- 6/22/2025
राजशाही से इस्लामिक गणराज्य तक का सफर... देखें ईरान और 1979 क्रांति की अनसुनी कहानियां
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00:00मस्कार, स्वागत आपका आप देख रहें कहानी 2.0 आपके साथ हुमें नहाबार हूँ
00:20कभी फारस का महाशक्ती, कभी इस्लामी गड़ राजी और अब मध्यपूर की सबसे विवाद इत्ताकर
00:27इरान का इतिहास खुद में बदलाफ की कई परते समेटे हुए है
00:31एक दौर था जब फारस की सब्भिता, ज्यान, विज्यान और संस्कृती की मिसाल दी जाती थी
00:38लेकिन वक्त के साथ सत्ता बदली, इसलाम आया और फारस बन गया इरान
00:43आज का इरान एक तरफ सेने ताकर बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ आतिक प्रदिबंदों और कूटने तिक चुनौकियों से जूच रहा है
00:49कैसे फारस से इसलामी गड़ राज तक पहुचा इरान, कैसे एक शार्ट ताकर से तकराव का केंदर बन गया इरान
00:55आज का हानी में इरान के बदलते सफ़र की
00:59मध्यपूर का एक ऐसा देश जिसे पहले परश्या कहा गया और अब उसे इसलामीक रिपब्लिक आफ इरान कहते हैं
01:07इस देश का इतिहास विवादों से भरा है, लेकिन इरान हमेशा से एक संब्रिद्ध और विशिष्ट संस्कृति वाला देश रहा
01:14लेकिन इसलामीक रिपब्लिक इंदिनों तेल के लिए जाना जाता है, युद्ध के लिए सुर्खियों में है
01:20इसकी सीमा वेस्ट में इराक और तर्की से, नॉर्थ वेस्ट में अजर्बैजान और आर्मेनिया से, नॉर्थ में कैस्पियन सी और तुर्कमेनिस्तान से, इस्ट में अफगानिस्तान और पाकिस्तान से, और साउथ में ओमान गल्फ से लगती है
01:33इरान एक लाग चौसट वर किलो मीटर में फैला हुआ है जो इसे दुनिया का सतरवा सबसे बड़ा देश बनाता है
01:39इसके अलावा 86 मिलीन आबादी के साथ एरान दुन्या का 70 वा सबसे अधिक आबादी वाला देश भी है और इसके साथ ही मीडिलीस्ट में दूसरा सबसे बड़ा देश है
01:50तेherان यहां की राजधानी के साथ सबसे बड़ा शहर भी है
01:56शिया इसलाम यहां का आधिकारिक धर्म है
01:59अधिकान शाबादी अर्बी भाषा बोली जाती है
02:01जो देश की आधिकारिक भाषा भी है
02:04इरान एक ऐसा देश है जो हमेशा से विदेशी ताक्तों से लड़ता रहा
02:08आज कहानी उस इरान की जो इस्राइल के साथ एक पर फिर अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा
02:15आज जब भी इरान की चर्चा होती है तो सबसे पहले न्यूक्लियर विवाद, पश्वी देशों से तना तनी और इस्लामिक क्रांती की तस्वीरों भरती है
02:26लेकिन क्या आपके जानते हैं कि इरान की धर्ती पर हजारों साल पुरानी सभिता ने जन लिया था पर्जन सामराज्य
02:33दुनिया के सबसे ताकतवर सामराज्यों में शुमार हुआ करती थी
02:36कई समराटों ने इस इलाखे को विश्वितिहास में एक खास मकाम दिलाया
02:41और धीरे धीरे इरान की दिशा ही बदल देए
03:11का टिलागन सामरागन सामरा नेरे इसरादी जनाष्न जे türे जेघा है
03:24कि इत ख और पहला थैनलन इसरादी बदली कि दूलाई हास ही एसक्रादी
03:29कर रहा है ।ढ़ Oklahoma
03:33कर च॥मार कर द Э wide.
