Skip to playerSkip to main content
Sher Episode 2 | Digitally Presented by Diamond Paints & Surf Excel | Danish Taimoor | Sarah Khan | 22 May 2025 | ARY Digital Drama

Some love stories aren't just written in hearts—they're carved through pain, sacrifice, and fire. Enter the world of Sher, where two souls—Sher Zaman and Fajar—dare to love beyond the lines drawn by generations of hate.

Danish Taimoor breathes life into Sher Zaman, a man raised with command in his veins—fierce, proud, and built to lead.
Sarah Khan shines as Fajar, a gentle heart swept into the storm of a family feud, trying to hold on to love and light in a world clouded by old grudges.

Their paths were never meant to cross. But love… had other plans.

Sher is a gripping Pakistani drama packed with raw emotions, intense rivalries, and deep-rooted traditions.
From kidnappings and secret alliances to broken promises and forbidden love, every episode leaves you wanting more.
Featuring a stellar cast and top-tier storytelling from the makers of iconic drama hits.

Cast:
Danish Taimoor as Sher Zaman
Sarah Khan as Fajar
Arjumand Rahim,
Sunita Marshall,
Nadia Afgan,
Yousuf Bashir Qureshi,
Faizan Shaikh,
Atiqa Odho, and more.

Written by: Zanjabeel Asim
Directed by: Aehsun Talish

Airs Wed & Thu at 8:00 PM, only on ARY Digital

Don't miss this emotional rollercoaster of love, loyalty, and legacy.

#Sher #DanishTaimoor #SarahKhan #PakistaniDrama #ARYDigital #DramaSerial #NewDrama2025 #FamilyFeud #LoveStory #RomanticDrama #ZanjabeelAsim #AehsunTalish #SherZaman #Fajar #pakistanitvdrama

