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  • 6/23/2025
Part- 03 सुरक्षा की अपांरपरिक धारणा (POL--समकालीन विश्व राजनीति--7--समकालीन विश्व में सुरक्षा)

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00:00:00अई अज तो एफिव लोग समकाली ने पॉरक्षा क्यांगे बढ़ाव पर हैं कि स्वरक्सा के अपरंपरागत खत्रों की चर्चा करेंगे
00:00:16जैसा कि आप सबी जानते हैं, हमने सुरक्षा के खत्रों को दो भागों में डिवाइड किया है, एक सुरक्षा के परंपरागत खत्रे, यानि कि सुरक्षा की परंपरागत धारना, एक सुरक्षा की अपरंपरागत धारना, हम सुरक्षा की परंपरागत धारना को पूरा कर च
00:00:46पर चलते हुए किसी दुर्गतना से खत्रा है तो वो खत्रा आप खत्रे की अव्धाड़ना के अंतरगत नहीं रखेंगे बलकि ज़ेंद्री मुल्यों को खत्रा आएगा जिसका मतलब है एक राष्टर की संप्रभूता एक राष्टर की एक्था और अखंड़ता एक राष्�
00:01:16हैं जब हम सुरक्षा को एक बड़े इस्तर पर देख रहे हैं तो सुरक्षा की प्रंपरागत धारणा के अंतरगत जहां हम
00:01:24ने देखा कि प्राचीन काल से वर्तमान समय तक सुरक्षा के लिए बाहरी खत्रे बहुत जादा जिम्मेदार रहे हैं
00:01:34आंतरिक खत्रे वर्तमान समय के अंतरगत उत्पन हुए हैं हलांकि पुराने समय में भी एक देश ऐसे कही खत्रों से
00:01:45गुजरता था जिसके अंतरगत हम कहें कि मान लीजे आंतरिक अलगावाद की स्थिती है आंतरिक ग्रहयुद्द की स्थिती है लेकिन बहुत कम रही है ज्यादातर बाहरी खत्रों से ही खत्रा रहा है और जब हम अप रंपरागत धारना को पढ़ेंगे तो हम यह देखेंगे क
00:02:15जो दूसरे देशों से कही नहीं अपनी सुरक्षा को लेकर चिलते हैं लेकिन इसे बड़े खत्रे वर्तमान समय में जो भर करके आया है वह है आतंकवार गरीवी अलगावाद मानवाधीकारों का उलंगान वैश्विक महामारिया यह वो खत्रे हैं जो वर्तमान समय में न�
00:02:45ऐसे सामना कर सकते हैं स्केल करते हैं आज की स्कलास को स्टार्ट अच के आपरंपरिक हत्रे वर्तमान समय जो धार कि अरही है
00:03:05हम उसे प्रमपरागत धाड़ना में रखते हैं और अब प्रमपरागत धाड़ना में बरतमान समय का मतलब है लगबग 1950 के बाद का जो समय है और वैसे दिशयस रूप से आप देखेंगे कि जो नए खत्रे उत्पन हुए है वो तो 1990 के दशक में उत्पन हुए है उसके बाद �
00:03:35तो इसका मतलब एक 1990 के दशक के बाद से इस धार्णा में बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है
00:03:42कि सुरक्षा की अब पार्मपरिक धार्णा से सेन्य खत्रों से संबद नहीं है
00:03:46देखें स्कार्टिंग की लाइन में ये बात बहुत प्लियर हो गई है कि वहां सेन्य खत्रों से ही संबद नहीं है
00:03:51क्योंकि जब हम सेन्य खत्रों की बात करते हैं तो सेन्य खत्रों का संबद वो के रूप से किस से रहा है
00:03:58पारंपरिक धारणा क्योंकि प्राचीन काल से लेकर के और आधुनी काल तक देशों के बीच में लगातार संगर्स रहे हैं और युद्धों से खत्रा सबसे अधिक रहा है
00:04:18इसमें मानदी अस्तित्मों पर चोड करने वाले व्यापक खत्रों और आसंकाओं को सामिल किया गया व्यापक का मतलब होता है बड़े बड़े खत्रों को सामिल किया गया है उन आकांक्षाओं को सामिल किया गया है जो खत्रे बन सकती है इसी कारण सुरक्षा की आप आरंपर
00:04:48आपके पास परंपरगत धारणा भी होगी और दो आप्शन आपको और भी किसी भी प्रकार के दिये जा सकते हैं उसमें से आपको रखना है अपारंपरगत धारणा जिसका संबन है मानुता की सुरक्षा से जैने कि वर्टमान समय में बाकी सारे सुरक्षाइं एक तरफ हो ग�
00:05:18जनता जनावधन की सुरक्षा को राज्यों की सुरक्षा से बढ़कर माना गया है एक राज्य सुरक्षित है या नहीं है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन उस राज्य में रहने वाली जो जनता है वो जनता सुरक्षित होनी चाहिए जनता जनावधन की सुरक्षा को
00:05:48एक अपरंपरा गधारना होगी दो कोई भी option हो सकते हैं तो फिर आपको अपरंपरा गधारना की तरफ जाना होगा
00:05:55मानुता की सुरक्षा और राज्य की सुरक्षा एक दूसरे के पूरक होने चाहिए और अक्सर होते भी हैं
00:06:01जब हम राज्य की सुरक्षा की बात करते हैं, तो मतलब उस राज्य में रहने वाली मानुता की सुरक्षा है, और जब हम मानुता की सुरक्षा की बात करते हैं, तो जिस जगे के वो मनुश्य है, जिस जगे के वो नागरिक है, उस राज्य की सुरक्षा से भी होना चाहिए, �
