- 1 year ago
Salaar is a high-octane Indian action-thriller starring Prabhas, directed by Prashanth Neel (of KGF fame). Set in a dark, intense world of power, loyalty, and rebellion, Salaar follows the story of a fierce warrior rising against all odds.
🔥 Watch the most powerful scenes, action sequences, and emotional moments from Salaar – a film packed with intensity, style, and mass appeal!
🎬 Starring: Prabhas, Prithviraj Sukumaran, Shruti Haasan
🎥 Directed by: Prashanth Neel
🏷️ Production: Hombale Films
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🎬 Starring: Prabhas, Prithviraj Sukumaran, Shruti Haasan
🎥 Directed by: Prashanth Neel
🏷️ Production: Hombale Films
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00:00प्लान बनाया ना, उन दोनों के बीच जब जंग होगी, उन में से कोई एक ही बचेगा
00:08यह सब नोबड़ी गॉला स्टॉप तर सील
00:14खांसार का सलार
00:18उस सील कोई नहीं रोग सकता
00:22वरदा राजो मनार का सलार
00:24उस सील को बनाने वाला वही है
00:31सलार देवरा तरा इसार
00:54अब क्या होगा
01:03उसी के बनाई हुए नियम है
01:10उसे कोई भी रोके
01:14नहो नहो
01:19मरना ही होगा
01:24कुछ कहानियों को देख कर डर लगता है
01:31कुछ कहानियों को सुन कर डर लगता है
01:38इस कहानी को
01:45याद करके डर लगता है
01:47उसकी कहानी सुनोगी
02:05ये कहानी हजारों साल पुरानी है
02:19महमुद घजनी चंगेस खान से भी ज्यादा खूंखा टाकू हुआ करते थे
02:24वो बस्तियों को सिर्फ लूटते ही नहीं
02:29उन्हें कबरिस्तान बनाते थे
02:33और लूट का सारा माल वो खान सार ले चाते
02:36खान सार
02:39समंदर और पहाडों के बीच एक जंगल
02:42जहां उन्टाकों के तीन कबीले थे
02:44मननार कबीला
02:47शोरियांगा कबीला
02:50और घनियार कबीला
02:53सदियों तक बिना किसी चुनौती के
02:55तीनों कबीले बढ़ते गएं
02:57और उस जंगल को ही अपना किला बना लिया
02:59हाला कि अंग्रेजों ने पूरी दुनिया पर राज किया
03:06और भारत पर भी अपनी हुकुमत जमानी
03:09लेकिन वो खान सार में एक कदम भी नहीं रख पाए
03:13जब कभी कोशिश की उन्हीं की फौश तबा हुई
03:20आजादी के बाद नए देश के सामने एक बहुत बड़ी मुसीबत थी
03:31खान सार उसका क्या किया जाए
03:33तीनों कभीलों के सरदार शिवमन नार तिल्ली गए
03:38उन्होंने इंडिया के नक्षे से खान सार को मिटा दिया
03:41और चेतावनी दे के भारत का समयदान खान सार पर लागो नहीं होगा
03:45लेकिन खान सार के सारे नियम और कानून इंडिया पे सरूर लागो होंगे
03:49भारत के सारे खेर कानूनी तंदे जैसे स्मगलिंग, गैमलिंग, मनी लॉंडरिंग, ट्रग्स, लैंड माफिया, पेट्रोलियम, फेट करंसी, आम्स इन सब में चितना पैसा आता था उसमें खांसार का फिक्स्ट हिस्सा था
04:02यह सब उन्हीं की एजेंट संभाते थे
04:04गानून उन तक ना पहुंचे इसलिए उन्होंने देश के पुलिटिकल सिस्टम कोई काबू में ने लिया
04:09देशत
