00:00जो लोग का मन में कुछ उमीद था राश्टरपति हमारा है चीप मिनिस्टर हमारा है आधिवैसी को कुछ रियात मिलेगी ऐसा कुछ मिलते ने दिखाई दे दा
00:10नमस्कार दोस्तों मैं भाशा और मैं इसमें मौझूद हूँ उडिसा की राजधानी भुवनेश्वर में और आपकी मुलाकात इस खास पेशकर्श में कराने जा रही हूँ नरेंद महंती जी से
00:22नरेंद महंती एक ऐसे कैंपेइन के उडिसा के कंवीनर हैं जो दरसल जो फरजी मामले दर्स किये जाते हैं उनकी किस तरह से नयाय में एक राहत मिल सकती है निर्दोश लोग बहार आ सकते हैं इसका काम कर रहे हैं और इसके साथ-साथ एक लंबा राशनितिक पॉलिटिकल �
00:52अधिकली तारीख में उडिसा में सबसे बड़ा चैलेंज आपके लिए क्या है अभी सबसे बड़ा चैलेंज है उडिसा से जो हम समझ रही है वो जो जल जमीन जंगल पर अपना हक को सब्यस्ट करने के लिए आम आदमी कोशिश कर रहे हैं आदिवासी दलीट और ज्यादा
01:22प्राकुदिक संसाधन पर उनका हिसा केसे मिलेगे इसलिए जो कोसीश करें उसके सबसे बड़ा चालेंज
01:30कॉर्पोरेट इंट्रेस्ट में आज का जो हमारा स्टेट के सरकार है, जो विपावार में है, वो सभी दम पर एसे कर रही ए, कोशिश कर रही है,
01:57किसे जल जमिन जंगल पर लोग का अधिकार चिन रहेंगे वो कर्पोरेट को सांपा देंगे
02:04नरेंजी आप से मैं ये भी जानना चाहते हूं कि अभी आप भी मेधा पाठकर के साथ गए थे
02:09कहां गए थे और क्या हुआ जरा ये भी बताईए क्योंकि आपका भी जो लिस्ट जारी हुई है उसमें तीसरे नंबर पर आपका नाम जगमगा रहा है
02:18दिखे जो सरकार खोद पाल रही है विश्व परिवस दिवस जो वाल्ड एंवर्मेंट डे में जो मा माटी माली शुरक्या मंच काशिपुर रायगडा कलहंडी जिला का उन्होंने एक पोग्राम और्गनाइज किया था
02:35उस पोग्राम में मेधापटकर प्रफुल समंत्रा लिंगराजाजाद में ने खुद जैन करने कलिए कारेकम था
02:46वो क्या कारेकम था उन्होंने जो कासिपुर का जनता है जो सीजी माली के जनता है वो चाहते हमारा जो प्रकुति नहीं बचे तो हम दाजाएंगे
03:04उनका जो प्रकुतिक परिवेश को बचाने के लिए वो एके समावेस और्गेनाइज किया था मामाटे माली सुरख्या मंच इसलिए यह रायगड में है यह रायगड़ा और कलहांडी दोनों डिस्टिक थोनों ब्लॉक का दोनों डिस्टिक का एक कमबक्ट एरिया में दो ब्ल
03:34किये सरकार ने सभी कोशिस लगा दिया इसलिए जब हम जा रही थे रायगड़ा स्टेशन में हमको डिटेंड किया एक पोलिस जो तनात था वो हमको घेराबंदी कर लिया हमने बुला क्यूं हम नहीं जा पाएंगे नहीं कलेक्टर के इंस्ट्रक्शन है कलेक्टर के चीठी
04:04जवान में कोई रिसर्च करने के लिए गया कोई डोक्टर ने सर्विस देने के लिए गया था उनका नाम भी है जो हमान राइट एक्टिविस्टी जो भी हिसाब से इस जो अमान अभिया जो आंटी पीपल जो माइनिंग को अपोश कर रहें सब का नाम उनका पर है फेर आ�
04:34में मेधापाटकर के साथ थी ऐसा पहले भी हुआ है या अभी हाल में शुरू है पहले में हम खंडवाल माली में दोहजार तेईस में एक बड़ा प्रोग्राम किया पदजात्रा किया
04:49स्टेट का रिप्रेशन था लेकिन एसे रिप्रेशन जहां रोका जायेंगे आप आटेंट नहीं कर सकते फिर एक नोटिस आप दो महिने तक नहीं आ सकते रायगडा जिला में घुस नहीं सकते फिर वो लिस्ट में ऐसे कुछ लोग का नाम है