03:38मैं एक और प् longing, औरता कर उनहीए
03:41जन में प्रड़ा प्रेक्समाना प्रड़ा जूखने का जिल तर्ड़ा प्रूहरा है
04:04उन्समाना चाहिए, टर्ड़ा जब जाने अपरेटिम फिरेजिए जप विलाएगान प्रणता है
04:11झाल झाल झाल
04:41मद्डिपूर की फिजा एक बर्फिर बारूट से भर गई है
04:45इसराइल और ईरान की जंग अफसीधे तक्राव में बदल चुकी है
04:54अजल फिर तक्राई भोटर कि अपसीधे तक्राव में बदल शड सानज हम जबता कि सिरना भेज्सा तक्राव में बदल प्र साना थिर्व तक्राव में जबता लूटल
05:04इस्राइल पर इरान कमיסाईल अर्टून हम लहरे
05:34जवाब में इस्राइल के एरफोर्स इरान के ठिकानों को निशाना बना रही
05:59पश्यमेशिया में तीसरे विश्य युद्ध का सबसे बड़ा खत्रा मड़ा रहा है
06:04इस्राइल के लिए इरान उसकी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खत्रा है
06:12इरान अपने प्रॉक्सी ग्रूप्स, इजबुला, हमास और हूती विद्रोहियों के जरिये इस्राइल को चारू तरब से घेर रहा है
06:19और सिर्फ घेर ही नहीं रहा, लगातार एक हपते से खुट भी इस्राइल के अलग-अलग शहरों पर मिसाइलों की पारिश कर रहा है
06:27इरान राष्ट पर थोपे गए युद्ध के खिलाफ दर्टा से खड़ा है
06:50युद्ध थोपे जाने पर एरानी राष्ट किसी के सामने समर पर नहीं करेगा
06:54इरान का कहना है कि इस्राइल लगातार उसकी संप्रभुता पर हमला कर रहा है
07:00दोनों देशों के बीच दश्कों से तनाव था
07:03लेकिन अब जो हो रहा है वो एक खुले युद्ध की दिशा में इशारा कर रहा है
07:24लेकिन ये जंग सिर्फ आज की नहीं भरकी है
07:27इसके पीछे इरान का वो लंबा इतिहास है
07:30जिसमें सक्ता परिवर्तन, धर्म और वैश्विक राजनीती ने कई बार उबाल मारा है
07:36मध्धिपूरू का दिल, हजारों साल पुरानी सभ्यता का वारिस
07:45और आज की सबसे जटिल राजनीति कहानी का केम नाम है इरान
07:50आज जो जंग इरान और इस्राइल के बीच देख रहे हैं
07:56उसकी जड़ें सिर्फ आज की राजनीती में नहीं
07:59बलकि बीते सौ साल के अंदर उठे उन तूफानों में छिपी है जिन्होंने इरान की तस्वीर बदल दी
08:05बीसवी सदी की शुरुवात में इरान का नाम परशिया हुआ करता था
08:16परशिया पर काजार राजवन्ष का शासन था
08:19इतिहासकारों के मताबिक काजार राजवन्ष एक कमजोर और भरष्ट शाही सत्ता थी
08:25जिस पर विदेशी दाक्तों की छाया और छाप नजर आती थी
08:29रोस और बिटन इरान की राजनीती में सीधा दखल दे रहे थे
08:33जनता महगाई, घरिबी और अन्याई से तरस्त थी
08:37लोगों ने विद्रो किया तो 1906 में देश में पहली बार संबैधानी करांती हुई और संसत बनी
08:44जनता को लगा अब इरान में लोकतंत्र जणे जमाएगा
08:48लेकिन काजार शा की कमजोर नित्रुत शम्ता ने देश को और अस्थिर कर दिया
08:54चार जो थे जिनको काजार भी कहा जाता है
09:01वो एक पूरी मुनार्की थी और वो तकरीबा उनकी हकूमत इरान में 200 साल तक देए
09:10और ये एक तरह से कई लिहाज से ट्रांजियन्ट फेस भी था एरान में
09:17जो मीडिवल एस से एक ट्रांजिशन हो रहा था मौडन पीरिएट की तरह
09:24और उसमें हमने देखा कि कॉंसिचूशनल मुवमेंट चला
09:29और उस मौवमेंट के नतीजे में काचारी वंस जो था उसका जवाल हुआ
09:38परश्या में आस्थिरता के बीच 1921 में सेना के एक टीच तर्रारा अधिकारी रेजा खान ने तखता पलट किया
09:46पहले प्रधान मंत्री बने फिर 1925 में खुद को शाह घोशित कर दिया