04:11देशत ही था उनका हथियार, जिसका सामना कोई नहीं कर पाए
04:20धीरे धीरे लोग खांसार का नाम तक लेने से टरने लगे
04:23डर की बुनियाद पर खड़ा था ये सारा कारोबार और इसमें सिर्फ मुनाफा था
04:30शिबमनार अपने कबीले के वाइलेंट नेचर से बाकिफ थे
04:34जैसे जैसे दौलत बढ़ती गई उन्होंने खांसार को एक सिस्टम में बांधना चाहा
04:38उन्होंने कानून की एक किताब लिखवाई जो सब पर लागो थी
04:43उस किताब का नाम रखा निबंधन
04:46उस निबंधन के मताबिक खांसार को 101 भागों में बाट कर
04:51हर भाग का एक नायक चुना गया
04:53पैचान के तौर पर हर नायक को एक कड़ा दिया गया
04:56कड़ों के इसाब से नायकों के तीन दर्चे थे
04:59कापर एक वोट की ताकत वाले एक सट नायक
05:03सरदार तीन वोट की ताकत वाले आठ खास नायक
05:07और आखिरकार पंद्रा वोट लेकर शियो मननार ने खुद को खानसार का करता घोशित किया
05:15फिर एक दिन शिव मन्नार की मौत हो गई
05:21तीनों कबीले के समझोते के हिसाब से शिव मन्नार के बाद
05:28शार्यांगा कबीले के नायक धारा को खांसार का करता बनना था
05:32लेकिन राज मन्नार का अपने पिता की गद्दी छोड़ने का कोई रादा नहीं था
05:39सबकी नजर मेरी ही कद्धी पर है
05:42शार्यांग्या कबीले को ही जड़ से मिटा दूँगा
05:46क्या उनसे हम मुकाबला कर पाएंगे
05:50एक ही तरीका है शार्यांग्या को खत्म करने का
05:53आत्मी औरत बच्चे बज़र्ग सबको नीद में माडा डालो
05:59अगर एक भी पच्चे तो शार्यांग्या का पदला भयान अको का
06:11को
06:17अमने में पर विज़र्गे जसे की
06:29उस दिन शौरियांगा कबीला जड़ से खत्म हो गया
06:46और इस खत्ले आम के बाद सबने राजमन नार के सामने घुटने टिक दी
06:52चारों और बड़ी बड़ी दीवारें बना कर
06:55एक खतरनाक फौज खड़ी करके
06:57उसने खानसार को बेहत ताकतवर बना दिया
07:01राजमन नार ने 61 कापरों के अलावा
07:13आठ सरदार वाले ओदों में से पाँच घनियारों में बाट दिये
07:18जो थे वाली, गुरुम, चीका,
07:25रंगा और नारंग
07:31बाकी वचे तीन पद अपने ही परिवार में बाट दिये
07:35ओम, राजमन नार की पहली बीवी का भाई
07:39भारवा, राजमन नार का तामाद
07:42रुद्रा, राजमन नार की पहली बीवी का बेटा
07:47राधा रमा, राजमन नार की पहली बीवी की बेटी
07:52राजमन नार का गौरव, राजमन नार की शान
07:55कापरों और सरदारों के बीच काफी मदभेद होने के बावजूद डर के मारे राजमन्नार के खिलाफ कोई नहीं गया
08:03जो लोग सदियों से खून खराबा करते आये थे
08:08वो पच्चिस सालों से काबू में रहे उस दिन तक
08:12क्या ये सच है? आप खानसार से बाहर जा रहे हो? अगर जरूरी है तो मैं जाओंगी
08:20मंदिर बनाये चाते हैं धर्म फैलाने के लिए
08:24राज्य चलाये चाते हैं परंपरा बढाने के लिए
08:32खानसार बनाया गया है सिर्फ एक चीज फैलाने के लिए
08:37देशत
08:39मैंने अभी तक डर बनाए रखा है
08:43ताकि कोई चुनोती ना दे पाए
08:45अब ऐसा कौन कर रहा है बाबा
08:48मैं वही पता करने जा रहा हूँ
08:51जब तक मैं ना लोटूं खांसार तुम्हारी जिम्हेदारी है रमा
08:55मुझे पूरा यकीन है कि तुम समार लोगी