Category

😹
Fun
Transcript
00:00पना के तमाशा जो हसते रहे उने अब तमाशा बनाया जाएगा
00:30पना जो हसे नाएगा जो हसा बनाया जो हसे नाएगा जो हसे रहे उने अब तमाशा है
00:53ना इतना मेरा इंतिहान ले बेदर देया
01:07यू जी तेजी ना मेरी जान ले बेदर देया
01:20क्या भूप जपाओ की तुने रस्म नवाई है
01:26ये तंद की आदिश जो इस दिल में जलाई है
01:32आएगा बजा तुझी को इस याग में जनने का
01:37वो का ही मिलेगा ना अब तुझी को सबलने का
01:46आप यहां क्या करें
02:04आप यहां क्या कर रहे जाये ना वाँ बस आप एक लवस्पी और ना बोल
02:34आप बस आप एक लवस्पी और ना वाँ बस आप एक लवस्पी और ना वाँ
03:04आप एक लवस्पी और ना वाँ बस आप एक लवस्पी और ना वाँ
03:34किया तुमने जवार्शा भाई के लिए हर रोज ये काम वो काम और अब हमसे निवाला दे के चीन लिया
03:44अल्ला खारत करे इस श्वाब को
03:47आमिर मान नहीं रहूँ लेकर इस सब में इसी का यहाथ है
03:55आमिर भाई हो ऐसा क्यों करेंगे?
03:59हसद और क्यों? और कोई काम तो करता नहीं
04:06सारा दिन बीगी के इशारों पे नाचता रहता है
04:09सब जानता हों मैं
04:12वो नहीं चाहता के मैं जवार भाई के करीब रहूँ या उनका कोई काम करों
04:17सुनेर का वारिस बनना नहीं तुमारी बेहन को अच्छा लगता है और नहीं आमिर को
04:23अब देख लेना
04:24हमारे आगे बैठ जाएंगे और नाटक करते रहेंगे
04:28नहीं
04:30मैं नहीं मान सकती
04:33फांजय ऐसा कैसे करेगी
04:35वो मेरी बैहन है
04:37मुझसे जादा तो वो खुश थी
04:39कुश तो वो शबाप के आगे भी रहती
04:41भर-भर के दुआइं देती है उसे
04:43इसका क्या मतलब है
04:45बहुत खुश है वो शबाप के साहँ
04:47सब नहीं है
04:58लड़की को इस घर से कैसे निपा दे?
05:10सुन, ये जवार्शा साईई गल्राथ कहा थे?
05:16ये, क्या पूछ रही हो इससे?
05:24बता ना, कौन से कमरे में थे?
05:26सुपा का नाश्टत उनके कमरे में गया था, वो वही थे
05:31अच्छा, ठीक, जाओ
05:56हुँ
06:10खाना तो नहीं खाया होगा तुमी
06:11खाओ
06:21खाओ
06:28खाओ
06:29हुनेन बहुत प्यार करता था
06:42कभी कुछ नहीं चुपाया उसने
06:45सब पताता था
06:46तुम्हारे बारे में बात करता था तो
06:52खुश लगता था
06:56हम तयार थी रिष्टा लाने के लिए
06:59उसने हमें रोका था
07:01नहीं नहीं
07:04मैं पहले जाओंगा
07:06फिर आओ
07:10वो तो ऐसा गया के
07:16मैं जाने का मौका ही नहीं मिला
07:28और अब तुम यहां
07:31जवार्शा की बीवी बनके आई है
07:39अहसास है कि क्या बन गई है तो
07:41उच्छे कुछ नहीं बनना
07:45यहां सुर्फ सौदे में आई हूँ
07:50और नहीं कुछ बनने की खाहिश है
07:55तुम्हारे बस में अब कुछ नहीं
07:57यह बात इतनी जल्दी कबूल कर लो बेतर है तुम्हारे लिए
08:03अगर कबूल नहीं करोगी
08:05तुम्हारी वाकात
08:07हमारे घर की नौकरानियों से कम कर देगी शबाव
08:13उसने अपना काम पूरा करना है
08:16आपश तुम्हारा काम तमाम इस घर से
08:18अपने दिल को मार दो अपने दिल को मार दो तुम्हाग से काम करो
08:36मेरी मदद चैयों तो मांगले ना
08:45कर दो
08:55झाफिछ
09:01कर दो
09:04के
09:07झाल
09:11अल्ला मेरा बला करेगा
09:30आमीन
09:41सवार्शा, हम उस लड़की को यहां क्यो लाए है?
09:58तुम्हारी इजद के हो जासे
10:05सवार्शा, हमें उससे आपकियो अलाद चाहिए
10:19मेरी कभी भी ऐसी कोई खाहिश नहीं थी
10:27तुम्हारे पूछने पर
10:31मैंने इंकार भी किया था, तुम शायद भूल गी
10:34सवार्शा, आप क्या चाहते हैं?
