कमल हासन की फ़िल्म ठग लाइफ़ को क़ानून (सुप्रीम कोर्ट) का तो साथ मिल गया लेकिन क्या इसी तरह कर्नाटक की जनता का भी साथ मिल पाएगा। क्या है विवाद– देखिए पत्रकार मुकुल सरल की यह खास रिपोर्ट
00:00भारत में धर्मी नहीं भाशा भी हमेशा एक समवेदन शेल मुद्दा रही है लेकिन इस बार इस बारे में बोलकर मशूर कलाकार और फिल्मेकर कमल हासन फस गए और उनकी नई फिल्म ठग लाइफी विवादों में आ गई और कनाटक में उसकी रिलीज रुख गई
00:20हाला कि अब उन्हें सुप्रिम कोर्ट का साथ मिला है और सुप्रिम कोर्ट ने साफ आदेश दिया है कि एक बार सैंसर बोड का सर्टिफिकेट मिलने पर फिल्म की रिलीज रुखना भीड का राज है और इसका आदेश अव्यधानिक है
00:34कोट ने करनाटक सरकार को आदेश दिया है कि जो लोग फिल्म की रिलीज को रुकने की कारवाई कर रहे हैं अधमकी दे रहे हैं उन सबी के खिलाफ कारवाई करे
00:42हाला कि करनाटक सरकार ने भी कोर्ट में साफ कर दिया है कि उसने आधिकारिक तोर पर कोई बैन नहीं लगाया है
00:48साथ ही उसने भरुसा दिलाया है कि यदि निर्माता फिल्म रिलीस के लिए तैयार होते हैं तो थीटरों और दर्शकों की सुरक्षा सुनश्चित की जाएगी
00:57हाला कि इससे पहले भी भारत में कई फिल्मों को लेकर विवाद हुए हैं कई फिल्मों पर बैन लगा है सैंसर बोड की कैची चली है दृष्चे हटाए गए हैं और कई फिल्मों को विवाद की वज़े से खोब प्रमोशन भी मिला है
01:09लेकिन दिल्चस्प है कि इस फिल्म का विवाद इस फिल्म की वज़े से नहीं है इसके कंटेंट की वज़े से नहीं है बलकि कमल हासन के एक बयान की वज़े से है।
01:39माफी की माफी ना माँगने पर फिल्म को राज्य में रिलीज ना करने का एलान कर दिया गया।
02:09सुप्रिम कोट पहुँचे और 19 जून को उनके हक में आदेश पारित हो गया।
02:39बहस छड़ गई है।
02:41तो आईए जरा इन दोनों भाशाओं का इतिहास जान लेते हैं।
02:43कमल हासन कहा रहे हैं कि कननल भाशा तमिल से निकली है।
02:47लेकिन यह एतियासिक और भाशा विज्ञान की दृष्टी से सही नहीं हैं और अतीज सरली कर रहे हैं।
02:53विद्वान बताते हैं कि कननल भाशा तमिल से नहीं निकली है बलकि दोनों भाशाओं एक ही भाशाओं परिवार से सम्मंद रखती हैं।
03:01दर्विण भाशाओं हैं दोनों का विकास समान पूर्वत भाशा से हुआ है जिसे प्रोटो साउत दर्विण कहा जाता है।
03:07इसके एक्यासिक प्रमाण हैं तमिल साहिते यानि संगम यूग 220 तक जाता है या द्रविण परिवार की सबसे पुरानी जीवित भाशा मानी जाती है।
03:17कर्नड के सबसे पुराने लेग 450 से 500 इसवी में मिलते हैं लेकिन कर्नड भाशा का मौखिक रूप इससे भी बहुत पहले का है कुछ विद्वान इसे कम से कम 220 तक ले जाते हैं।
03:30इसलिए कर्नड तमिल से निकली है ये बात सही नहीं है बलकि दोनों एक ही जड़ से विक्सित बहन भाशाएं कही जा सकती हैं।