00:00रत का पहिया कीचण में धास चुका था। कर्ण निहशस्त्र थे। गायल थे। लेकिन अर्जुन का वान तन चुका था। कर्ण ने कहा धर्म के अनुसार युद्ध करो। मुझे तयार होने दो।
00:16श्री कृष्ण बोले। जब अभिमन्यू निहशस्त्र था। तब किस धर्म का पालन किया गया था कर्ण। कर्ण समझ चुके थे। अब समय पूरा हो चुका था। उन्होंने सिर्जुका लिया। और अर्जुन ने बान छोड़ दिया। कर्ण वीरगती को प्राप्त हुए�
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