00:06:31आप ईहां पर अग्जाम्पल ले सकते हैं जैसे अफगानिस्तान के अलावा आप लॉर्थ-पूरिया ले सकते हैं
00:06:46इसका उत्तरपूरिया जिसे कहेंगे हूं
00:06:50कि मयनमार भी ले सकते हैं कि यह वो देशें जहां पर जनता आश्युनुक्षित है
00:06:59जंता और सुरक्षित है क्यों जंता सुरक्षित है क्योंकि अँए क्योंकि य॥ॉ आफगानिस्तान में ंटानिबान सान्हों की उसका सांह वही देते हैं कि लोगतंत्रिक जीवन नहीं जी
00:07:23मतलब एक वर्तमान समय में हम जो मानवादिकारों की बात करते हैं वो दुनिया के बाकी दूसके देशों में तो हमें फिर भी सुरक्षित दिखाई देती हैं बट यहां इन देशों के अंदर वो मानवादिकार हमें सुरक्षित दिखाई नहीं देते हैं
00:07:36लेकिन सुरक्षित राज्य का मतलब हमेशा सुरक्षित जनता नहीं होती, नागरिकों को विदेशी हमले से बचाना भले ही उनकी सुरक्षा की जरूरी शर्त हो, लेकिन इतना भर को परियाप नहीं माना जा सकता।
00:07:52देखे एक देश केवल जनता को बाहरी सुरक्षा प्रदान कर देए और हम कहें कि वहां की जनता सुरक्षित है तो यह परियाप्त नहीं है, उस देश में भुक्मरी भी हो सकती है, उस देश में असिक्षा भी हो सकती है, गरी भी हो सकती है, मानवादिकार असुरक्षित भी ह
00:08:22हम इसे मांद़िये सुरक्षा कहेंगे नहीं कहेंगे तो इस च 대해서 कर्टव के और इतना नहीं होता
00:08:29कि वह दुसरे डेश चाई Что रहे हैं अपनी जनता को वे कर दान करें, बल्क हर प्रकार की
00:08:36सुरक्षा परदान करें यह एक राज्य का कृतमफिय हूता है।
00:08:39है सचाई है कि पिछ़ने सोवर्सों में जितने
00:08:42लोग विदेसी सेना के हाथ हॉ तो मारे गए उससे
00:08:45कई जाधा लोग खुद अपनी सरकारों के हाथों मौत
00:08:49का सी खाले अगरम पिंचने सो वर्सों का आखना दिका
00:08:52निकाले तो जो मौते हुई है वो पूसरे देशों के आत्रमन से को कम हुई है क्योंकि युद्ध बहुत कम हुए है
00:09:01ज्यादा मौते हुई है उस देश की सरकार की अकार्य कुशलता की वज़े से या फिर वहां उने वाले दंगे फसाद हिंसा उपद्रव ग्रहयुत यह वो घटनाय है जो एक देश के अंदर गटित होती है और उनकी सरकारी घटनाओं को रोकने में जब असक्सम असफल रहती ह
00:09:31वो अपनी ही देश की असफलता की वज़े से हुई है मानुता की सुरक्षा के सभी कारोकार मानते हैं कि इसका प्रात्मिक लक्षे व्यक्तियों की सुरक्षा है जो भी मानुता की सुरक्षा की बात करते हैं वो यह कहते हैं कि सबसे पहला लक्षे क्या है प्रात्मिक लक्�
00:10:01क�然后减 गया तो पार कि शेज़ हो सकते हैं वहां के लोगों को पीने करें सवच्छ जल में रहां वो भी खत्रा है वहां के लोग पुस्ट्री भूजन नहीं कर पा
00:10:08पार हैं वो भी खत्रा है दूजरु एक हिस्सक्राइए परियांसंतre से जूंज रहे हैं वो
00:10:18वो भी खत्रा है जा करते हैं अभी इस पर है एक राइ डियक्त नहीं की जलए आने चाहिए
00:10:41कि मानुता की सुरक्षा कि संकीन मानुता की सुरक्षा कि अगर संकीन अर्थ लेने वाले पैरोकारों की बात करें संकीन अर्थ का मतलब होता है जो इसका सौट मिनिंग निकालते हैं सुक्षमार्थ निकालते हैं संकीन अर्थ लेने वाले पैरोकारों का जूर व्यक्तियों को
00:11:11संकीर्ण का मतलब क्या है जिसकी सोज सुक्ष्म जो जादा दूर तक जाकर ना सोचे है उसे हम संकीर्ण कहते हैं और यह जो धारना है यह केवल किस से खून खराबे से सुरक्षा की बात कर रही है
00:11:27मतलब एक देश के लादरिक जो है वो खून खराबे से बचने चाहिए मनुष्य की खून खराबे से सुरक्षा
00:11:43यह संकीर्ण नर्थ है यह संयुत राष्ट्रसंग के बूद्पुरों महासचिव कौफी अनन के सब्दों में कहें तो ऐसे प्यारोकारों का आश्य होता है व्यक्तियों और समुदायों को अंद्रूनी खून खराबे से बचाना
00:11:58कि यह जो हमारे संयुत राष्ट्रसंग के महासचिव रह चुके है कौफी अनन के सब्दों में कहें तो ऐसे प्यारोकारों का आश्य है
00:12:18यानि कि यह कौफी अननन नहीं कह रहे हैं यह कौफी अननन इन लोगों के बारे में कह रहे हैं जो संकिन अर्थ देते हैं उनके बारे में कहते हुए खुद कौफी अननन ने भी कहा है कि व्यक्तियों और समुदायों को अंद्रों में खून खराबे से बचाना
00:12:34कि ये सबसे पहला का जब हम सुरक्षा की बात करते हैं कि वह वर्थमान समय में मनुस्य को सुरक्षा प्रदान करें तो किस से सुरक्षा प्रदान करें?