08:59करता आपके फैसलों पर कोई उंगली नहीं उठा सकता
09:11पर आपका दामाद होने के नादे मैं कुछ पूछना चाहता हूँ
09:15क्या आप उसे माफ करेंगे किसे
09:17आपके बेटे वर्धा को
09:20वर्धा यों फेक दिया तुमने कड़ा
09:24क्यों फेक दिया बताओ
09:29दिये हुए मौल को उसने जाया कर दिया
09:36वो मेरा बेटा कहलाने के लायक नहीं
09:39तब वो सिर्फ दस साल का था
09:41तोजह इतने फिकर क्यों हो रही है
09:42क्योंकि आप से इस विशे पर बात करने के लिए
09:47किसी के पास भी हम्मत नहीं
09:48क्योंकि खाने की मेस पर आप आज भी वर्धा के लिए एक कुरसी खाली छोड़ते हैं
09:54और आपके पिता शिव मननार को आप जब भी देखते हैं तो आपको सिर्फ वर्धा याद आता है
10:01वो भी आपका खुन है करता जो इज़त रुद्रा को मिलती है वो से भी मिलनी चाहिए
10:09तीस साल से इसी कुरसी पर शासन कर रहा हूं आज तक सारे निर्णे खांसार के लिए ही लिए हैं
10:21आज पहले बार एक निर्णे मैं अपने लिए लेना चाहता हूं
10:27तुमारी कुरसियों में से एक कुरसी चाहिए
10:31तो एक ही है जो बिना हिचकिचाए मुझे कुछ भी देगा इसलिए तुस्से मांग रहा हूँ
10:41रंगा
10:44मेरे रहते मेरे बेटे वर्ध राजमनार को सरदार बंदे देखने की चाहे
10:54वर्धा राजमनार की दूसरी पीवी का बिटा बजपन में अपना कड़ा दे देने की वज़े से वो कभी सरदार नहीं बन पाया
11:06उसका पज कापर का होते उए भी रॉब हमेशा सरदार का रहा
11:11देगा ना रंगा
11:15आप मांगे मत करता
11:22आदेश देजिए
11:24मैं कुछ जरूरी काम से खांसार से बाहर जा रहा हूँ
11:31लाटने से पहले वर्धा राजमनार को सरदार बनाने का जिम्मा पूरा करना है बले
11:38गटा
11:54इतने लोगों के होते हुवे तेरी कुरसी ही क्यों मांगी जानता है रंगा
12:01तू जानता है छोड़
12:09इतने लोगों के होते हुवे तेरी कुरसी ही क्यों मांगी जानता है रंगा
12:14तू जानता है छोड़
12:17पच्चिस साल पहले जोकड़ा उसने जमीन पे फेका
12:26उसे लेके तेरा बाप सरदार बनातो उसे जीतना नहीं कहते
12:31किसी कुट्टे को हड़ी फेंके वापस चीनने की तरह
12:35दूस्तिर मेरा बाप जीता था जान मांगते तो देते था
12:39कुरसी कैसे दूँ चल छोड़ दे
12:43छोड़ पाएगा क्या रंगा
12:48करता राजमनार का अदेश कैसे डाल सकते
12:53राजमनार की आग्या से जदा एक और बड़ी आग्या है
12:58खांसार का निबंधन
13:00उस किताब में एक नियम सबसे खास है
13:04बलवान का हिराजियर
13:06बलवान की कुरसी
13:10रंगा तेरी नफरत अब पैदा हुई है
13:13लेकिन रुद्रा की नफरत वर्धा की पैदाश से है
13:18तुम पे इतना प्यार दिखा रहा हूं सोच रहूंगे मेरा क्या फाइदा
13:22आज तेरी कुरसी मांगी है
13:24कल मेरी मांग सकते हैं
13:25लेकिन निबंधन में ऐसा नहीं है
13:28मैं तुझे मारता हूं तुमुझे मार
13:31लड़ते रहेंगे
13:33बलवान का ही राज
13:36बलवान की
13:39कुरसी
13:41रुद्रा वर्धा को मारने जा रहा है क्या
13:46मुझे यकीन नहीं हो रहा
13:48रुद्रा ने पंडीत को बुलवाया है
13:50पंडीत को
13:52राजमनार के लोटते ही
14:04वर्धा सरदार बनेगा
14:07मेरा भाई सरदार है
