00:00पाबर रामदीव से लेकर योगी मूदी तक बॉलिवुड स्टार से लेकर आमजनू तक भारत से लेकर विदेशु तक शरी को हैल्दी रखने के लिए योग आज तकरीबन पूरी दुनिया में दिनचर्या का हिस्सा बन गया
00:22कई तो योग गुरू बन कर अपनी रोजी रूटी चला रहे हैं स्कूलों कॉलेजों तक में हफते में एक आद बार योग क्लास जरूर होती है योग गुरूं की न्युक्ति होती है अधुनिक युग में योग का महत्व काफी बढ़ गया लेकिन योग कला कोई दो चार दश
00:52संस्कृत के शब्द युज से हुई जसका मतलब है जुड़ना या फिर एक जुट होना अज विश्व योग दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं प्राशीन काल से लेकर अब तक भारत और पूरी दुनिया में योग का सफर कैसा रहा हला कि योग का पूरा इतिहास के
01:22आप यह सुनकर चकित हो ठेंगे कि ब्रहमांड के सबसे पहले योगी भगवान शिव को कहा जाता है भगवान शिव को योगी या फिर आदी योगी भी कहा जाता है योगिक विद्याओं की किताबों में ऐसा लिखा गया जिसमें बताया गया कि भगवान शिव ने अपने स
01:52की तारीख का कोई लिखित प्रमान नहीं है लेकिन माना जाता है कि आज से तकरीबन 5000 साल पहले उत्तर भारत में यूग की शुरुवात हुई
02:03प्राचीन काल से अब तक यूग का इतिहास पूर्व वैदिक काल
02:102700 इसा पूर्व की सिंधू सरस्वती घाटी सभ्यता में यूग साधना करते लोगों की मुहरें और जिवाश्म पाए गए
02:18वैदिक काल यूग शब्द का पहली बार उल्लेख रिगवेद में किया गया जो 1500 इसा पूर्व का है
02:27ग्रंथ में मुख्य रूप से अनुष्ठानू, मंत्रूं और गीतों का उल्लेख है
02:32अर्थवेद में तकरीबन 900 इसा पूर्व में सांस को नियंतुरत करने के महत्वपर जूर दिया गया
02:39पूर्व शास्त्रियकाल योग के इतिहास में 2000 साल की अवधी उपनिशदों से भरी हुई है
02:49जो बताते हैं कि शरीर और मन कैसे काम करते हैं
02:53108 लिखित दस्तावेजों में से 20 योग उपनिशद थे जिनमें योग को कर्म योग और ज्यान योग में बाटा गया
03:01शास्त्रियकाल योग का शास्त्रियकाल 500 इसा पूर्व से 820 तक चला
03:10सवधी में योग बौध धर्म और जैन धर्म में शामिल गुआ
03:15उत्तर शास्त्रियकाल उत्तर शास्त्रियकाल 1720 तक चला
03:22इसी काल में आचार्य त्रय आदिशंकराचार्या, माधवाचार्या, रामनुच आचार्या, मीराबाई और पुरंदर दास जैसे योगियों के नाम प्रसद्ध हुए
03:32आधुने काल
03:36सत्रसो इससा पूर्व से अब तक का काल यानि की स्वामी विवेकानंद आधुने काल में योग का प्रचार करने वाले प्रमुख योगियों में से एक रहे
03:45इसके साथ ही रमन महरिशी रामकृष्ण पारमहंस, बीकेस आयंगर के पट्टाभी जोईस पारमहंस योगानंद और विवेकानंद ने हठ योग, वेदान्द योग और भक्ति योग के प्रसार को और भी लोग प्रिया बनाया
04:00वही जनक महरिशी पतंजली को योग का जनक कहा जाता है, कहा जाता है कि उन्होंने राज योग के जरिये योग का मतलब और इसका सही उद्देश्य बताया
04:11वही योग सूत्र पर विद्वयास की तरफ से पहली टिपणी शास्त्रिया काल में की गई, उन्होंने योग दर्शन और सांक्य दर्शन के बीच गहरे संबंधों को उजाकर किया
04:23आज हम जिस नटर नित्या और मार्शल आर्ट के बारे में जानते हैं वे योग से ही लिया गया
04:29हलकि आज के कई रिशी ये कहते हैं कि आदुने काल में योग के मूल स्वारूप और अर्थ को खद्म कर दिया गया
04:37नबी से केवल शरीर को फिट रखने का साधन माना जाता है फिर भी खुशी इस बात की है कि भारत में जन में इस प्राचीन ग्यान को लोग आज भी अपनाए हुए हैं ये पूरी दुनिया में फैल चुका है योग की प्रस्थिद्धी ही संयुक्त राश्र संग ने 21 जून
05:07कर दो अःबर था लग जाश्र संग्त
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