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  • 8 months ago
प्रेमानंद जी द्वारा जाने कैसे कपड़े नहीं पहनना चाहिए

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00:28और यह बाहर उच्छारण नहीं किया जाता, यह गुरू से लेकर अंदर ही अंदर जपा जाता है, जो आज लोग कीर्टन करते हैं, द्वादसाक्षर मंत्र, पंचाक्षरी मंत्र यह मंगल कारी है, भगवान के नाम का कीर्टन मंगल कारी है, मंत्र उपानुशु या मानसिक �
00:58इन सब का कीर्टन किया जाता है, यह बुद्धी ब्रष्ट करने वाला कार्य है, यह समस्ते हैं अच्छा होता है, नहीं, यह माराच जी हमारे हाँ एक मंदिर इसमें 24 घंटे मंत्र होता है, उससे वो लगे होते हैं ना, वो यह सब नहीं, और वो सब को बुला के पूरे गा
01:28इसको उतार करें, राधे राधे दोस्तों, तो दोस्तों, जैसा कि अभी आप सुन रहे थे, कि मंत्र, मंत्र जाप और मंत्र लिखे हुए वस्त्र हमें धारन करने चाहिए या नहीं,
01:49तो पुज्य श्री प्रेमानंजी ने बहुत ही सरल और अच्छे डंग से हमें ये बताया, कि जो वैदिक मंत्र होते हैं, वो अगर किसी वस्त्र पर लिखे हुए तो उन्हें हमें धारन नहीं करना चाहिए, वो अमंगल कारी होते हैं, क्योंकि मंत्र जो है, वो बोल कर भी �
02:19भजन कीरतन में ही जपना होता है, और दूसरा, जो हम पंचाक्ष्री मंत्र या दोदाक्ष्री मंत्र इनको हम बोल बोल कर जपते हैं, या भजन कीरतन में मंत्रों को बोला जाता है, वो भी अमंगल कारी होता है, क्योंकि मंत्र जो हैं, उन्हें अंदर ही अंदर जपा जात
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02:58RADHE RADHE
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