ सी कोन होगा सब रहा है तो जब है थाने लेकर चलते हैं जी सो लाट आपस में देए जी साफ यह आपके जीव में क्या च्मक रहा है यह यह यह यह यह
26:19को हो अ यार यह तो सबाबा ने दिया
26:23जरूरी वारा से मिला हुआ है हमारी सारी बाते सुन रही है वह तेरी थे
26:38चालब
26:44हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ तो हुआ हम अमरीक हो यह लाउट्स्पीकर टून अधो यार यह और जो है
26:52मैं नहीं च्राइब में खिला को भी है कि चुड़ैर की आवाज है साब
26:58हॉर चुड़ैर मैं
27:09में
27:15साब चुड़ैर यह दृत पर है
27:18और झोड़ैर नहीं है
27:20वह मुखोड़ा डाल गवे तरहने की कोशिश कह रही है
27:22ए इसाफ पर गरो मेडम जी अपने हाथ उपर हम साब अगे बड़ा बड़ी अपना नाइस गोगी पिछे अध्यक्त बदा आधिया अग्व मेडम जी चुप चाप एंड श्यानि हाथ उपर
27:39और यह निगा हाथ उपर
27:41थार श्यार्ट
27:52भुझ अर्फे रुछ जुझ उन्डेख भींधन जुझ भींधन जुझ जुझ जुझ जुझ जुझ जुझ जुझ जूब।
28:18साफ…
28:21साफ…
28:30पास…
28:31अगल…
28:32गंगा…
28:33गंगा…
28:34गंगा…
28:35जीसाँ…
28:39मनागिया साजाँने केले,
28:40मर्सुनोगे नहीं मेरी बातु.
28:42बढ़्याय इनिस्पेक्टर बनने.
28:43जुब्बुगार वे!
28:48अगल…
28:49वे!
28:50किया है?
28:51वे!
28:52वे!
28:53वे!
28:54सालाम भई!
28:55साफ मैं उस कंकाल को भिजवा दिया जहांचल के लिए
29:00और…
29:01और क्या?
29:02और…
29:04इसने मुझे…
29:07छोड़ दिया है!
29:08तू?
29:10वे!
29:11वामरीग!
29:13और नहीं तो क्या साफ…
29:14इन्हीं के दिये वे यंत्र के वज़े से तो आपके अर मेरी जिंदी की बच्छी है?
29:17वे!
29:18तुने बिल्कूल ठीक नहीं किया!
29:19तुझे तु मैं जाने नहीं किया!
29:21तुझे तु मैं जाने नहीं दूँगा!
29:22कुरांती!
29:23जहां मेरा सर्विस रवालवर ला!
29:24चुप चुप पड़े रहो!
29:25बना ऐसा रूप दिखाऊंगी ना?
29:27कि जिन्दे की भर याद रखोगी!
29:29और आप लोग अब जाएंगे!
29:31अबसे परिशान रखा है!
29:32इनको आराम करने दो!
29:33बाबजी!
29:34चलिए!
29:36वे!
29:54मैं जानता हूं
30:04कि तु अभी तक क्यों भटक रही है!
30:07तु चाहे तो मैं तेरी मदद करने को तयार हूं
30:11तेकिन उसके लिए तुझे अपनी श्रक्तियों का त्याग करना होगा!
30:16क्या जानता है?
30:24यही के तु ने अभी तक कुस नए दरोगा को क्यों नहीं मारा?
30:37मैं तेरी इस्तान तरी का नुस्थान में तेरी मदद करूगा!
30:43मैं इस दरोगा को समझाओगा के जागीर सिंह का नतीम संस्कार कर दें
30:50जागीर सिंह उस दरोगा को मार कर उसके शरीर में पर्वेश कर सकता है!
30:56हुआ है
31:08हाज हाज हाज हाज हाज है
31:38कि ये कंकाल सौ साल पुराना है तरी साब ये क्या बला है अब मुझे ग्या पता इसमें लिखा हुआ है और मैं इंस्पेक्टर हूँ डॉक्टर थोड़ी हूँ दरवगा जी
31:52मलूग चान अमरीक पकाड़ी से पकाड़ा डाल दे इसको अंतर हुआ
31:57साब बंद कर दिया अचा गया अचा गया अचा गया साब क्या है न मेरे ससुराल से कुछ लोग गया है इसलिए बीवी ने कहा है कि आज घर थोड़ा जल्दी आना ओ यार तेरे ससुराल
32:22चल ठीक है वरी से पजह तो कि अमरीक सिंग के जाजर चाड़ उस नकाल का अंतिम संद्चार कर दे ठीक है
32:30समगर फशी तंटो तो यंद्वराभ है तुम विख्ता भी ख़राव है तुम क्योंकर थे कंकाल का अंतिम संस्कार
32:41तुम तो थानेदार होना इस थाने के?
32:46ओ, शायद तुम्हें डर लग रहा है न?
32:51ओ, खामोश!
32:53ओ, मलुक शंद, यही पर रुख.
32:56मैं और अमरीक जागर उसका संसकार करके आते हैं.
32:59मुझे गलत मत समझना, पर तुम्हारे पती की जान खत्रे में है.
33:03इसलिए मेरी सलाहमानों और जितनी जल्दी हो सके, हार्शनगर छोड़कर चले जाओ.
33:10तुम मुझे डराने की कोशिश कर रही हो?
33:13नहीं. आज से सौ साल पहले, हार्शनगर में डाकू जागीर सिंग का आतंक था.