00:12:49और इसी आशे में सहिंतु रास्टसंग के महासचीव कौफिय अनान ने ये कहा है कि जो लोग मानव सुरक्षा के संकीर नार्थ को देते हैं, उनका आशे है मनुस्य को खून खराबे से बचाना।
00:13:05विश्वे आपनी खत्रे जैसे वैस्विक ताप पुरती जिसको हम ग्लोबल वार्मिंग कहकर के पुकारते हैं, अंतराश्ट्री आतंकवात, एड्स तथा बढ़्ट फ्रू जैसे महामारियों के मद्दे नजार, 1990 के दसक में विश्व सुरक्षा की धारणा उबरी, अब सी�
00:13:35किन कार्णों से उभरी, तो यह है वो समस्या है, जिनकी वज़े से मरुष्य की सुरक्षा की धारणा का जन्पा, जिसमें आप आतंकवात को रख सकते हैं, आतंकवात का जन्प ऐसे तो सध्यों पूरा ने हो चुका था, शद्यों पूर्व हो चुका था, जब कुछ ऐसे �
00:14:05जिसे हम आतंगवाद कहकर पोकारते हैं जिसका लक्ष अपनी राजनितिक महत्वकांख्षाउं को पूरा करने के लिए
00:14:13बॉम ब्लास्ट करना है, प्लेन आईजेक करना है, बेड़बार वाली जगों पर बंबिस्पोर्ट करना है
00:14:21इस प्रकार के मनसुबों को लेकर के बरतमान समय में जो आतंगी घटनाएं घटित होती है, ऐसे आतंग क्यों कजन उन्निस्टो नम्वे के दसक्षे माना जाता है
00:14:33याद होगा आपको, जब सोवयत संग में उनिस्टो नियासी में अफगानिस्तान में अपनी सेना भेजी थी, 1970 लाइग, उसे सार का अफगान में हस्तक्षे जब हुआ था, तो इसके अगेंस्ट,
00:15:03इसके विरोध में, इसके विरोध में, USA, अमेरिका ने, अफगानिस्तान में,
00:15:20अफगानिस्तान को चौट पर में अफगान लिक रहा हूं, अफगान में,
00:15:24लोकल जुहां के इस्थानिय लोग थे, इस्थानिय लोगों को खत्यार व आर्थिक सहियोग प्रदान किया,
00:15:50और आतंकवाद को जन्म दिया, आतंकवाद को जन्म दिया, अब आप ही सोच रहोंगे कि आतंकवाद ही कैसे बन गए फिर,
00:16:08जिसको उन तालिबान आतंकवाद कहकर पुकारते हैं, इसका जन्म दाता USA है, जब USSR ने अपनी सैना अफगानिस्तान में भेजी,
00:16:19और USA के कहने पद भी उसने अपनी सैना नहीं अठेगी, तो USA को ऐसा लगने लगा,
00:16:26कि USA साथ अपनी मनमानी रोक नहीं रहा है, कैसे रोका जाए उसको, डारेक्ट पर युद्ध करना USA भी नहीं चाहता था,
00:16:38इनके अमेरिका भी नहीं चाहता था कि वो सोवेज संग के साथ सीथा युद्ध करें, अब सोवेज संग को कैसे कमजोर किया जाए, उसको जवाब कैसे दिया जाए, तो इसके अंतरकती यह नहीं चाल थी, जश्में कि वहीं के लोगों को हतियार और आर्थिक मदद दी ग�
00:17:08पेगिन इंदस वर्सों में, वहाँ पर एक संगठन धयार हो गया था, जो पहले अपने देश के आजादी के लिए लड़ रहा था, जिसकों अमेरिका मदद कर रहा था, और अब अमेरिका ने जब मदद बंद कर दी, तो उसने एक तरह से आतन की दरस्टिकोन अपना लिया
00:17:38इसलाम के जो कट्टल रूर होते हैं, उन नियमों को लागू किया गया, जिसका पूरे विश्व समुदाय में विरोध भी किया, और 2001 में अमेरिका ने अपनी सेना को अफगानिस्तान में भेजते हुए इस तालिबान सासन कांत किया और लोगतांत्रिक सरकार की स्थाथ में
00:18:08वहाँ पर प्रटक्शन दे रही थी अफगानिस्तान को, और जैसे ही अमेरिकान के आर्मी ने वहाँ से अपने कदम वापस पीछे की शेयर था, तो अमेरिका बुलाई गई सेना, वहाँ पर तालिबान ने एक बार फिर से अपना सासन इसका पित कर लिया, तो यह तालिबा
00:18:38यह जो वैश्विक ताप वरदी है, यह पता पहला कि काफी पहले चल गया था, 1970 के आसपास जो 1970 का दशक था, उस समय ही यह दिरे दिरे अंतरास्ते इस्तर पर खबरे आना लगी थी, रिसर्च के अकॉर्डिग, कि हमारी उजुन परत को नुक्शान पहुच रहा है, लेकि
00:19:08हमें रखा गया इस बात को, कि हमें भूता पुरदी से बचना है, हमें उजौन को बचाना है, हमें परियावर्म के संकट से लड़ना है, तो यह गठना भी 1990 के दशक्की है, बड़ी-बड़ी जो महामारियां है, अलगी वो महामारियां भी हमारे हितिहास से जुड़ी भी �
00:19:38बड़ फ्लू की बात करें, हल ही में COVID-19 की बात करें, तो यह वो बिमारियां हैं जिनके पीछे लोगों का एक दूसरे से जुड़ाव कारण बनता है, परियेटन उद्धियों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर परियेटकों का जाना, व्यापार के माद, व्यापार के उ�
00:20:08एक देश से दूसरे देश की तरफ होना, जहां man to man, यानि कि इंसान का इंसान से आमना सामना होता है, और एक देश से दूसरे देश में प्रवेश होता है, वहाँ इस प्रकार की बीमारियां बढ़ती है, और यह सब कुछ भी 1990 के बात में वैस्वी करम के साथ ही बहुत त�
00:20:38इस देश की सेना कर सकती है, महामारी का सामना उस देश की सेना नहीं कर सकती है, भूत आप व्रद्धी, यानि कि वैस्वीक तापमान में जो व्रद्धी हो रही है, एक देश चाह करके भी उसको नहीं रोक सकता है, दुनिया में जो गरीबी है, जो असिक्षा है,
00:21:08लेने वेि दस भी देश सकता किला नहीं लग aur iki असी समस्याओं का सामना अक्यले जब नहीं कर सकते तो यहाँ कों जorm लेता है और वह दरस्टीकॉन
00:21:23सरक्षा का द्रस्टी को मिल जूपार विश्व के सभी देशों को इस प्रकार की समस्याओं के सामना करना हो कि ग्यां
