00:00एक सुन्दर सफेब भूरी गाय एक गहरे गढ़े के किनारे पर खड़ी है।
00:05गढ़े में नुकीले, चमकते हुए लोहे के काटे लगे हुए है।
00:09आस्मान गुलाबी सुनहरा है और हलकी हवा चल रही है।
00:13गाय धीरे-धीरे गढ़े की ओर देख रही है।
00:16उपर अर्भी में लिखा आता है, अल्लाह माना, अल्लाह हमारे साथ है।
00:22अचानक गाय का पाउं फिसलता है और वो गढ़े में गिरने लगती है।
00:27उसकी आँखों में डर साफ जलकता है, सब कुछ स्लो मोशन में होता है, धूल उड़ती है और गढ़े में मौजूद काटे डरावने लगते हैं।
00:36अर्बी में टेक्स्ट उभरता है, या रब्बा रहमतक, ए रब, तेरी रहमत।
01:06ये क्या है?
01:08एकदम से सीन में सफेद और लाल सूट पहने हुए रेस्क्यू टीम के लोग आते हैं।
01:13उनके हाथ में हाई प्रेशर वाटर होज होते हैं।
01:16वे खून से लथपत गाए पर पानी की तेज धार छोड़ते हैं।
01:19धुन्ध और पानी की बूंदों से माहौल साफ होता है।
01:23गाए के शरीर से खून हटता है और उसके नीचे की असली तवचा चमकती है।
01:27टेक्स्ट आता है अशिफा मिन अल्लाह।
01:30शिफा सिर्फ अल्लाह से मिलती है।
01:33अंतिम द्रिश्चे में गाए एकदम साफ सुथरी।
01:37और फिर से वैसी ही मासूम दिख रही है जैसी पहले थी।
01:41उसके पास रेस्क्यू टीम के लोग खड़े हैं।
01:43कोई उसे गले लगा रहा है।
01:45कोई उसके सिर को सहला रहा है।
01:47सूरज की किरने एक सुनहरे प्रकाश में सबको ढंक लेती हैं।
01:51अर्भी टेक्स्ट आता है
01:53अलहम्दुलिल्लाह आलस सलामा।
01:55सलामती के लिए अलहम्दुलिल्लाह।
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