10:38कि हम आपकी बार-बार मिननते करते रहें आपको वहां बेजने के लिए?
10:47सवार्शा, मैं आपसे बाग कर रही हूँ
10:49तुम क्यों नहीं समढ़ती, शभाब
10:52मुझसे नहीं जाया जाता वहां
10:55अजाने का सोचता तो होना यहादात है मुझे
10:58तो फिर?
11:01तो फिर क्या?
11:03तो फिर क्या शभाब?
11:05क्या सुनना चाह रही हो?
11:08इनकार सोना चाहती है मेरी तरफ से
11:13सवार्शा
11:17तो क्या सारी इंदीगी चावेद के बेटे को अपने साथ रखेंगे या?
11:23क्या यह हल है आपके पस?
11:27क्या अपने खंदान खतम कर देना चाहते हैं?
11:30जब मर जाओंगा ना
11:32तो सड़क पैसे किसी को भी उठा के सब कुछ दे देना मेरा?
11:35मुझे कोई फरक्त ने पड़ता
11:38क्यों नहीं समझ रहे मेरी बाब कुछ?
12:02पाद बाद बाद बाद यह मेरा घर है
12:16वाँ भै इतना बडा घर
12:18हाँ यह मेरी बेटी का घर है
12:21वो यह मालिकन है
12:23उभाई किराया कुछ देगा दूसर रुपे?
12:26अब किस बात के तो सिर्फे ये देख रहा है मुझे वाला गनमेन इसकी बंदूग देख रहा है मेरे एक इशारे पर चलता है निकल जा अपना गोलिया चलवा दूगा चल कमाल करते हैं कितना बड़ा गर है दोसरों पर नहीं दे सकते हैं अभी चल अजीवाद में है चल
12:56किदर चले यारो मूट आए जवार्शा का सुसरों असलाम अलेकूम अलेकूम अलेकूम असलाम
13:26हुने अगर तुम मुझे यहां इस घर में लाते हैं तो कितना अच्छा होता हैं
13:50यहां कोई मुझसे बात नहीं कर रहा है अगर तुम साथ होते तो सब कितनी बाते करते मुझसे हम दोनों साथ कितना खुश होते हैं एक तूसरे को यह तनहा ना छोड़ते
14:09काश तो मुझे यह तनहा ना छोड़ते कि भुख तो हो इतना बड़ा घर वह वह वह वह क्या गाड़ी है
14:28अबे हाथ अड़ो, देख रहे हैं मैं गारी साब कर रहा हूँ
14:31अबे मैंने कौन सी मट्टी फैंक दी है, ये देख, ये तो सारी मट्टी लेगो, ये चल सफाई कर, बड़ाया क्लीनर
14:37ओ चाचे, किस से मिलना है, जाजा के जमार्शा को बोल, कि तुम्हाना सुसरा है
14:48तमीज से, वो साही है यहां के
14:51अबे साही तेरे होंगे, मेरे तो बेटी का शाहर है, जाओ बताओ शकील अंसारी साब आएं
14:57अबे बिटर-बिटर क्या देख रहा है, अई छोटी, जा उदर, एक बड़ा कब चाय और बहुत सारे बिस्कुट, लेके आए
15:07नूरी
15:10पतानी कौन है, साही से मिलने आया है
15:16किसी और से कह दे, मुझे क्वाटर में काम है
15:21अबे नखरे बड़ा कर रहा था, लड़की ने गास ही नहीं दानी, आ तो सही तुझ दर
15:29बैठ साही आते होंगे
15:34सबसे पहले तुझे निगलवामा
15:40जा उदर बेठ बैठने जा रहा हूं
15:44अए सभाई कर ये गंद लगावा ये इसको साफकर
15:52अए सीदा खड़ाओ एन एक लगाँ खड़ाओ गया
15:55अभे मुझे क्या देख रहा है उदर चल काम कर चल
15:58आया बड़ा
16:01क्या बात है और क्या ठात है
16:05क्या बात है
16:08क्या नसीब है मेरी बीटी है भाई
16:30सुन
16:31वो नाम क्या है ते रब
16:37देहाल
16:40हाँ हाँ जो भी है
16:42यहां खड़ी क्या कर रही है जा अपने हिस्से का काम कर
16:47अपने हिस्से का काम
16:48अपने हिस्से का काम
16:50तो तु क्या अपने आपको बड़ी बेगम सहभा समझ रही है उनके पाउं के धूल नहीं है तो
17:04वो जाड़ू पड़ा आवा है उठा और हवेली के बाहर तक जाड़ू लगा आकर आ अच्छे तरीके से इस हवेली में रहने के लिए ना काम करना पड़ते हैं
17:16मुफ्त में रोटी नहीं मिलती और तुझे तो मुफ्त में बिलकुल नहीं मिलेगी
17:19और मुझे रोज तुझे यह सब कुछ बताना ना पड़े तेरी देखवाल में नहीं लगी हुई मैं
