00:00आज हूँ गईरी वीर सहज निकुंजनिने कौतक भिलो की तहां सब सुखदानी के
00:11कहत बने न मुपे अच्रज बात हथी कही कही हारे मुख चारवेद बानी के
00:23श्रवन सुने न माने आफिन दिखाऊं तो है चली दूर मेरे साथ चरत गुमानी के
00:35लूचे सुख मोरे करे मनुहार कौरे बैठ पायन पलोटे लाल राध माहरानी के
00:47पायन पलोटे लाल राध माहरानी के
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