09:51यहीं से शुरू हुआ परश्या में पहल वी राजवन्ष रेजा शाह ने 16 साल परश्या पर राज किया
10:04लेकिन जब तक इनका राज खत्म हुआ परश्या बदल चुका था
10:08साल 1935 में शाह ने परश्या का नाम बदल कर इरान कर दिया
10:13रेजा शाह ने देश को आधुनिक बनाने का सपना देखा और जर्मनी से नजदी कियां बढ़ने लगी
10:19दूसरे विश्विद के दौरान बिटेन और सोवियत रूस ने इरान पर हमला कर दिया
10:24रेजा शाह को जबरन सत्ता छोड़नी पड़ी और देश छोड़कर जाना पड़ा
10:29अब गद्दी संभाली उनके बेटे मुहमद रेजा पहलवी ने युवा शाह के सामने चुनावतियों का अमबार था
10:41देश के अंदर उठती राजनीतिक बेचैनी धार्मिक नेताओं का बरता प्रुहाव और अमेरिका बिटेन जैसे बाहरी दवाव
10:49यह जो थे रेजा शाह पहलवी तो यह एक आर्मी ओफीसर थे बुनियारी तोर पे
10:55और कुछ लोगों की मदद से जिसमें एक तबा तबाई थे और फिर फाइनली इनको प्राइम मिनिस्टर बना दिया गिया फिर कुछ दिनों में इनोंने एक दो साल के अंदर
11:091921 के आसपास खुद को इनोंने राजा घोशिक कर दिया
11:16दूसरी तरफ ये था कि वो कमाल अता तुर्क से बहुत मतासिर थे उनसे बहुत इंफ्लोएंस थे और कमाल अता तुर्क जो थे वो
11:27मॉडरनाईजेशन और विस्टरनाईजेशन ला रहे थे तर्की में वही उसी तर्ज पे रिजा शाह ने शुरू किया
11:39यही धौर था जब दुनिया में तेल की राजनीती इरान में गहराई से जणे जमाने लगी
11:47ब्रिटिश कमपनिया इरान के देल संसाधमा पर हावी हो गई
11:50लेकिन 1951 में एक बड़ा भुचाल आया
11:53मौमद रेजा पहलवी की छवी इरान में एक लिबरल नेता की थी
11:57वो बिटेन और अमेरिका के खास दोस्त थे
12:00और इस दोस्ती की वज़ती तेल
12:02वो इन्हें सस्ते दामों में तेल बेचते थे
12:05कुछ साल तो मौमद रेजा पहलवी ने गद्दी बचा कर रखी
12:08लेकिन 1950 का दशक उनके लिए चुनोतियों से भरा रहा
12:12मौमद मौसादिक के साथ सत्ता संखर शुरू हुआ
12:27मौसादिक इरानी राष्टवादी नेता थे
12:301951 में मौसादिक इरानी ओल इन्रस्टी का जनता को सच बताने लगे
12:35इस से जनता में उनका समर्थन बढ़ा मौसादिक की ताकत भी बढ़ी
12:391951 में वो इरान के पीम बन गए
12:42शाह को भी देश छोड़ कर भागना पड़ा
12:47पीम बनने के बाद मौसादिक ने एलान कर दिया
12:49अब इरान का तेल इरान का ही रहेगा
12:52तेल कमपनियों का राष्टी करन कर दिया गया
12:54लेकिन 1953 में अमेरिका और बिटेन ने मिलकर
12:58मौसादिक का तखता पालट कर दिया
13:001953 में अमीर की खूफिया एजनसी
13:10CIA और बिटिश खूफिया एजनसी की मदद से
13:13एक पर फिर से मौहमद रेजा पहलवी की सत्ता वापसी कराई गई
13:17मौसादिक के बदले जनरल फजलूला जहेदी को परधानमंत्री बनाया
13:21और रेजा शा पहलवी की इरान में परफिल सुप्रीम लीडर के तौर पर वापसी हुई
13:26यही वो पल था जिसने अमेरिका और इरान के रिष्टों की बुन्याद में
13:30हमेशा के लिए शक्त, नाराजगी और गुस्से का बीज बो दिया
13:34शा मुहमद रजा पहलवी ने पश्चिमी देशों के सहयोग से तेजी से आधुनी की करण की कोशिश की
13:47एक तरफ इरानी तेल का दोहन शुरू हुआ तो दूसरी ओर महिलाएं सरकों पर बिना परदे के निकलने लगी
13:53सिनेमा, फैशन और नई जीवन शैली तेजी से बढ़ी लेकिन लगातार तेल के दोहन से इरान की अर्थवस्था कमजोर होने लगी जन्ता में असंतोष बढ़ने लगा
14:041963 में इरान में सफीद करांती की शुरुवात हुई इसमें इरान के आधुन की करण की बात कही गई
14:16शा मोहमद रजा पहलवी धर्म और शासन को अलग रखने की बात करते थे