14:09राजमनार के लोटने से पहले
14:13अगर वर्धा ही ना रहे तो
14:15बलवान का ही राज
14:27बलवान के ही कुरसी
14:33रहे बलवान के लुद्रा लुद्रान का अचार
14:36टुद्रा भाई के लुद्रा Water
14:59रंगा, तुझे सिर्फ उसका सर लेना है, मुझे तो उसके मननार का गर्व लेना है
15:29जुद्रा, निबंधन है, खिलाफ नहीं जा सकते
15:43मुझे किसने रोका, किसने रोका मुझे
15:58करता राज मननार के दर्पार में खड़े हो, उनकी गैर मौझूद्की में भी सबान पे लगाम रहे आवाज नीची
16:15मैंने ही रोका तुम्हें
16:19तुम कैसे ये निर नहीं ले सकती हो
16:21करता की जगा मैं हूँ इसलिए तुम अभी तक यहां खड़े हो
16:27अगर मेरा फैसला होता तुम अब तक तुम लोगों की सर कट चुके होते
16:34बली
16:36अमा
16:37आज से
16:38खांसार के सरदारों और कापरों के बीच हो रही इस वाइलन्स को रोकने के लिए
16:45सीस फायर का एलान करती हूँ
16:49आज से धर्म करता के आदेश के अनुसार खांसार में सीस फायर लागू होती है
16:56निबंधन
17:01खांसार का निबंधन सब के लिए एक जैसा होता है
17:09किसी भी हाल में करता से भी बिढने का हक
17:14वो किताब सब को देती है
17:16मैर उत्रा राजमनार
17:20एक सरदार
17:22सीस फायर हटाने के लिए वोटिक का प्रसा रखता हूँ
17:26खांसार रिबंधन के अनुसार
17:37नो दिन बाद
17:39सीस फायर चारी रखना है या नहीं
17:42इसका फैसला करने के लिए
17:44कोटकड़ा में वोटिक होगी
17:52वोटिंग के दिन तक कोई नहीं रुकना चाहता था
17:54सरदार से लेकर कापर तक
17:56सब के सब अपने लिए
17:58खुंखार और ताकतवर फौज खड़ी करने में चुट गए
18:01रोधरा ने पंडित को बुलाया नारंग रश्यांस को ले आया गुरुंग ने सर्वियन आर्मी खड़ी कर ली यहां तक की अपने पंडित को बुलाया
18:25अभी अभी साथ सो लोग केट पेंट्री कर चुके हैं इसके बाद पता नहीं कौन-कौन आएंगे कितने आएंगे
18:38एक एक आदमी कैसा है चांदे हो उनके पास वो वेपिन्स
18:54तू बता हम कितनों को लेके आ रहे हैं बता हम कौन सी आर्मी ला रहे हैं
19:11भाई बोलना हमारी आर्मी कहां है
19:20हम भी अपनी आर्मी लाने के लिए निकल पड़ें
19:40एक जीप लेकर उसमें भी सिर्फ एक ही सीट खाली थी
19:57कौन सी आर्मी आएगी मैं भी देखना चाहता था
20:06सब्सक्टी अपनाचा था
20:36ए देवा, बाबा ने बहुत काम दिया है, मैं नहीं आ सकता, अभी तुझा, अरे सुनना, बोलाना नहीं आ सकता, देवा, पेचाना क्या, आवास बदल सकती है, पर बुलाने का अंदाज नहीं, वैसे भी,
21:06मा के सिवा पुरी दुनिया में, सिर्फ एक ही है, जो मुझे देवा बलाता है, वर्धाराजमना,
21:36कैसी हो मा,
21:54भूक लग रही है, कुछ खाना कला दो, तुम्हारे हाथ का खाना खाये बहुत दिन हो गए,
22:06तु अभी तक यही खड़ा है, मैंने बोला न,
22:29ए, तेरी न दुनिका, अगर तुम्हारे है,
22:48किस ने लिया तुझसे, मा को बता क्या दो, वर्धा देवा को ले जाने पर दुला था,
22:59लेकिन उदर मा की जिधी की देवा ना चाहे,
23:02मा, वर्धा को बूँ, तु ने,
23:19तु जा, जल वापस लाते है,
23:49ए, ए, य, पिर जाने चाहे था,
24:19झाल झाल
