00:00सावन के महने में कावर यात्रा एक अस्वमेध यग की तरह होता है कहा जाता है कि जो भी सावन यात्रा भक्त करते हैं उनकी हर मनोकामना पूरी होती है
00:11ऐसे ही एक भक्त सावन के महने में देवघर पहुचे और वह पूरे शहर वास्यों के लिए आकर्शन का कैंदर बने
00:17दरसल कुलकुत्ता के रिश्टरा सहर के रहने वाले आकाश रावत ने गंगाजल के साथ साथ डेड़ साल की बेटी को भी कावर में टांग कर सुल्तान गंज से देवघर तक 105 किलूमेटर का सफर तै किया
00:31आकाश रावत ने बताया कि उनकी साथी होने के बाद कई वर्षों तक उन्हें संतान प्राप्ती नहीं हो रही थी
00:39इसके बाद उन्हें भगवान भोलेनात के बैदनात धाम में पहुँचकर यह मननत मांगी कि उनकी सूनी गोद भर दी जाएगी तो वो अपने उलाद को कावर में लेकर जलावी से करने पहुचेंगे
00:50भगवान भोलेनात से प्रातना करने के बाद आकास रावत की मुरादें पूरी हो गई और उनके घर में एक लक्ष्मी रूपी बेटी ने पैदाली
00:57खुसी को जाहिर करने के लिए परिवार बालों ने यह तै किया कि वह सुल्तान गन से अपने कावर में जल भर कर और एक तरफ बेटी को रख कर देवघर तक का सफर तै करेंगे
01:09परिवार के लोगों ने बताया कि इस बारिश में नगी बच्ची को लेकर अना लिष्टिक रूप दे एक चुर्णती की लेकिन सुरक्षा का विशेश क्याम लगते हुए जहां भी मौसम खडाब होता था
01:23वहां पर बच्ची को बचाने के लिए चाया का उप्योद करते थे और फिर तीन दिन में सभी परिवार के लोगों ने प्रावर यात्रा को पुदा किया है
01:33एक सो पांच किरूमित इस चक्षपर में अकासरावत के साथ-साथ-उनके सभी भाईयें ने भी सावर को उखाने में सभी लोगों ने लिंग कर भगवान भुलेनात के दर्वार में इस्टरावी मिला के दौरान के तरह के बढ़ते हैं
02:00लेकिन जिस तरह से देट साल कि पची को इनके सभी लिए परिवार कावर्या आपना है
02:06वें इन अधाना इन बतलाता है
02:09Oh
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