00:21:32ऐसा भी हो सकता है कि इन इस्तितियों में किसी एक देश को इन समस्यों की मार बाकियों की अपरिक्सा ज्यादा जीलने पड़े
00:21:39अब देखे कोविड-19 बहुत करेंट एक्जामपल है हमारे सामने
00:21:44कोविड-19 जिसका जन्म चीन में हुआ
00:21:47दुनिया के दूसरे देशों में भी फैला दुनिया के सबी देशों को बराबर तो उसकी मार नहीं जेलनी पड़ी
00:21:55कुछ देशों में कुछ ज्यादा ही कहर बरसाया कोविड ने जसमें लाखो लोगों की जान गई तो कुछ देशों में ये मौतों का आकड़ा कम रहा है
00:22:06कि जो आर्थिक मुक्षान भूपता है वो पूरी दुनिया न भूपता है क्योंकि जब व्यापार मानिज्य पर फरतिबंद लग गया जब एक दूसरे के आवागमन पर फरतिबंद लगाए गया तो इससे नुख्षान तो बहुत हुआ कहते हैं कि दो विश्व युद्धों
00:22:36कि देश में इस प्रकार की बिमारिया जैसे बड़ फ्लू की बात करें इसकी बात करें वह दूसरे दूसरे देशों के अपेट सा ज्यादा घातक हो सकती है ज्यादा रुपसान पहुंचाने वाली हो सकती है उदारण के रेस्विक तापुरदी से अगर समुद्र तल दो मी
00:23:06देश का मतलब है बड़े बड़े बर्फ के पहाड है जो कि उत्रियों दुरूह पर वसी होय तो जहां पर जन सुन्यता है जहां इंसान नहीं रहते हैं और वहां अगर गर्मी पढ़ती तेज होती है तो वहां का जो बर्फ पिगलता है वह गलेशियस जो पिगलते हैं वह �
00:23:36बहुत बड़े बड़े हैं एक देश इतना वड़ा बिए ग्लेशेयर हो सकता है अगर इतना भांग्र वávelके अथर एक और रएक आंदर आएका तो
00:23:43पाकट कर लेवर उपर उठेगा और ऑड़ पानी इसी तरह उपर उठा और दो मीटर आ जाता है पांगर ये
00:23:50तो आप देख सकते हैं, बांगला देश का 20% हिस्सा डूप सकता है, 20% पार्ट ओफ बांगला देश को तो नुक्षान हुआ, लेकिन दूसरों को तो नहीं हुआ, दूसरों को भी होगा, अभी हम आगे कुछ और देशों के भी बात करेंगे, बट पूरे विश्व को तो बना
00:24:20बंगला देश जो की अरपसागर में, हिंद महासागर में इस्तित है, वही उसके मीचे की तरफ जाएं तो उसे लंका इस्तित है, और उसके और ज्यादा हम पूरब की तरफ जाएं, तो आपको मालदीव दिखेगा, यह जो देश हैं, वो सारी क्या हैं, समुदर की सीमाउं
00:24:50आप रहे हैं, यह तो कुछ देशों के याद रहे हैं, और बहुत बहुत देशों को इसे लुक्सान कोचे, चुकि इन समस्याओं की प्रकर्टी रह्षिविक्ष हैं, इसलिए अंतरास्तु यह सरी हो, अक्या प्रपूर हो जाता है, पर इसे हासमी करना है, मैंने बताया आ�
00:25:20सामुजी कि प्रक्षा का समूजी कि यहनिकि सभी देश, वुरा विष्व, विल खरकर ऐसे समस्याओं की सामना का।
00:25:32पूरा विश्यू निलकर समस्या का सामना करें
00:25:46हाला कि संभव 100% में इन्हें के सथी दोसों के अपने अपने अपने अपने इसनल इंट्रस्ट हो
00:25:52अपने अपने किसी के साथ अच्छे को किसी साथ बिले संभग हो
00:25:56दया है जो का इंट्री आएनों का हिएने चुए में अपने ॥ा ऩट्री आपने आपने लिएयो
00:26:12अपने लोन को तक शुर्प्राइब था नि बिलॉल्यों को स हैको
00:26:18और यह इसी दे बनते हैं, कि विश्व सुरक्षा की जब बात आती है, सभी का सर्यों उभूश में अनेवारी हो जाता है।
00:26:33खत्रों के लाइस रोग क्याने देखे दो, आप सबसे पहले देखेंगे पातन को आती है।
00:26:39सुरक्षा की और पानुपरी धायरण की दो पानुटा की सुरक्षा और इसुरक्षा।
00:26:44यह तौनों सुरक्षा की संधर्पना खत्रों की बदल की प्रकटिक पर जूँदेते हैं।
00:26:48आतंगवाद इसमिक मुखबा, वक्मार समय को भलतर के जो अप्राव मुखबार दूँदेते हैं।
00:26:55आतंगवाद का आश्यों मिलाजवती खोट खराबे से हैं जो जान बूचकर और बिनना किसी कार्म के नाजरिकों को उपना मिशाना।
00:27:02आतंगवाद जब किसी तेस में हमला करता है, तो यह नहीं देखता है कि जो रोग वर रहे हैं लोग, इस धनके हैं।
00:27:11कौन अच्छे हैं, कौन बुरे हैं। किसको टांकेक करना और किसको बचाना आतंगवाद भी नहीं है।
00:27:20आतंगवाद ज़्यादा लोग मर सकें। उस जगरों चुनता है। ताकि जितने ज़्यादा लोग मरें, उतना ज़्यादा हामातार अधर अचेंगा।
00:27:31एक अचना साइट 2016 की है।
00:27:34I'm not sure about here.
00:27:37Pakistan में Islamabad, not Islamabad,
00:27:44Pakistan के ही, किसी एक स्कूल पर हमला किया गया था।
00:28:03पर चब हमला हुआ था तो उसके पीछे उपेश है कि जब छोटे बच्चों की मौता दूरी तो उनकी चीखें जो पूरी दूनिया और पूरे देश को लिए तो यह जो हमला हुआ था इस हमले में जो बच्चे मारे गए थे उनके पेरेंश ही केवल अजी घबरा है बनके प�
00:28:33किसी सम्मंदित की इंकम उनक्यों पूरेश ही होता है गुरिया पर उचान को उचान होचाना है और दर बिठाए जाता है और अच्छा बूरा कुछ भी नहीं देखा जाता है आतकवाद का आश्वे राजमितिक पूर्ण खराबे से थे जो जान बूच कर और बिना किसी कार
00:29:03यह पूरी म् Doctors हो रखो चान के आश्वiation देशों में को आतकवादी कैंप जहां आतकवादियों को पाला हुचा जा रहा है कि जहां आतकवादियों को प्रेंद किया जाता है और जहां कि सरकार दूस्ता आतकवाद जो वहां का अतकवादी संगर्ठन है यह जो ईकने में अक