24:50सर, एक एंट्रे करनी है
24:53राणी! राणी! राणी! राणी! राणी! राणी! सर भी! बीटा, बूल जाओ उसमें वापस ना आ आप आवेगी वाँ
25:13कितने लोग है सर? सिर्फ एक
25:16और कोई नहीं आया क्या और किसी को नहीं बुलाया
25:28आपका नाम क्या है देवरता कबीला बाहर से है
25:40हुआ है है एंडप्रिंट लेले बैकाली मासे भीक मांगरी हुमारी रक्सा करे हम कितने बिंति कर ले इस कि भागे जब इन पर कोई भगवाड नाने वला तुझे कित्ती बार समझाऊ रहे मैं
25:57हुद
25:59दिवार देखके ही डर गया
26:10समल के सर आज तक जो भी अंदर गया बाहर नहीं आ पाया
26:17आप के कर गे तू
26:29जानते हो बड़ी बड़ी दिवारे क्यों बनाते हैं
26:34बाहर जाने वाले के डर से नहीं
26:36तू बोली न कोई भगवान नाने वाला तू पीट करके पूजा कर रही हूं
26:41अंदर आने वाले के डर से
26:43शायद बचानी कोई राच्छ सा जावे
26:4925 साल बाद एक वादा मिभाने उसने फिर से खांसार में कदम है
26:56क्या है
27:26झाल झाल
27:56झाल झाल
28:26क्या देख रहे हो
28:31और कोई नहीं आने वाला
28:33पुता है
28:34वर्धा ने गेट पर अपनी फॉच की एंट्री की है
28:41गेट सा एक एंट्री हुई है
28:45सिर्फ एक
28:47सिर्फ एक को लाया तू
28:54एक आर्मी चाहिए हमें
28:56सिर्फ एक और वो भी ये
28:59हाँ बिलाद देवा के लिए रहने का इंदसाम कर दिया
29:01आ कर दिये
29:03भूल गया क्या
29:08पच्चिस साल पहले है उसके लिए तुने जो फैसला लिया उसकी वज़े से ही
29:14आज हमारी जिन्दकी ऐसी है
29:17इसे फिर से ले आया
29:22खाना खा रहा है
29:23तुम सुपराओ बाबा
29:24आज भी ये हम लोगों के लिए
29:28सत्या का बोल
29:30खाने में मिर्ची कम है देवा ने खाएगा
29:34उसके खाने के वक्त मिर्ची अलग से रखना
29:36खानसार में रहने वाला हर आदमी
29:41किस किस तरह से हम लोगों को काट काट के तुकडे तुकडे करना चाता है
29:47चानते हो ना
29:50किस बात के जल्दी है पिता जी जो आप ऐसा फैसला ले रहे हैं
30:05मैं तुझे अपनी कुर्सी पर बैठे हुए देखना चाहता हूँ
30:08मेरी ख्वाईश है तू सर्दार बने लेकिन पिता जी
30:11तुझसे पूछे भिना मैंने आज तक तेरी हर ख्वाईश पूरी की
30:15मेरी बस यह ख्वाईश पूरी का
30:17सर्दार
30:20रुद्रा मन्नार ने तेरे लिए एक संदेशा बेजा है
30:25रुद्रा भाई ने, उनके लिए कुछ भी करूंगा, क्या करना है, उन्होंने उसकी नींद उड़ाने के लिए बोला है, बाबा, हम बार जा रहे हैं, देवा को बलाए, भाई हम इतने लोग है ना फिर वो क्यों चाहिए, वे, आवो, जा, बुला ला, इत लगा के दूगा,
30:55सर्दार, क्या भाई आप पैदल जा रहे हैं, हे, छादा पकड़ो रहे, छादा का रहे, पे, हमारे हालात कैसा हैं, जानता हूँ, हर तरफ सिर्फ दुश्मन हैं, ये भी जानता हूँ, हे,
31:25क्या है वे, हाँ, हमें मार देंगे इस डर से ज्यादा, और कितनी जिल्लत जेलनी पड़ेगी इसका डर है,
31:36बहुत से लोग तेरा सर काटने के लिए पेताब हैं, मुझे तो अभी तुछे काटके दफनाने का दिल कर रहा है,
31:59यहाँ जिन्दा रहना है तो, कितनी भी बड़ी आर्मी हो, कम ही पड़ेगी,
32:06खांसार में कैल्कुलेटर रखके कुछ भी कैल्कुलेट नहीं कर सकते,