33:19पुलिस ने कई बार उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन हर बार वो बच निकलता था.
33:25एक काहों में ज़रूर उसकी मुझे रहूंगे?
33:27नहीं. उसकी प्रेमी का कजरी एक तांत्रिक थी.
33:31और तंत्र विद्या से वो पता लगा लेती थी, कि पुलिस ने क्या जाल मिचाया है.
33:45कजरी तंत्र साधना करके, डंक पिशाचनी की शक्तियों को पाना चाहती थी.
33:52और डंक पिशाचनी की शक्तियों को पाने के लिए, उसने 41 दिन के कठोर फृत का,
34:01संकल्प किया हूँ.
34:03मैंने 40 दिनों तक कठोर डंक पिशाचनी तपस्या करने का संकल्प किया हूँ.
34:13और मैं यह चाहती हूँ, कि तुम इन 41 दिन तक कोई टाका ना डालो.
34:25डंक पिशाचनी तपस्या?
34:31और उस तपस्या में तो सादक को अंत में अपने प्राणों की आहूती देनी पड़ती है.
34:40अगर तपस्या सफल हो जाए, तो सादक सादक नहीं रहता है.
34:47और कि खुद एक विशाच बन जाता है.
34:50पिशाच बन जाता है.
34:59पिशाच नहीं, शक्ति शाली बन जाता है.
35:05हमारे लिए तंत्र सादना करना बहुत आवशक है.
35:10इससे मिली शक्तियों के प्राप्ध होते ही,
35:14मैं अपनी मृत्यों को वश्मे कर सकती हूँ.
35:18और किसी भी आत्मा को एक शरीर देकर जीवन देने में सक्षम हो सकती हूँ.
35:26इस सादना के बाद,
35:27मैं अपने रिष्टे को नाम देना चाहती हूँ.
35:34मैं तुमसे विवाह करना चाहती हूँ.
35:43तुम मुझसे वादा करो,
35:45कि तुम इन 41 दिन तक,
35:49कोई डाका नहीं डालोगे.
35:52पुलीस तुमारे पीछे कुत्तों की तरह पड़ी रहती है.
35:55मैं नहीं जाती,
35:59कि मेरे पीछे तुम्हे कोई हानी पहुँचाए.
36:02मैं तुमसे वाइदा करता हूँ.
36:05पर डाकु जागेर सिंह ने कजरी के बात नहीं मानी.
36:11उसने नगर सेट के घर डाका डाला,
36:14और पुलीस की गोली का शिकार हुआ.
36:16कजरी जब तंत्र सात्मा से बाहर आई,
36:19तो उसे जागेर सिंह की मौत की खबर मिली,
36:22और वो गुसे से पागल हो गई.
36:25करना आई पत्र हुआ क्याए्स.
36:48Oh no!
36:51और उसके बास से वो यही कर रही है इस गाउं में आने वाले हर दरोगा को वो मार देती है
37:16जिस दिन दंक पिशाचनी को एक उप्यूक्त शरीर मिल जाएगा उस दिन वो जागीर सिंकी आत्मा को उसे फिर से जिन्दा कर देगी
37:26और लोग कहते हैं कि अभी तक उसने जागीर सिंकी शरीर का अंतिम संस्कार भी नहीं किया है
37:37और जिस दिन उसे जागीर सिंकी आत्मा के लिए एक उप्यूक्त शरीर मिल जाएगा
37:44उस दिन वो उसके द्वारा जागीर सिंक के शरीर का अंतिम संस्कार करवा कर जागीर
37:52तिंकी आत्मा को उसका शरीर प्रदान करवा देगी ओ यार अमरीक यार हमें यह तो पता नहीं है कि यह कंकाल हिंदू का है यह मुसल्मान का हुआ तो हम कहीं से जलाना दें तो बड़ा तरम संकट में फास गया हूं यार यह हिंदू था
38:22द जला थोजरे तुम्हें यारा यह मादा सब्सजान करना स необход कर दो एक दो हुए से था छोशी है क्योंसेथए तुम्हारी मदद करना चाहता हूं
38:38कि तुम्हें इस धरम संकट से निकालने आयों अपर तुम कैसे कह सकते हो कि यह हिंदू ही था क्योंकि मैं जानता हूं कि यह हिंदू ही था आज से सौ साल पहले एक दरोगा ने इस धाकूप जागीर सिंग को जान से मार दिया था
38:55कि तब से इसकी प्रेमी का इसकी प्रतिक्षा कर रही है कि दरोगा जी नेक काम करो जल्दी से इसका अंतिम संसकार कर दो ताकि दो प्रेमियों का मिलन जल्दी से जल्दी हो सके
39:11सोच क्या रहे हो दरोगा जी तुम सरकारी आदमी हो और ये काम भी सरकारी है ओ ठीक है यार मान लेते हैं तेरी बात
39:41कर suspicion ये जो इवकर शर्जी बच्ट plac आब मान लेसे जो पर चानन één सौ़ कर दांवे झाल अकानल अ I
39:58पल्दी खास, कर देक शनksomिध कर पहँकर आप खर kayak कर तो है का इनक्न्यस, आख थक्यत्यां एकश्त रहाँ कर दूहें की कई
40:04मैंने अपना वाइदा पूरा किया
40:34अब तुम अपना वाइदा पूरा करो
41:05टुम अपना वाइदा पूरा कै
41:30मैं कब से समय का इंतिजार कर रही थी
41:38अब हमारा मिलन होने से कोई नहीं जोग सकते
42:00चर जो बोältबra, �र शहालो Bowlृ
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