00:29:33वो इन देशों में सबसे उपर नाम आता है हमारे पूचिदे से पाकिस्तान का
00:29:37जहां पर अनेक आतन की क्याम चलते हैं
00:29:40जहां पर पाकिस्तान की इंटलिजैस इजंसी
00:29:43इन आतनगवादी क्यारपों को मदद कल्पी उपडेशी बारत को कम्जोड राएं
00:29:49इन आतंगवादियों की मदद से घरत को किकना कम्जूर किया जा सकता है, ये कार्गे कुनिका उनकी उत्म से लेगता है।
00:29:56अंतरास्त्य आतंगवाद एक से ज़्यादा देशों में व्याप्त है और उसके निशाने कर तई देशों के नागरिक हैं, कोई गाजनितिक संभर्व या इस्तिती नापसंद हो तो आतंगवादियों उसे बल प्रयोग हत्वाद बल प्रयोग की धंकी देकर बदलना चाहिए
00:30:26जर्ण मानस को आतंतिक करने के लिए नागरिक को निशाना बनाया जाता है, आगह पर नागरिक के अशंतोषका इस्तमाल राष्ट्रीयर सरोकार अथ्वा संगर सों में सामिल अन्यकोच इस हिलाख पॉनादियों कि यह जाए कि निशाना बनाते सन्भा निशाना के समय हाम �
00:30:56जो कि अपरिस्तान में वहाँ जा करके उसको आज्यक कर लिया गया था रुकेम को, उसको भॉप फार रियों कर देखे और हर सरकार के साथ आतंगवादी गिलिम कर रहे हमार इतना आतंग कि आप जिलों को बैठे को छोड़िये, और फिर हम आपकी लोगों को छोड़ेंगे, �
00:31:26ऐसे में अगर उनको नहीं चुटवाते हैं, तो यहां की जनता, यहां की लोग जिनके अगस्तदार, किसी का बेटा, किसी का पिता, किसी का भाई, किसी का बहन, कुछ अरुपलेंगे बेठेंगे, जो कुछ समय इंतरस हैं, एक बहुत बड़े खत्रे का सामना कर रही हैं, �
00:31:56अगर ने हमले भारत पर कर दिये, कर चुकी होते हैं, या फिर उनके मास्ट माइट रूपलेंगे, ऐसा आतनकों को चोड़ना पता है, तो यह उनका प्रांगेट होता है, सरकार को, दराना, भुकाना, दाविकों को उप्रूपलेंगे ताविट किया गता है, इसे अगर आत
00:32:26पाजार या फिर हैसे ही अन्य जगों पर बॉंब ब्लास्ट करना करना है, जितने जाना लोग मरें हैं, जितनी जाना चीखें होते हैं, उतना जादा दर बैठेगा, आतनकवादियों का, लोगों के दिल और दिमाग को, सरकार को, यहीं कम अक्सब होता है, सन 2001 के 11 सितम पर क
00:32:56नहीं करता है, तेहिए यहां मला जहें, वह अपना आप में विशेस हमला हुचया है, जो यह कहता है कि हमारे हम पर सुक्षर मुछस्ता इपनीश गाउड है, परिप्ता की पर तीमास है, उसे जाने की परमिशन लेने की दिल लेंगे है, वहां पर आतनकियों के दॉा एक द
00:33:26कि चारों विमानों को चार अलग अब तार्गेट देगें तो गटना की 9-11 के बारे में हम अधरी की वच्छे सुवाल एक्षेपल में बहुत यहराई से पढ़ चुपे यहां शौटनी हम पात करेंगे कि 9-11 का मतलब क्या है इसका मतलब है 11 सितम गया दो हजार एक यानि कि 11 �
00:33:5611 सितम पर 21 की बैठना है जब अमेरिका पर जब्या आतंकी हमला भूआ था तो युएस के तीन हजार नागरिक मारे में था इस इतना नागरिक
00:34:09अब्यान चेडा था उसके मातलि से आतंकीों को सबक जरूर सिखाया दो बट जो तर अमेरिका के लोगों के अधिन और दिमाग पर बैठा पर इस आतंकी हमने किल्वाद और अमेरिका के साथ साथ दुनिया की दूसरे देश को
00:34:35क्योंकि जिब अमेरिका के अर्गेट हो सकता है कि दुनिया की दूसरे देश को बहुत असुर्ग से वहां तो इतनी जना सेक्यूरिटी में कोई तने पाहूर्फूर कर गली भी भारत में तो नातिती है उन्हों को सालों कर जिए नहीं हमारी यहां पाइस दिन कभी किसी भी
00:35:05अर्गेटर मुदराय गुरियमन हाउस सिवाजी तर्विनागे स्किशन जाँ परातन की खुए आउं दोलिया चला रहे थे और हमारे इत्काम नहों सामार है नंगरिक होंके गुरियों का सिकार हो गए थे संसंद पर हमला जम्मू कश्मीर में राप अंधिर पर हमला चंधा
00:35:35और अतनक्यों इस दर्व को हमारों पर बठाने के कोशिस की है तो सन 2001 के 11 सिटम्मन को अतनक्यों अमेरिका के वल्ट्रेट सेंटर पर हमला पूला था वल्ट्रेट सेंटर मुख्य टार्गेट था इसके अलावा अमरी के संसंद की टार्गेट पर बहाबर भी हमला करना पक�
00:36:05बॉस्तर और दिखान देना को पर आतनक्यों को यह थे परिगठना नहीं हो उश्रहाद को में आतनक्यों कि अधिकांस गठना है मध्योपूरू आप लातिनी अमेरिका दक्षिन एसिया इन सबी देशों में काफी ज्यादा है दूसरा आता है मानवादीकार को तीन गोटिय
00:36:35लेकिन तीन कोटियां वानवाधिकार, विशेंट चल्चा की फुरुआती जा सकती रिपोर्टियों के आता है।
00:36:41इसमने के पहली दूसरी और किस रिपोर्टी कोट से है।
00:36:45पहली कोटी के अंतरगत हम रखते हैं राज़िती गतिकार।
00:36:48जैसे अभिवेक्ति और सभागर्मे के श्वतन गता है।
00:36:53यानि कि फॉलिटिकल राइट जिसको कहते है।
00:36:55राज़िती गतिकार को मिलना ही चाहिए।
00:36:59दूसरी कोटी के अंतरगत आथिकों सामाजी गतिकार आते हैं।
00:37:03बाइट फॉलिटिक गतिकारों के बार इुसरी कार्ण सामाजी गतिकार में।
00:37:07और तीसकी कोटी में आता है।
00:37:09उप्यवे सिक्रत जन्ता पतियो और मूल वा सिर्फ
00:37:23जन्ताश्वा झातियो और मूल बूल वासी अल्सरकतों होने लगतिता।
00:37:28अगुष्रा किसी एक देश है जिसकी बोशन के धर्भ जाती का प्रभुत्तु है वा अल्चन के पुपर दिखाए.