05:17चार-पांच आदमी जो खुद रायगड़ा का बसिंदा है किसे सरकार का कोई आइंगत मान्यता है बहिदता है जो रायगड़ा जिले के लोग को भी रायगड़ा में गुशने के लिए मना कर सकते हैं
05:31काफी डर गये हैं आप यो चाहते हैं कि प्रोग्राम ही ना हो पहले प्रोग्राम के बाद एक्शन होता था अब आज की तारीफ में प्रोग्राम ही नहीं हो और आप कोई जाना पाए यह सरकार का इसे बड़ा एक डर है जो जनता धीरे-धीरे समझ रहे है लेकिन अभी जो सर
06:01की है लेकिन इसलिए जब सरकार ने गठन हुआ हमने विश्वा आदिवासी दिवस में रायगड़ा में दस बारा जनों अंदल मिलकर एक समावेस किया वो समावेस में हमने सरकार के पास डिमांड रखा जो ग्राम सभा का अनुमदन बीना जो खोनी का लीज हो रहा है उसको
06:31ग्राम सभा डिसाइड करेंगे वो डेवलोमेंट का आधार क्या हूए आप जो डेवलोमेंट बोल लाए है वो डेवलोमेंट नहीं है वो डेस्टर्शन नहीं यह वीकास नहीं है बीना से इसलिए हमने मुख्यमंत्री के दावी पत्र भी सौमपा लेकिन कुछ रियक्शन �
07:01अब भी आदिवासी तो दो दो आदिवासी दोनों लोग उडिशा से हैं तो आदिवासी के सुनेंगे नहीं आपको नहीं लगता
07:09आप सुनकर आश्चर्ज हो जाएंगे खोद राष्ट्रपती का जो एरिया है रायरंगपूर में एक मैने पहले वो एक एरपोर्ट का जो ब्रिटिश सेकंड वर्ल्ड वार में यूज भुआ था अभी तक उनका कोई यूज नहीं है
07:34उसको एक्सपांड करने के लिए 43 आधिवासी का परिवार का घर तोड़ दिया वो ग्राम सभा का कोई बैठाट नहीं बोला है लेकिन उनको तोड़ दिया
07:50वो मलेवी आधिवासी है, एमपीवी आधिवासी, कलेक्टर खूद आधिवासी राष्ट्रपति आधिवासी उनका इलाका है
07:58लेकिन वो बेघर कर दिया 43 आधिवासी को इतना सुन्दर घर बनाया था, कोई प्रधान मंत्री आवास जोजना से भी उनको मिला घर बनाने के लिए
08:11लेकिन इतने रिप्रेसिव करके वो एक नोटिस भी दिया, 30 दिन के लिए महलत था, अठर तारिक को नोटिस दिया
08:22वो अप्रेल जो चार में नोटिस दिया, अप्रेल तेरो में उनका जो इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन को डिस्कार्ड कर दिया
08:37अठर तारिक वे दूसरा नोटिस दिया, 30 दिन अंदर आपको यहांसे खाली करना चाहिए
08:4430 दिन का टाइम दिया, लेकिन 20 तारिक को जवर्दस्त कोशिश किया
08:50उनको डिस्प्लेस करने के लिए, तोड़ने के लिए उनका घर जब प्रतिरोध हुआ, फिर पोलिस ने अपसर रहा, फिर 26 तारिक को ज़्यादा तर पोलिस सब को घेरावंदी कर दिया, सब तोड़ दिया, फिर उनके खिलाब में हम
09:08एक केस फाइल किया, हमने एक फैक्ट राइन्यूविंग्टी में हमको जार्कंड के उनका जार्कंड के साथ रिष्ता है, जो आदिवैसी लोक संताल, आदिवैसी लोक उन्होंने हमको ख़वर दिया, क्योंकि कोई ख़वर का घज में उसका निउज नहीं आया, लोकाल ख�
09:38इसके बाद निउज पेपर में कुछ आया, इसके बाद हम मुहिमन राइट्स कमिशन में केस फाइल किया, जो लोक का मन में कुछ उमीद था, जो राष्टरपति हमारा है, चीप मिनिस्टर हमारा है, आदिवैसी को कुछ रियात मिलेगी, ऐसा कुछ मिलते ने दिख़ई द
10:08और सबसे बड़ा कितने केसेज में आप लोग मदद कर पाए हैं बीतर देखे ये उनका हिस्टरिकल बैग्राउंड ऐसे है