32:09इसलिए जो कैल्कुलेट ही ना हो पाए, ऐसा पागल लाया हूँ,
32:31पर वो करेगा क्या,
32:35स्टिफली पकड़ना इसे, ट्रिगर दबाने से पहले कंधा टाइट करना,
32:39सेफ्टी, सेफ्टी खुलने के बाद शूट कर सकते हैं,
32:45मेकानिक को, स्पैनर दो, रिंच दो तो कैसे इस्तिमाल करना है जानता है,
32:49गन दोगे तो क्या करेगा,
32:51पर दो करेगा करेगा,
33:21ग।
33:22प्रावा
33:43वस अप्रूम
33:45अप्र जुट
33:47जलो रे
34:00बाई, आप यहाँ
34:04एई, टेबल खाली नहीं है ना
34:08बाई, अभी खाली करता हूँ
34:10कभी-कभी लगता है
34:15वो कुछ ना करे तो ही अच्छा है
34:17अरे, हाथ बान कर खड़े रहूं, बार-बार समझे रहाँ परेगा, क्या
34:28क्या
34:32क्या
34:37एई
34:44एक तरफ रुद्रा दूसरी तरफ रंगा अब मेरा बेटा विष्णू भी तुझे तंग कर रहा है
35:04राजमनार का बेटा होके जेलना मुश्किल है एक काम कर
35:09तेरा सिर काट के मेरे पैरों में रखते
35:14मेरी गलती है देखा नहीं
35:44कब तक रोकेगा मुझे
35:50वो कब तक खुद को रोकेगा
35:55मुझे भी नहीं पता
35:58जोड़ना नहीं पता है
36:03पत्राजमनार का बेटा वर्द राजमनार अब कैसा देख रहे हो ना
36:11पत्राजमनार का बेटा वर्द राजमनार का बेटा वर्द राजमनार अब कैसा देख रहे हो ना
36:20हाँ
36:21कि अदो कि मेरी यहां पर कोई आकात नहीं हो जोट जोट चुड़ोंगा लेए प्लीड देओं बेटना
36:36में तुझे यहां लाया न कोई खुश नहीं है
36:44आइ भाइ में बुर्ण मैं से बोल नहीं रहें, अंधर ये अंधर गाली दे रहें, तुझे मैं यहां क्यों लेके आया। तुन्हें पूछा तक नहीं।
36:56तुम्हों पूछे गालकी नहीं।
37:00भाई आपको चड़ गई है, चलो चलते हैं
37:02है है है है तुम लोगी लेक्या हो है बाच्चे बहुत डर लग रहा है मुझे यार
37:24मुझे कुछ हो जाए उसका डर नहीं है मेरी बच्ची हुई इतनी सी इज़त चिंजाए उसका भी डर नहीं है
37:38मुझे डर है तो सिर्फ अपने भाई का उसे कभी कुछ नहीं होना चाहिए
37:47कुछ हो जाए उसकी हिफाजद तुछे करनी है तुझे करनी है
38:00उसकी इफाजद तुझे ही करनी है तुझे ही करनी है देवा
38:13आजी तेरे दौस हातों से एक भेना दोरे कालीमा
38:30चोकुदर सन दर से दुखो घोन आजे कालीमा
38:42बेथा पाए ये तेरे बच्चे तो इक ये न रोश खाए मा
38:53रेखा हाते लिके मीटे हातों तोर दिखे उठे ना
39:04कोई ने कोई ने अंदेरे मीटाए जो यहाँ
39:14मेली सी मेली सी आजावों की बातिमा
39:22मेली सी आजे वाए लेख उना
39:34झाल्ट है
39:36झाल्ट है
39:41झाल्ट है
39:44झाल्ट है
39:47झाल्ट है
39:50दस और कापूर रुद्रा रंगा भार्वा से मिलके उनकी तरफ हो गए हैं
40:01बाकी लोगों को भी अपनी तरफ खींचने की कोशिश करेंगे
40:05रुद्रा जो भी हो हम करता के खिलाफ नहीं जाएंगे
40:08कोट मेरे करता बनने के बाद मैं सबको बताऊंगा
40:13तेरे जैसा एक विश्वासिता
40:16वो बात नहीं है सर्तार गणियारों के बिना आप नहीं जीच सकते
40:20कोई भी गणियार नारंग के खिलाफ नहीं जाएगा
40:23नारंग अगर रंगा ने गणियार को भड़काने की कोशिश की तो
40:27हम में से कोई भी करता के खिलाफ गया