00:37:39तो हम तीन प्रकार के अधिकारों पहले में राजमिती का दिखा, दुश्रे में आर्थी में सामाजी का दिखा,
00:37:44ऐसी कोटी के अंदर उप्ली में शिकरउभ जन्ता के also talk to you
00:37:51बूलवासि 12 धियू को हम उस देस के कह सटे है कि
00:37:57कुस देस के जन्भां करते है जो संथिसे उस देस के उस गुब्भाग पर रहे जने
00:38:04बूलवासि का जलता था, जिसरे भारत ना हम रर थी
00:38:07आदिवाशियों को बुलवाशी कह सकते हैं, जिन्हें बारत में ST का नाम दिया गए, जिक्नों ट्रैजिक का नाम दिया गए, इनकी अधिकार, यह सारी जोने हो इस सित्र में, इन मीनुपोर्थियों में आते हैं, उनिस अभे के दसक से कुछ उपना हो, बसलद रवाणना में
00:38:37इन टिमोर में, इंडोनेशिया जेना का गथापार। तुमी इमोर में इंडोनेशिया नेटेक थे उसका भिकार करने के पुछ।
00:38:46श्रहित नास्ते नो को माद्वाधीकरों की धनल की सिस्टके में हंस्तक्सिप करना�ن चाहिए या नहीं करनाना चाहिए इह मुत्र इंपोर्टनगर करें
00:38:53जहां कहीं पर भी मारवाधिकारों का उलंगर पूरा हाँ, वहाँ U.N.O. हुष्टक से करे या ना करे यह वाद इंपोर्टन ना है।
00:39:01कुछ का परक है कि सेंतरांसर्ण का गोश्णापत्र अंतराश्ट्री विरांद्री को अधिकार देता है कि मारवाधिकारों की सुरुशा के नियुक्त परकार।
00:39:08यानि कि U.N.O. को कदम तो उठाना ही पड़ेगा, बिना U.N.O. के कदम उठाये वे ये काम नहीं पूसकता, ये कुछ नोगों का माता है।
00:39:17अंतरे का एक और शुरुत प्रैश्वित नियुक्ता है।
00:39:20विश्व की जनसेंख्या फिलहाल लगबर जो 760 करोर के आसपास है। और यहां आकड़ा 21 सताप्डी तक लगबर 1000 करोर हो जाएगा।
00:39:30फिलहाल विश्व की पुल जनसेंख्या मुरणी का 50 पी सदी यानि कि 50% जो है वो 6 देशों में रहते हैं।
00:39:38आरत, जीन, पाकिस्तान, नाइजीरिया, बंगा देशों में रहते हैं। इसका मतलब यह 6 देश सर्दादी जनसन के वाले देशों के सुचीना आते हैं।
00:39:53जहां जीन के बाद भारप का नंबर आता है। इसके बाल आप लिएखें।
00:39:56आगिस्तान, नाइजीरिया, बंगा देशों इनडिमेजिया जैसे निशिएं। जहां धेशन के बहुत बहुत है।
00:40:03इस वा इस थर्फड़ यह आसमानता उताविक गुलाड देशों को दकसुभु गुलाड देशों से अलग रदी है।
00:40:09तक्षिन गोलाट के देशों में उत्ता समानता अशी पासी नहीं है।
00:40:13यहां कुछ देशों ने आबादी के रखता प्रताव किया।
00:40:19और आए को बढ़ाने में सफल रहें।
00:40:21जब के पाकिते से असाम की पादी करता है।
00:40:23देखिए अगर आप कुछ दो गोलाटों माट लेते हैं।
00:40:27यह है आपका पुत्री गोलाट और यह है आपका दक्षिनी गोलाट तो इसमें से जो दक्षिनी गोलाट यहां पर गनीपी ज्यादा है।
00:40:46यहां पर 81 देश ज्यादा है।
00:40:5181 देश है। यहां असिक्षा भी है।
00:40:58यहां पर तर समानता भी है।
00:41:01अमीरों बेट की श्याद भी जाना है।
00:41:03जबकि उख्री गोलाट तो देश आपके है।
00:41:08और इमकी इस्तिति 81 देशों के अपक्षा अच्छी है।
00:41:13विष्ण का सर्राथ मान्चिक्र विष्ण के संघर्ष मान्चिक्र में लगभग।
00:41:20कर 심 위해 कृश्छी हम बढ़त कृवरभ पर दीस नें बढ़े कश्रा रिष्ण के संघर्ष में लोग शंघर्ष मोर हम अच्छीता होरे।
00:41:23ख़ोम के संघर्य।
00:41:27विष्ण के संघर्ष में मिल्ध कामने जोकानेऊए।
00:41:29अगर आप देखेंगे, लाकों लोग सरराथी बने किस कारण से यहां पर वित ज्यादा हुए, ससर्त्र संगत ज्यादा हुए, लोगों को अपने देश के चौनतर बूर समय ज्याना पड़ा हुए, उनिसो नप्या से, उनिसो पिंचानमे के भी संतर देशों के मत्युकुल त
00:41:59सास्गे, उसको हाँ, कि सीवियर, एक्टूट, रेस्पैरिरिट्फिशन निवरू केते है, सास्ग इसको केते है, जैसी महामार्या, इस कारण से करते है, नम रवास, नम रवास का ह sok अहrtla हुए, इक देश से गुछरे देश में जाकर रवास हुए, लया साट, आपट नि
00:42:29अगर चीन COVID-19 को अपने यहां पर रोग लिए था, तो दुनिया के पुर्षिटेशन में जूट करनता, ऐसा वो नहीं कर पाया तो दुनिया के सकीटेशी से क्रफ़ावी था
00:42:38जब COVID-19 पहला तो भारत ने कहीं वेक्षिन को दिया, क्यों कि पास पास जब COVID-19 रहेगा तभी तो भारत सुरक्षिप रहेगा, अब अपने आपको सुरक्षिप कर लेगा और पता चले कि COVID-19 अभी भी वेक्षिप्रेशों में पहला हुआ है, तो हम तो वैसे ही यह सुरक्ष
00:43:08Ebola Virus, Henta Virus, Hepatitis C जैसी कुछ नहीं महमार्य होगी हैं जिनके बारे पर जानकारी भी कुछ आस नहीं है, पीबी, Malalia, Neku Buka, Haiza, जैसी पुरानी महमार्यों ने ओश्यत्यक्रतिरोदत कर भार कर दिया, ओश्यत्यक्रतिरोदत का मतलब होता है, इन विमार्यों के मारे समीर के अं�
00:43:38कि अगर हम दबा लिते हैं इन बुमार्यों को ठीक करने के लिए, तो वाईरस चू कि पहले से ही तयार बैठे हैं इसे दबाउं समयने के लिए, वो उनको नोट्रल्म कर देते हैं, और हम ठीकी ने की नहीं पाते हैं, क्योंकि उनके लिए कुछ नई रिसर्ज की रुपाय �
00:44:08मुस्तफाव होते हैं, और इससे इनका उत्राम कट्रीन हो जाता है, जानवरों में ज़ा महमारी फैर्थी उसको पैल लेके दियोगी, मन उसको रोखने के लिए भारी मसकत करनी पड़ती है, उनके दशक के उत्रात के सालों में इंते हैं मेडिकव नामक निमारी है, मेडिक