14:21हिजाब के विरोधी भी थे इसलिए धर्मिक नेताओं के निशाने पर रहने लगे
14:26इन ही धर्मिक नेताओं में से एक थे आयतुलार रोहनी खामेनी
14:31आयतुलार रोहला खुमेनी ने शाह की नीतियों के खिलाब जंडा बुलंद किया हुआ था
14:38धीरे धीरे रोहला खुमेनी को जनता की सहन उभूती मिली
14:42उनकी लोग प्रियता बढ़ी और जब शाह को अपनी कुर्सी पर खत्रा महसूस हुआ तो उन्होंने खुमेनी को देश निकाला दे दिया
14:49पहले इराक और फिर फ्रांस में उन्होंने समय बिताया इस दोरान उनके लेख और भाषण इरान पहुँचते रहे जिसके चलते शाह के खिला देश में माहौल बनता गया
14:59फरवरी 1989 में खुमेनी 14 साल बाद देश वापस लोटे देश लोटते ही उन्होंने जर्मत संग्रा करवाया और इसलामी गणतंत्र की स्थापना की
15:18उन्होंने खुद को सुप्रीम लीडर घोशित किया और बन गये आयतुला रोहुला खुमेनी
15:231989 में अब्दुल हसन बानी इसलामिक रिपबलिक इरान के पहले राष्टपती चुने गए
15:32इरान का ये सफर मह सत्ता परिवर्दन की कहानी नहीं
15:36ये एक सभ्यता की लडाई है धार्मी कटरता, कोटनीती खेल, आर्थिक संघर्ष और टकरावों का वो इतिहास है
15:44जिसने मध्यपूर के नक्षे को ही धिलाग कर रख दिया था
15:48बीस्वी सदी में इरान ने फिर करवट ली है
16:04पश्चिमी देशों का प्रभाव बढ़ा है
16:06अमेरिका और भिटर ने मिलकर इरान के लोकतांत्रिक प्रदान्मंती मोहमद मुसद्दिक की सदकार किरा दी
16:12सत्ता शाह मोहमद रजा पहलवी के हाथ में आई
16:16जिसने अमेरिका के इशारे पर इरान को एक पश्चमी मॉडल में ढालने की कोशिश की
16:21लेकिन यही बदला एक बड़े जन्वे द्रोकी नीव बन गया
16:241989 की इसलामिक प्रांसी के बाद आयातुल्ला खुमैनी की अगवाई में इरान एक इसलामिक गड़ाज बन गया
16:30महिलाओं पर सक्त मियम लाग हुए शरीयत कानून आया और पश्चम के साथ रिष्टे पुरी तरीके से बदल गया
16:3720वी सदी की सबसे बड़ी क्रांतियों में से एक 1989 की इरानी इसलामिक क्रांती और इस क्रांती के केंदर में था
17:07एक चेहरा एक नाम आयतुला रुहला खुमैनी
17:11एक धर्म गुरू जिसने ना केवल सत्ता पल्टी बलकि पूरे राष्ट के आत्मा और संविधान को बदल कर रख दिया
17:21खुमैनी की वापसी सिर्फ एक राजनिती खटना नहीं थी वो एक वैचारिक तूफान की वापसी थी
17:27शा मुहमद रिजा पहलवी की पश्मी शैली की हुकुमत जिसमें फैशन आधुनिक्ता और अमीर की नीतियों का बोल बाला था
17:35आयतुला रूहला खुमैनी के लोड़ते ही इतिहास बन चुकी थी
17:39आयतुला खुमैनी ने सत्ता में आते ही इरान को इसलामिक रिपबलिक घोशित कर दिया
17:56अब देश की हर नीती हर कानून हर विचार इसलामी उसुलों के तहत तैह होना था
18:02खुमैनी ने लोकतंत्र और धर्म के बीच एक नया मौडल पेश किया
18:06विलायत ए फकी यानि इसलामी विद्वान की सर्वोच्चता
18:10इसका मतलब था कि कोई भी राष्टपती, संसद या संस्था सब खुमैनी के आदेश के अधीन रहेंगे
18:17उन्होंने खुद को सुप्रीम लीडर घोशित किया यानि राजनीती, न्याय, सेना, अर्थवियस्था और विदेश नीती का अंतिम निर्णय उन्ही के पास
18:27सुप्रीम लीडर बनने के बाद ही इरान का नया संविधान बना, जिसमें शरियत कानून को सर्वोच्च माना गया
18:36अधालतों से लेकर शिच्छा तक में इसलामी मूल्यों को लागू किया गया
18:40खुमैनी के दौर का सबसे बड़ा असर पड़ा महिलाओं पर हिजाब पहनना अनिवारी कर दिया गया
