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  • 1 year ago
बिहार के रमेश यादव की कहानी 'चक दे इंडिया' से कहीं अधिक प्रेरणादायी है. कम संसाधन में एक गांव को 'बॉक्सिंग हब' बना दिया है.

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04:17महज 8000 रुपए की सैलरी में 19 मेडल जिताने वाले रमेश यादम ने साबित कर दिया है कि जुनून और समर्पन के आगे संसाधनों की कमी माइने नहीं रखती
04:31ऐसे में अब जरुवत इस बात की है कि राजसरकार न किवल उभरते खिलाडियों को बहतर संसाधन मोहया कराए बलकि ऐसे शारिक शिक्षकों को भी सम्मान जनक तौनख़ा दी जाए
04:46ETV भारत के लिए भोजपूर से आलोक कुमार भारती की रिपोर्ट
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