17:26और यह तेरे कमरे में खाना कहां से आया है चोरी किया तुनी
17:30देख यहां पर खाने के लिए किसी को मना नहीं किया जाती
17:33मैंने चोरी नहीं किया अच्छे
17:36तो खुद चलकर आ गया तेरे खमरे में
17:39मुझे दिया गया है
17:41दिया गया है?
17:43किसने दिया है?
17:45यहां पर मेरे सबा कोई नहीं आता
17:46मैंने जानती, वो जो कल भी थी
17:49तस्वीर भाली?
17:51हाँ, उन्होंने दिया है
17:53वो किन दे कर गयी?
17:56है, मुझे क्या
17:57तु जाड़ उठा
17:58और अच्छे से जाड़ लगाना, ठीक है?
18:01मैं आकर देखूं कि तुन्हे कैसी सफाई की ये
18:03और मुझे सब कुछ समझाना न पड़े तुझे
18:05उठा जल्दी
18:08ना, कितनी सुस्ते तू
18:10सही सिज लगाना जाड़ू
18:20मैं आकर देखूंगी अभी
18:22सही सही पता है कौने इतनी बत्मीजी करें
18:40आप से बने आए
18:42इस कौन बर किसने आने दिया
18:49सही गार्ड ले
18:50बोल रहा है आपका सेशल रहा
18:53और मुझे तो नोकरी से निकालने की भी दम की दिये
19:19सही सही सही कहती है आपके ठीक है
19:25सही मैं आपको डोकर को काया के जी मैं यह बैठा हूं साप को बता दो जो जो अशने शायर आपको पताया नहीं
19:30अब तो हम रिष्टेदार हो गए ना
19:32तो मिलने चला है आपको तो मिलने चला है आपको तेरी जुरत कैसे ही मेरे घर में गदब रख रख रहेगी
19:51तेरी तेहमत उसे माफी नामें पे दस्तखत कर के दे दिये क्या यह काफी नहीं है
19:57अज अगर तो जिन्दा है तो यह हमारा एक्सान है वरना कब का तुझे जिन्दा दर्गोर कर चुका होता इदरो
20:09अगर यह आएंदा आस-पास दिखाई भी दिया तो इसको गॉलियों जे भूल डाला
20:15मैं खुद देख लूगा निकाला इसको
20:19चाल चाल
20:22चाल
20:24अजिए
20:28ईजिए
20:32आए
20:33प्याइ
20:34प्यूप
20:36आए
20:38अजिए
20:39आए
20:42आए
20:43आए
20:44आए
20:45
20:48आए
20:50सबनों से भरे देडां अश्कों से भरे कैसे
21:08बे दर्द जहां से दिल शिक्वा भी करें कैसे
21:14एक तुझे से वफाओं की उम्मीद लगाई थी
21:20लेकिन ये जफा तेरी फितरत में समाई थी
21:26इमत कर ये खुद घर्जी मादले पे दढ़ दिया
21:32तेरी ही गलती जो तुम जैसे लोगों पर रोसा किया
21:41एहसान किया था मैंने तुम लोगों पर
21:43और तुम ने अपने ही बाप को बेरे घर बुला लिया
21:47उस आदमी को जिसकी वज़ा से मेरा भाई मरा
21:51मेरे गर की देली इसमें से कदम क्यों रख गा
21:55जहां मेरे भाई की मयत उठी
21:59तुम सोच सकती हो मेरे दिल पर क्या गुजर नहीं होगी
22:02कैसे परदाश किया मैंने
22:04और वो घटी आदमी वो बेगहरत आदमी मुझसे रिष्टा जोड़ना चाता है
22:10अज तो पक्ष दिया उसको मैंने
22:12आएंदानी छोड़ूगा
22:15आउसा पी गया हूं तुम्हारी बज़े से
22:17सिर्फ तुम्हारी बज़े से
22:19सिर्फ तुम्हारी बज़े से
22:49सिर्फ तं तुटे जो तुछ से जुड़े थे वो
22:57सारे ही भरं तुटे
23:03हो खुषियों की तमन्द थी
23:08तनहाई अधी तुदे
23:11रुस्वाई अधी तुदे
23:13क्या हूँआ? क्या हूँआ साई?
23:15क्या हूँआ बटा?
23:16सब ठीक तो है न?
23:18साहिए अंदर चलके बात करते हैं न?
23:20संभालो अपनी बेटी को
23:23हमारे घर से हम लोगा कोई वासता नहीं है
23:27नहाल
23:28क्या हुआ बेटा?
23:30साहिए बताए तो साहिए आखिर हुआ क्या है?
23:32बात तो बताए मुझे
23:34साहिए पुरा महला देख रहे
23:36साहिए रुके तो साहिए
23:38साहिए रुके तो साहिए
23:40साहिए कुछ बताए तो साहिए
23:46नहाँ चलो पठाए तो
23:48अंदर चाहिए
23:50बताए
23:57बोलो मुझे बताओ
