00:00उस्मान अपनी चोटी सी दुकान में खड़ा है, जो व्यस्त बाजार में इमानदारी का प्रतीक है.
00:06एक गरीब महिला उस्मान के पास जाती है, कुछ सस्ती चीजें मांगती है.
00:11उस्मान उसकी मदद करता है और उसे कम कीमत पर सामान देता है.
00:15ठका हुआ व्यापारी अपनी दुकान में प्रवेश करता है, मसालों और पुरानी लकड़ी की खुश्बू हवा में भर जाती है.
00:23उस्मान इंतजार करता है. चुपचाप खड़ा है जब व्यापारी बोलता है. उस्मान, मुझे आपसे सोने के सिक्कों के उस बैग के बारे में पूछना है, जो मैंने अपनी यात्रा से पहले यहाँ छोड़ा था.
00:35उस्मान बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब देता है, जरूर सर, यह रहा, मैंने इसे आपके लिए सुरक्षित रखा.
00:43व्यापारी उस्मान एक आश्चर यजनक घोषना करते हैं, उस्मान दुकान के आधे मालिक बन जाएंगे.
00:50व्यापारी उस्मान घोशना करते हैं
00:52इसलाम हमें सिखाता है कि भरो से मंध होना विश्वास का हिस्सा है और आपने इसका अभ्यास किया है
01:00उस्मान खुशी से कहते हैं जो कोई भी अल्लाह के आदेशों का पालन करेगा वह इस दुनिया और उसके बाद में सफलता प्राप्त करेगा
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