10:182001 समय में ओडिशा में 2006 से 2008 के अंदर में लगभख 700 लोग जेल में थे फरजी केसेज में जहां से 90 परसेट आदिवैसी लोग थे
10:35आपको सायद यह होगा याद होगा मालकानगीरी जिला की कलेक्टर थी भिनिल क्रिश्ना उनको माउष्ट ने अबड़क्टिट किया किड्नाप किया कुछ डिमांड रखा इस समय का मैं बोल ला हूँ
10:55साथ सो लोग थे जहां से 90 परसेट आदिवासी थे कंधमाल में हम जब कंधमाल में थे दो हजार साथ में जो भावलेंच हुआ जो मेजरेटी कॉमुनेलिजिम फोर्सेस का माइनरिटी पर जो आटक हुआ
11:10स्वामी लखननन का निधन के बाद वो सब जितने भी इलाके में जो माइनरिटी कॉमुनेटी का अधिवासी दोलित लोग थे उसके खिलाप में फर्जी केस हुआ जब हम एसे कुछ डेमोक्राटिक आक्टिविटीज में थे जैसे राशन सब लोग को राशन मिलना चाहिए
11:40फरेश्ट राइट मिलना चाहिए जमीन मिलना चाहिए स्कूल हस्पीटाल फेसिलिटीज होना चाहिए ऐसे डेमोक्राटिक आक्टिविटीज कर रही है हम इसके खिलाप में जब आवाज उठाया फिर मेरे नाम को भी केस आ गया जो अडिशनाल चार्शीट उन्होंने दा�
12:10ने आट से दन का बात में बता रहूं हमारा एक प्रोफािल था हम कालेज लाइफ में एक स्टूडेंट लीड थी हूँ एक डेमोक्राटिक स्टूडेंट्स औरगनेशन का साथ एक सदास्य थी जो हमारा स्टूडेंट केरियर में जाई प्रकास अंदोलन के साथ हम सबोर्�
12:40वो गरीब आदमी है, डेली लेवरर है, उनका कुछ प्रोफाइल जो प्रोफाइल जो प्रोफाइल जॉज को इंप्रेस कर सकते, उन लोग ने तीन साल से पांच साल तक जेल में कटा, उनका जो अंडर ट्राइल में, फिर हम दो हजार बारा में देखा, हम कोष्टाल इलाका ह
13:10कुछ जान पहिचान है, फिर हमारा खिलाप में इतना जुटा केस उन्होंने पोलिस ने दरज कर दिया, लेकिन जो आदिवासी दलीत लोग उनका फेमिली का वो उन लेवन ये जिवन जिवे का बचाने के लिए एक एक आदमी है, वो जब जेल में अंदर में जाएगे, वो
13:40बनाया, जो जुटा मकदमा खिलाप में अविजन कैम्पेन एगनिस्ट फैबरिकेट केसे, इसी खिलाप से हमारा समय पे लगभग 200 लोग जेल में थे, अभी इस पुराना ये लगभग सब लोग रिया हो गया, इस समय जितने थे, सब लोग वो 5-7 अदमी अभी जेल में है
14:10तो ये एक बड़ी उपलब्दी है, आन्तमेक हाली मैं आपसे जानना चाहूंगी थोड़ा संख्षेप में, कि आज जो नहीं सरकार है, उस पर कॉर्परेट का कितना शाशन है, क्योंकि अब खबरे और आंदोलन की खबरे भी कम आती हैं, नेशनल मीडिया में
14:25और जब यह आपको पता है, जो प्रगती है, प्राई मिनिस्टर ऑफिस डेरेक्ट डील कर रही है, प्राई मिनिस्टर ऑफिस वो स्टेट का जो चिफ सेकेटरी के साथ डील कर रहे है,
14:47जो खौनी देने के लिए, लैंड देने के लिए जो ग्राम सभाएक बाधव के,
14:54specially आधिवासी इलाका में, अनुसुची तौन्चल में, जो समिधान का पंचम अनुचद हिसाब से जो ग्राम सभाएक अधिका,
15:03पेशा कानून का जो बाधव के, इसको बाधव को कैसे बीटा से दूर बीटा खतम कर सकती है,
15:10कितने स्पीड से जल, जमिन, जंगल, कर्पोरेट का हाथ में संपा दे सकते,
15:17इसी हिसाब से सरकार काम कर रही है,
15:19बहुत बहुत शुक्रिया, क्या चल रहा है उडिसा में और हम विबाग भाशा की तरफ से कम से कम यह कह सकते हैं,
15:27कि हम कोशिश करेंगे, कि आप जैसे तमाम लोगों के जरिये जो जमीन की रिपोर्ट मिल रही है,