18:46महिलाओं की स्तारवजनिक उपस्तिती पर सक्त मियम बनाए गये
18:50सिनेमा, संगीत, कला, सब पर सेंसर्शिप, पूर्षों और महिलाओं के लिए
18:55अलग-अलग स्कूल और दफ्तर, औरतों को अदालत में गवाही देने के अधिकार भी सिमित कर दिये गये
19:01खुमैनी के शासन का सबसे बड़ा वैश्विक असर था
19:06अमेरिका से एक खुली दुश्मनी, तक ग्रेट सतन यानी महा शैतान
19:10क्रांथी के कुछी महिनबाद इरान की जनता का घुस्सा अमेर की दूतावास पर फूट पड़ा
19:23चार नौंबर 1989 को तेहरान में अमीर की दूतावास पर हमला हुआ
19:2752 अमीर की कर्मचारियों को बंधग बना लिया गया
19:31ये बंधग संकट 444 दिनों तक चला
19:34अमेरिका इरान संबंध पूरी तरह तूट गए इरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगे
19:40लेकिन खुमैनी ने एक भी कदम पीछे नहीं की जा था
19:44तो उसमें लोग ये देख रहे थे कि या तो ज़्यादा तर शाह के जो करीबी हैं
19:57उनको वो सारे प्रोजेक्ट मिल रहे थे या अमेरिकांस को मिल रहे थे
20:03बलके कुछ लोग मजाक में कहने लगे थे कि इरान जो है वो
20:08फिफ्टी फरस्ट जो है उसका एस्टेट हो गया है तो ये एक बड़ी वज़े थी
20:171989 में ईरान को एक और बड़ी चुनावती मिली इराग के तानाशाह सद्दाम हुसेनने इरान पर हमला कर दिया
20:29इरान में सत्दा बदलते हीं सद्दाम हुसेन को लगा कि इरान वाली कृंती इराग में भी नाकार लेने लगे
20:35इसके अलावा इराग को अमेरिका का समर्थन मिलने लगा
20:38जंग शुरू हुई तो आठ साल तक चलती रही
20:41इरान इराग युद्ध में दस लाग से ज्यादा लोग मारे गए
20:45खुमैनी ने इसे जिहाद कहा
20:47पवित्र युद्ध लाखों युवाज शहीद होने के लिए जंग में भेजे गए
20:51बच्चों को हाथ में कुरान और कंधे पर जंटा देकर बॉर्डर पर उतार दिया गया था
20:56खुमैनी ने कहा था हम जहर का प्याला पी लेंगे लेकिन जुगेंगे ने
21:00लेकिन आखिरकार 1988 में दोनों देशों को युद्ध विराम स्विकार करना पड़ा
21:08इरान के अंदर जो भी खुमैनी की नीतियों से असेहमत था
21:11पत्रकार हो, लेखक हो, बुद्धी जीवी हो, या तो जेल चला गया
21:16या देश से बाहर भागना पड़ा
21:181980 और 81 में तोहीदे खाल्क और मुझाहिदी ने खल्क जैसे संगटनों को कुचल दिया गया
21:25अजारों लोगों को भासी पर चड़ा दिया गया
21:29खुमैनी का सपना था पूरी मुसलिम दुनिया में श्रिया इसलामी करांती फैलान
21:34इरान ने लेबनान में हिजबुला, इराग में श्रिया मिलिशिया, यमन में हुतीवी द्रोहियों को समर्थन देना शुरू किया
21:41इरान धीरे धीरे अमेरिका और सौधी अरब के खिलाब एक वैकल्पिक इसलामी धूरी बनता गया
21:47खाड़ी देशों में तनाव की जड़ें कहरी होने लगी
21:50तीन जून 1989 को आयतुला खुमैनी का निधन हुआ, उनकी शव्यात्रा में लाखों लोग उम्रे, पूरे देश ने उन्हें इमाम की तरह विराई दी
22:00उनकी जगली आयतुला अली खामेनी ने, जो आज तक इरान के सुप्रीम लीडर है
22:09खुमैनी की बनाई विवस्था आज भी इरान की नस नस में समाई हुई है
22:13आयतुला खुमैनी ने धर्म को राजनीती में ऐसा मिलाया, इरान का चेहरा ही बदल गया
22:19उनकी करांती ने ना केवल एक शाह को हटाया, बलकि एक नई विवस्था को जन्म दिया
22:24जहां लोगतंत्र, मानवाधिकार और आजादिकार्थ सिर्फ इसलामी परिभाशा तक सिमित कर दिया गया
22:30आज जब इरान दुनिया से फिर तकराव की राह पर है, तब भी उसकी सोच, उसकी विदेश नीती और उसकी विचारधारा की जड़ें उसी खुमैनी यूग से जुड़ी है