00:00मंगलम भगवाने विष्टनों, मंगलम गरुन धोजा, मंगलम पुंडरी काक्छो, मंगला ये तनुहरी, प्यारे मित्रों जे शियाराम, जे माता दी
00:07मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं, स्रामन माश में मंगला गवरी का पामन, वरत और पूजन क्यों महत्त पूर्ण बताया गया है, इसी विषय पे करेंगे चर्चा
00:20तो स्रामन माश में मंगला गवरी व्रत बिवाहित महिलाओं और कुमारी कन्याओं के द्वारा माता पारवती अर्थात मंगला गवरी की पूजा एक महत्पून व्रत बताया गया है।
00:36यह व्रत पती की दीर घायू के लिए शुखी बयवाहि की जीवन के लिए और अच्छे वर्व को प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
01:02को प्राप्त करने के लिए माता पारवती का आशिर बात प्राप्त करती हैं और उनके जीवन में शुख की प्राप्ति हो ऐसी मासे प्रार्थना करती हैं शंतान हिन दंपत्य भी इस व्रत को करने से सुख की प्राप्ति करते हैं तो पूजा विधी क्या है इश्टनान करना है
01:32इसके साथ ही घर के अंदर ही भगवान गणेश माता गवरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करके पूजा करना है, स्रंगार की समस्त प्रकार की सूला प्रकार की स्रंगार की वस्तुएं होती हैं, जैसे की लाल चुनरी, चूडी, बिंदी, मिहंदी, भोग और भगवान श्
02:02कत्र करनी है और इसके बाद में मंगला गौरी की व्रत की पावन कथा को भी आपको शुनना है आरती करना है आरती के बाद में आपको प्रशाद इत्याद चड़ाना है दान के रूप में क्या करना है बोले ब्रत के दान के बाद में ब्रत जब आप कर रहे हैं तो व्रत के बा
02:32यह ब्रत पांच शालता लगातार करना चाहिए, पांच वर्षों तक लगातार इस ब्रत को करना चाहिए, इस ब्रत के दावरान बोले नमक का शेवन नहीं करना चाहिए, मातागोरी को लाल रंग अत्यदिक प्री है, इसलिए लाल रंग की वस्तुओं का प्रयोग करें, और �
03:02के साथ आप इस पावन वरत को करें अधित जानकारी चाहते हैं तो आप शंपर कर सकते हैं मैं पुना मिलता हूं नए वीडियो में तब तक के लिए दीज़े जाज़ा जैमातादी जैमा गंगे
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