00:44:38बड़ फ्रू के कारण कई गच्षरी ACI देशों को मुद्नियाग बंद करना पड़ा है, क्योंकि बड़ फ्रू जब पैलता है, तो यह जो पक्षी होते हैं, उनको सी कार बनाता है, और आप सबी जानते हैं कि यह जो गुर्ग उद्योग हैं, यह दुनिया के सबी देशों
00:45:08जो पी आसके और नहीं नुक्षान कोचा सकी है, इसमें इनके हयात नुद्यात को रोख दिया था तो जो बुटता है, तो लाप उत पर लोग का नुक्षान करता है, अग्ज स्रयोग मुलक शुरक्षा है, इस पर भी चर्चा कर लेते हैं, हमने देखा है कि शुरक्षा पर
00:45:38हमारा कारी शुरक्षा है, जिकन हमा�vale का से लोटो कोरा को अग्षान का बुरक्षा है, हमें नहीं पता था लोग जिसकात हो रहते हैं, इससी समस्या से सामने आ जाये, जब में हमारा दुश्मून दिखाई में लोट लटना होजाएं, आतकवाद से य podsाइद वी आथ
00:46:08अगर गड़ी से लड़ना है, तो यहां भी सेननेबल एक सीमा तक ही कालगर से दुगा है, लेकिन गड़ी मिठाने है, अगर गड़ी से लड़ना है, तो यहां भी सेननेबल एक सीमा तक ही कालगर से दुगा है, लेकिन गड़ी मिठाने है, अगर गड़ी से लड़ना है, तो �
00:46:38वहाँ मुल्य तात्रों की आपधूती बढा रहे हैं अब रवाशियों और स्वरणार्थियों की आवाजाही की प्रबंदत तथा महमादी के रेमचान वे तो सैन्य बल से क्या मदद पूढ़ा कि तिन शेत्रों में सैन्य बल क्या मदद हो सकता है
00:46:53अगर महामादी फैल रही है, मुस्त्मों की कीमते बढ़ रही है, सन्नार्थी एक देश से उसरे देश के बढ़ रही है, तो इसमा अबारा सैन्येबल क्या पर सिलता है।
00:47:03वस्तुतहँ ऐसे अधिकानस मामलों में सैन्येबल के बियोग से मामला और जानब बिगए जाता है, अगर बियोग देखाए।
00:47:10जादा परभाद यही होगा कि अंतराश्च्टियों सहयोग से रड़नीत्या पयार की जाए।
00:47:15यहां पर अंतरास पर सहयोग के आवरशप्ता पड़ती है, रण नीतिया नयाद करनी पड़ती है, विश्व स्वास्ति संगठल की से डबुएचो कहते हैं, उसले किसा निदेश जारी थी, सब देशों को समय समय पर आगाह किया गया, सभी देशों में मिलकर के इस महमारी का स
00:47:45सहयोग दिपक्सी दो देशों के बीश भी हो सकता है, सेत्री हो सकता है, महादेश भी हो सकता है, अथ्वा वैश्व की स्थर पर हो सकता है, यहां किस बाद पर निवर करेगा कि खत्रे की प्रकर्टी क्या है, अगर खत्रे की प्रकर्टी जाना पड़ी है, वैश्व की स्थ
00:48:15अगर हमें सामना घरता है,
00:48:29अंतराष्पुसवास्ती संगठन,
00:48:36दान दाता, सरस्ताय, चर्च, और धार्मिक संगठान, मजदूग संगठान, सामाधिक और लिकाज संगठान, वेवसाहिक संगठान, निगम तथा, जारीमारी अस्तियां, जैसे नलसन मंडेला, वदर टेरेसा, इतियाली, सबी शामिर होंगे, तब जाकर, अब ऐसी वैस्वि
00:49:06में यहां पर भेजा, देंगी, ऐसी विमारी पूर चल जाती है, बट इन सबसे बड़ी भारी विमारी तो हमारा सामना है, आ चुकी है, और उसे काफिक तक उबड़ी चुक है, और वो COVID-19 है, हमने देखा जब COVID-19 पूर दिनिया को प्रभावित कर रहा था, और जब लागो
00:49:36पर थे, चाहबूर स्वेक्ट राष्च्छ संग रहा हूं, वो चाहब इश्म स्वास्त के संगठन रहा हूं, आई एमेर्ट इसे, इंटरनेस्टी वर्ट रिफर्ट अंतरा, अंतरास्टी मुग्राकोष कहते है, उसने जब किसे उधरना था, तो कहीं देशों को आर्टिक म
00:50:06इसनल रेड़ कोस यह वो मानवादिकार से संबंदूर सुष्टाएं हैं, जो कि जहां-जहां दुनिया के अंदर मानवादिकारों को नुक्सान पहुंचता है, वहां पर यह अपना रोल प्ले करती है, उन्हों ने उस समय पर उनिका को और जाना बढ़ा दिया, रेड़ को
00:50:36वहां कि जो जो चलाने वाले होते हैं, उनके अपीर जब लोगों तक पॉमस्की है, और कई बार ऐसा होता है कि इन संब्सक्राइब के पास बहुत सारा पैसा भी होता है, जो कि समय समय पर दाज दाताओं की रूप में इनके पास मयावा होता है, वह पैसा भी मजद के रू
00:51:06के समय लोगों को जागरू करने के लिए कितने बड़े-बड़े फिन स्टार से अगवर्टाइजमेंट्स करवाया गया है, जो कि भारत के बड़े स्टार पहे जाते हैं, क्योंकि आवाज में, आवाज रिकॉर्ड करके आपके मुबाई फोन को आपको डेरी अप्लेट किय
00:51:36करें कि आपको बॉड़े से प्रश्ना ले लेते हैं क्योंकि अधिए यह चेक्टर रौपाला कंप्लीट होता है और किप्रा समय लगेगा इसमें निजसे कीज़ों को प्रश्ना करके लेते हैं सब आपको राच किस क्लास है
00:51:56सबसे पहले प्रश्टन आपके सामने का सस्त्र मियत्रम का अर्थ क्या है, सस्त्र मियत्रम के से लिए, सस्त्र मियत्रम का मतलब होता है, जो हमारे सस्त्र है, उनको कंट्रोल करना, नियत्रित करना, अब चार अप्सें में से कोंसा अप्सें आपके सामने सही होगा, ये है कु�
00:52:26कुछ हत्यारों को पोलती बला ल होता है, क्वेस ने फुर प्रतिबन लगाना, नहीं होसा है Popeyec ने इत्रम होगा थे बाढ़ा सन Dad
00:52:32कुछ हतियारों को बढ़ाना की नहीं हो से लगा है, तो कुछ हतियारों को सिमित करना यही है सस्त्र नियंत्र का सही अर्ड, सस्त्रों को नियंत्र ही करना, सस्त्रों को नियंत्र करने को जाना है, लिमिट ते करना उसकी, क्या आप सस्त्र अगर बना रहे हैं, उसको अत्पा�
00:53:02A. 1922, B. 1972, C. 1982, D. 1922.
00:53:09देखिए, यहां हम बात कर रहे हैं BWC.
