00:00कावर चला काशी के नाथ के द्वार
00:04हर हर महादेव की गूँज अपार
00:09वक्तों की टोली में जोश अपार
00:14भोले के दर पे लगे जैकार
00:18सिर्फे जल दिल में अर्मा
00:21चरणों में हो शिव कागान
00:23पगपग पर मिलती है च्छाया
00:26भोले की छवी जैसे हो माया
00:28गंगा का जल उठाया है
00:33काशी के नाथ को चड़ाया है
00:38कावर चला काशी के नाथ के द्वार
00:42हर हर महादेव की गूँज अपार
00:47ना था कावट ना कोई रोना
00:50हर कावणिया खुद मेश वोना
00:52पग में छाले फिर भी मुस्कान
00:55कावड मन में बगावान
00:57भक्ती की राहा में चलता जाए
01:02हर हर का नारा गूँज उठाए
01:07कावर चला काशी के नाथ के द्वार
01:11हर हर महादेव की गूँज अपार
01:16काशी वो भूमी है मोक्ष जहां
01:25काशी वो भूमी है मोक्ष जहां
01:38स्वय विश्वनाथ का वास जहां
01:40घाटों पे गूँजे शंक की तान
01:43दमरु में बजता जीवन विधान
01:45जिन के दर्शन से पाप मिटे
01:49भोले नाथ सब कर्म सहे
01:55कावर चला काशी के नाथ के द्वार
01:59हर हर महादेव की गूँज अपार
02:04त्रिनेत्र जिन का जले अंगार
02:26भस्म रमाई देह अपार
02:28डमरु की था पे थमे ब्रह्मान नंदी
02:31सुने वो रुदर का चंद
02:33भक्तों की भीड जब जै बोले
02:37कावर से शिव की शक्ति डोले
02:42कावर चला काशी के नाथ के द्वार
02:47हर हर महादेव की गूँज अपार
02:52शिव के चर्णों में जल चड़ाया
02:55पापों का गंगा जल बहाया
02:57मन शांत आत्मा भी पावन
03:00कावर या अब हुआ सावन
03:02कर पा करो है भोले नाथ
03:06रहे ये भक्ती हर एक सांस
03:11कावर चला काशी के नाथ के द्वार
03:16हर हर महादेव की गूँज अपार
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