01:41अशो मकाय रूपय यांदक कमी एतील खाया है कमी यह वननाराजना
01:46जध्या शाव्ययस like 1,2 ,3 यह रिषच्ट किल्च कलुता काहा
01:54यंन। मुर्च इभा या शानवा इसे कामें?
01:59तोम्हेही ब्मिप्र्ण से ब्मिपा्व पूमाय लागता थी यह या शाय किल्या
02:04यह न उम्लादेर लाग भी लाग राने लांग वादा।
02:07तियारो पाला, हीदा क्यूलो मूधित अपंत्रा क्यूलो मूधित असा परक पता है यवड उजासते पढ़लाजा फटका तो मल जाला है?
02:16नई जाला है फटका मुझी काय बहरी जे आईज
02:19पुरो मस्मवई पाउस इत्का पडला कि भाता साथी उप्यूकता गिशें लगति ठोड़ा सा गुश्याधा लगति ठोड़ा से आर्दरत लगति थोड़ा थोड़ा पोकल पनाय लगतो।
02:49यह लोक दुड़वाफित काई आमचगड़ी शित्करी प्याडता, जनचगड़ भागाईदी शोय ने, पाने शोय ने, ते धुलवाफित प्या त्यान त्या नत्यत काईस करतालने,
02:56मतेचा वर लोकन दुड़वाफित काईस स्वादा की, यह थीकाणी अपने इत्रोली रोपाड़ी टाखतनों थो, आशी थोड़ी उंचवरची यह खाच्रेज, त्या थीकाणी रोपाड़ी टाक लेया, काही रोपाड़ी का अशाधिक त्यान वटले कि, यह किती ब्यान उ�
03:26अपात शम्दा रोप
03:55प्रश्णा मार्गी लागेला स्वाटते पाउस पडला तरही नुकसान अनी नाही पडला तरही नुकसान प्रिया हेश श्यत्कराण ची स्थिति पन यंदा रुपांची संक्या कमीज हाल यसली तरी बाताची लागवड पुर्णपनी होनार असले चा विश्वास मावत ताल