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  • 7 months ago
झारखंड का हाल बारिश से बेहाल है. आलम ऐसा है कि पठन और पाठन तक मजबूरी हो गयी है.

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00:00शरकार के विकास के दावों की पोल खोलती एक ऐसी रिपोर्ट हम आपको कोडर्मा से दिखाएंगे जो आपको यह सोचने पर मजबूर कर देगी की गाउं गाउं तक विकास का दावा जो सरकार करती है उसके दावों में कितना दम है
00:17जिस उफंती नदी से ये तीन लोग बीच से पार कर रहे हैं दरसल तीनो एक स्कूल के सिचक है और जिस नदी को ये लोग पार कर रहे हैं उस नदी का नाम बिंदा है
00:31लेकिन अब आपको लग रहा होगा कि ये तीनों सिच्छक जान जोखी में डाल कर भला इस लबालब भरे नदी को पार करके जा कहा रहे हैं
00:42तो आपको हम बता दे कि ये तीनों सिच्छक सैक्ड़ों बच्चों को पढ़ाने के लिए कुरर्मा पर्खण के जर की इस्थित उतकर्मित मत बिद्याले जा रहे हैं क्योंकि इस बिद्याले का रास्ता इसी नदी से पार कर जाना होता है
00:58बारिस के मौसम में जहां चार महीने इस बिंदाहा नदी में थोड़ी सी भी बारिस होने के बाद पानी लवालब भर जाता है और इसी हालत में सिच्छकों को इसकूल जाना पढ़ता है
01:11अपने कपड़े को मोड़कर या बैग में रखकर हाथ में चपल लेकर ये तीनों सी छक इसी तरह से नदी पार कर जहर की गाओं पहुंचते हैं और गाओं इस्थीत स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं
01:26मैं इस विद्याले में लगवक दस साल से कार्यत हूं हम तीन सिक्षक हैं हमारे विद्याले का जो पोशक छेत्र है वो जर्की सफा खिड़किया और विशनपूर है
01:49ये विद्याले अती दुर्गम और पाहड छेत्र में बशा हुआ है
01:56प्रशावत का लगभग चार महीने हम लोग
02:05कि विद्याले संचालन में एक बहुत बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है
02:09पूरा जो गाओं है वो विद्याले तक पहुँचने के लिए हमें लगभग अठाई किलो मिटर तक पैदल चलना पड़ता है चुकि उतनी लंबी नदी है बशाद के दिनों में पूरा जो नदी है पूरा जो गाओं है टापों में तब्दिल हो जाता है जब नदी में पा
02:39यूवक सहयो करते हैं नदी के पानी के बीच से एक यूवक के कम गहराई वाले बताय राश्तों पर चल कर सिचक नदी पार करते हैं बाद में यूवकों की मदद से सिचकों को बाइच से नदी पार करवाया जाता है समझ सकते हैं कि बशाद के दिनों में
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03:26can be used.
03:56Pursasana se nadipar pul banane ki guhar lagai hai
04:26We are going to study the river and study the river.
04:30We are going to study the river and then we will go to the river and then we will write the river.
04:35We are going to make a lot of noise here and we will make a pool.
04:39When the river comes to our village, there is a lot of water.
04:45There is so much water coming, so our teachers are not able to study the river.
04:50They come to study the river.
04:52They are going to study the river.
04:58In our village, we are not able to study the river.
05:02We are not able to study the river.
05:04They come to the river.
05:06When the river comes to the river, there is a lot of water.
05:10People cannot reach the river and the river cannot reach the river.
05:15They are not able to reach the river.
05:18We are going to study the river.
05:24but he told me that the DPR is ready to prepare for the pool and that he doesn't have any trouble with any of the people who don't have any trouble
05:34so this is the purpose of the Prakhan Prasasan.
05:40We have been in the past few weeks. We have been consulting with the ma'am and the ma'am.
05:48foreign
06:00foreign
06:06foreign
06:12foreign
06:16ुपंति नदी पार करने की यह तस्वीरे विकास के दावों की पोल खोलती नजर आती है इटीवी भारत के लिए कुडर्मा से भोला संकर सिंग
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