00:00ये पिछले 100-200 साल में ये बहुत बढ़ी है चीज, कि जिन्दगी तुमने तब जी जब तुम्हें कई-कई तरीके के अनुभव हुए, जब तुमने गहरे समूद में गोता लगाया, जब तुम्हारे 8-10 इस्तरी पुरुशों से संबंध बने, जब तुम चांद पे होके आ
00:30ये पहना नहीं तो तुम जीवन कहां जीए, पीछे ही रह गए तुम, अपने ही ज़रा पुराने लगों को देखो गए, तो उनमें अनुभव को लेकर के ऐसी कोई खोजली नहीं थी, जहां प्यास बुछ जाए, वहां ठहर जाओ, अनुभव के इतने पिपासों मत रहो, �