00:53:12BWC
00:53:15जिसका हिंदी मार्क है जैगे घतियार सम्मेलर
00:53:18और इंग्लिस मार्क है बायोलोजिक है
00:53:24वेपर, वेपांस, कॉलमेंचर
00:53:32बायोजिकल वेपरन्स कॉलमेंचर जो था
00:53:36वो 1972, 1972 में आयूजित किया गया था
00:53:41और इसम्मेलर में एकसो पच्चपन गेशों ने खस्ताक्षे किये थे
00:53:51और उत्देश्य क्या था इसम्मेलर का
00:53:54जो जैविक हक्यारों, जैविक हक्यारों को निंत्रित कर रहे है
00:53:57जैविक हक्यार दुनिया के बहुत धातर हो सकते हैं, ये इस समय तक दुनिया को पता चल शुताना
00:54:03किसे लिए एक सम्मेलर आयूजित किया गया, और इसमें लगबग जो एकसो पच्चपन देश्ते औरों इमान लिया
00:54:11कि वास्तों कि जैविक हत्यार दुनिया के अधर के और उपन इन फ्रंट होना चाहते है
00:54:17जैविक हत्यार दुनिया के वास्तों कि जैविक हत्यार दुनिया के और उपन इन फ्रंट होना चाहते है
00:54:18तुझे में इस खेट काे कि है कि सावीख
00:54:22शुन्ड संदी गें फर्म संदी
00:54:26सामू � засाटेआ घरन संदी
00:54:30किसिन आपसकी घिसों को यह में आपको कि महत nome पता हो
00:54:33आपने के अमेक से जर्वा हम सकते है
00:54:36यहां इस्ट्रेटिसक
00:54:42को
00:54:44R for reduction
00:54:48और T for treaty
00:54:52Strategic arms
00:54:57Reduction treaty का मतलब क्या है
00:54:58जो आगे
00:55:01Strategic arms
00:55:02Radamitik Samir
00:55:04के जिनको कहा जाता है
00:55:05जो हत्यार है
00:55:06उन हत्यारों को reduct करना
00:55:08मतलब reduce करना
00:55:09घटाना और घटाने का मतलब क्या हो गया
00:55:12तो पस अब बाती ओप्शन कुछ होड़ दियो सीधा नूनी करण के तरफ चले जाए साम्रिक अधिया नूनी करण संगी जुआ है
00:55:21सी वही इसका से हुपतर है स्ट्रेटिजिक आम्स इंदेक्शन रेट रेट अगला प्रश्न क्या है प्रश्न है
00:55:31जाहिए है साम्रिक अस्ट्र मेर्थ है、 साम्रिक अस्ट्र परश्atyमान सथि उपतर आथि ऊद्दा है
00:55:46उस यह को नून देखेषे लोजाया को यह स्केतिक आउल्स
00:55:51एल्फूर होता है
00:56:03लिमिटेशन
00:56:04टॉक्स
00:56:12देखें यहां पर यह टॉक है
00:56:17टॉक्स का मतलब ना पांचिन करना
00:56:19बस यहां आते ही आपको पुटा चल जाएगा
00:56:23किसका अर्थ वारता है
00:56:26तो ना पर यहां अस्तर नियंतर है
00:56:28ना संदी है ना शूंक है वारता को चल जाए
00:56:30और इसमें जिसी सही आपका
00:56:32सामरिक अस्तर परिशीमन वारता
00:56:34स्क्रेटिसिक आम्स लिमिटेशन जो है
00:56:37सामरिक अस्तर परिशीमन वारता जिसको साल्थ कहा जाता है
00:56:48और यह संदी भी दो चलनों में संपर हुए थी
00:56:50Salt 1 and Salt 2
00:56:58संदी ऎमेरिका और USSR इसे के बीच में संपन होई थी
00:57:03तिए?
00:57:04अमेरिका वर त्सोवेत संदी
00:57:08तो संदी संपन होई थी टी
00:57:12इससे प्रकारसे जोसकायड है
00:57:16वह भी 2 चानव में 1 और 2 न होई थी
00:57:19और इसमें भी कौन-कौन थे USA वर USSR फूरत संथ और अमेरिका इन दौनों के बीच में दो चलनों में ये संधी संपन होई थी और दो ही चलनों में
00:57:33Salt 1 और Salt 2 के भी संधी इन बाउमों देशों के बीच में संपन होई थी
00:57:39प्रश्ण या भारत ने इन्पिट्टी पर हस्ताक्षर कणने से इनकार क्यों कर दिया था
00:57:49यह संधी प्रिद्भाव थी यह संधी नाटों के पख्षम थी
00:57:55सी यह संधी ज्वेस दुआरा सुरू की गे थी और इसने परमाणों हत्यारों कर उबंद लगा थी
00:58:05तो आपका सही उत्तर यहां पर क्या होगा, एनपीकी पर भरतना स्ताक्षन क्यों नहीं किये, तो यहां भेदभावपून शन्थी थी, और भेदभावपून का मतलब होता है, यहां यह भेद़ किया गया था,
00:58:19कि 1967 से पूर्व जिन हतियारों ने जिन देशों ने परमाणू हतियार
00:58:38जिन देशों ने परमाणू हतियार बना लिये है या परिक्षण कर लिया है या परिक्षण कर लिया है
00:59:03उनके अतिरिक्त अन्य देशों को अन्य देशों को परमाणू हतियार
00:59:24हाँ है कि वानहें अगlor है है कर प्रतिवंत है कि 1967 से पहली जिन जिन देशों में परमाणू हतियार
00:59:39बना लिये हैं वह तो प्रमाणू हतियार या परमाणू हतियार बना रखेऊंगे अगल नहीं बनाए है
00:59:46परमाणु सक्ति संपन नहीं होंगे और इस रेडियों में पांच देश शामिल थे जिन्होंने परमाणु हतियार बना रखे थे वो पांच देश कौन-कौन से थे
00:59:55यूके यहने की उन्यटेड किंडम, यूएसे सार, यहने की सोबेद संप, यूएसे यहने की सहित्राजी अमेरिका, फ्रांस और ची यह वो पांच देश थे जिनको तो परमाणु सक्ति संपन माल लिया गया और बाकी देशों को परमाणु हतियार राख्त करने से प्रतिबं�
01:00:25अज इस क्लास को कि यहीं समात्र करेंगे, हमाल इस इनली क्लास में, इसी चैप्टर से जो रहे कुछ बहत्तुन चीजें जो फूत गई है उसपर चर्चा करकें गए, हम कुछ और अजी बश्ती बातस्ति करेंगें, मुलकात अगे, लिए क्लास तक फिल, तम तक विल्याब

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