40:30तो उसे अपने हाथों से काट दूगा भाई
40:33तुम्हारा बच्चा है गाल
40:41क्या
40:42चिल्ड्रन्स
40:46बाई
40:49गाल
40:55गाल
41:00पंडेट खड़ा पहना है छू नहीं सकते
41:13बस चार दिन और सबर रख
41:16गाल
41:25एक ख्वाहिश मेरी भी है
41:31क्या चाहिए नारंग
41:33करता राजमनार की तरह ही एक बाप की ख्वाहिश
41:36मुझे नावर पिर से आगए
41:41सीजफायर के बाद
41:44मेरी कुरसी पर मेरे बेटे को देखना चाहता हूँ
41:47सीजफायर की वोटिंग होते ही
41:52आपका बेटा सरदार बनेगा मामा
41:55भाई विशनुमाहरा आया है वो हमें बुला रहे है
42:07हम कहां जा रहे है ये बाद देवा को किसी हाल में पता नहीं लगनी चाहिए
42:16वो आएगा तो भी क्या उखड लेगा चलो रहे है देवा नहीं आना चाहिए
42:24देवा कहां है अरे अब तुझे कैसे समझाओं
42:30कहां है ये नहां समझे तो ही अच्छा है नहां नहां नहां
42:40वहां विशनु की एक आदत है वो एक पतंग उडाता है
42:50एए वही पर रुक जाओ और उसे वो खुद ही काटता है
43:06इच्छा है
43:18वुँंद्स
43:21इव
43:26वो पतंग जिसके भी घर पे गिरती है
43:46वहां से एक लड़की को वो उठा ले जाता है
43:50इडायना दो अग्रीजाओ करेंगें कि जुँद्राइब्स अग्रीजाओ कि यहां चाहिए
44:02सूपार मुर्गे में बिल गएक इस जाओंगी नाना मैं जाओंगी और मैंका तूखयाल रखिये तू तंडी है तू ना जाओंगी
44:10खयाल रिखिये, तू नडी है, तू नजा, मैं शाओगी, मामा ने जानदे, तनने नेरी कसम, ना, पेरी कसम, तू गई तो मात, तू गई तो मात, मारे लिए तो चाड़ जाने के बरावर है, एक आलिवा, कुछ कर रहा है, आमा, किसमा फूडगी रहे,
44:40अज कॅँँसी आएगी, टेंशन परताश्ट नहीं हो रही,
44:59सुरेवे, तू चीवार कोर, धुरेव,
45:10झाल झाल
45:40इसको किसने बुलाया
45:48ए प्रोसीजर है रहे हाथ बांद कर खड़े रहो
45:54हाथ बांद कर खड़े रहो
46:10बांद कर खड़े रहो
46:23देखना जानूँ जोटे बच्टिये
46:28कहां चले गए थे आज
46:36मुझे साथ क्यों नहीं ले गए
46:37उस जगे को नाम मारा है
46:40तेरे पैर परूपाई
46:44यूं समझ लो मुर्गियों की फार्म की तरह
46:48वो हरामी विश्णू रोज एक मुर्गी चुमता है
46:53और मार डालता है
46:55परबाद हो जानेगी वो
47:00घर ले चले जानूँ इतना जार नहीं होगा
47:05उसने छोड़ दे दो मिनिट देना जानू
47:09मस्त सजा कर लाती हूं
47:17लिकिन मुर्गी की जगे वो
47:19बबा इससे भी ज्यादा कुछ और ज़रूरी काम है
47:22चलिए
47:23चल्यूँ
47:31चलिए
47:32औिपका लिंब!
48:02तुम्हारे तैनल
48:32काली मा को अगर मनाना है
48:39तो जानवरों की हाथ जाना होगा
48:45वहाँ हट्टे कट्टे बड़े बड़े सींगों वाले बकरे को डूमना होगा
48:54एई! उठ जा!
49:00जानू
49:01उसे गसीट के लाना होगा
49:05गले में हार डालके हल्दी कुमकुम लगाके पत्थर पे तलवार की धार लगानी होगी
49:11तुझे बोल रहा हूँ! तुभारा नहीं बोलूंगा
49:15उसके मुँपे पानी मारना होगा
49:18वो क्या?
49:19वो जैसे ही भर भर आने लगे
49:24तुभण लगे
49:30तौँ मेहात
49:32झाल झाल झाल झाल
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