23:58साहिए तुम्हे यहा क्यो छोड़के कि है?
24:00अच्छा हुआ छोड़ गए
24:02नहीं रहना मुझे बहां
24:06कैसी बाते कर रही है
24:10तेरी शादी हूई वोई तेरा गहर है
24:12शादी हुई है या बरबादी हुई है
24:14हमारिया ऐसी शादी होती है
24:16मैं कौन सा खुन बहा में गई थी तुम्हारे बाप के पास
24:20जो वो मेरे साथ मुझरमों जैसा सलूक करता है
24:23अगर किसी लड़की को उसका शोहर इतनी जल्दी
24:28घर पिंके चला जाये ना
24:30तो लोग तरह तरह की बाते करते हैं उस पर इल्दाम लगाते हैं
24:35कितनी जबाने उत्रे मुँख
24:39बोलो ला मुझे पता हो आपको क्या है
24:44वो तुम्हें यहां साहिं क्यों चोड़के गया है
24:47खामोश क्यों बोलते क्यों नहीं आओ
24:55आपको जो चाहिए था वो तो मिल गया ना आपको
24:57आपके शोहर बाइजद घर वापस आ गए
25:00आप इस दुनिया में तन्हा रहने से बज़ गई
25:03इस घर पर जिल्लत आनी थी लेकिन टल गई
25:05वही हुआ जो आप जाती थी
25:07अब मेरे घर बसने की पेकर क्यों लिए आपको
25:10तीजी आगए आपके सरताज जिनके लिए आपने अपनी बेटी को कुर्पान करती है
25:22क्या हुआ आपको अपको
25:33तूरेट मकरनकर
25:34यह तो अपने शोर को समझा नहीं सकती थी
25:40पहले तो आइसकों की लाइन लगाती थी तू
25:43अब अबर्दार अगर तू हिली खड़े खड़े तलाग दे दूबत जाए
25:49बेखरत तो अपने बाप की इज़त नहीं करवा सकती थी
25:53तेरी आखों के सामने तेरे घर में तेरे बाप को मार पी उठ रहे थे और तू घड़ी तमाशा ही बढ़ी होई थी तू शोर कर रोकने सकती थी
26:01तू साइं की खर गए थे मैंने तूम्ही मना किया था ना किस घर में नहीं जाना बेटी के सुसराल है तो क्या हुआ बेटी दी ए सुसराल उस घर का चलागा तो कौंसा गुना कर दिया लेकिन ये बेगहरत ये खड़े मजे ले रही थी इसे अच़ था कि तेरे मुपे तेर
26:31ये खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े खड़े �
27:01नूरी, जवाशा आएं
27:27ये तो होना है था
27:29ये बड़े फैसले से पहले आप किसी से पूछी लेती
27:36हम तो पहले ही एक भाई खो चुके हैं
27:40आप तुसरा भाई नहीं खो सकते
27:43आप कहना क्या चाह रही है
27:49नहीं, मेरा मतलब है कि आप किसी से वकर पश्वरा कर लेती
27:55हम भी तुसरा का हिस्सा है, अब देख लें आप रात के बारा बज़रे और जवाशा नहीं है
28:01और जिस खुसे में वो उस लड़की को लेकर गए है
28:05मेरा दिल खबरा रहा है, अल्ला खेर करें
28:09कुछ हो ना क्या हो
28:13यह हमारा घर है
28:17हम जिसको चाहें इस घर में लाएं
28:21और जिसे चाहें इस घर से निकालते हैं
28:25और इस घर में जो भी फैसला होता है
28:29वो हम खुद कटते हैं
28:31इसमें हम किसी खेर की मदद क्यों लें भला
28:34और आपकी यह जो घबराहट है ना
28:38मस्तनूई घबराहट
28:40यह जवाशा के लिए बचा के रखेगा
28:43हम पे इसका असर नहीं होने वाला
28:47शबाब भावी
28:55किसकी फिकर और महबत असन है
28:59यह वक्त दिखाएगा आप
29:01आप बेशेक हमें इस घर का हिसा ना समझे
29:07लेकिन जवाशा की जिन्दीगी का हिसा हैं आप
29:11और आपको कोई फ्तियार नहीं कि हाप हमें निकाले
29:15और जहां तक आपके फैसले की बात है तो
29:21माज़रत के साथ
29:24इनसान को इतना मगरूर नहीं होना चाहिए
29:27कि सिर्फ अपनी खामियों पे परदा डालने के लिए
29:31गलत बे गलत फैसला किये जाए
29:33क्यों?
29:36सिर्फ इसलिए कि मश्वरा नहीं लेना?
29:45जवार्शा अला कर लाख लाख शुकर है आप ठीक है
29:51कहां थे आप? हम सबते परिशान थे?
29:54शुकर हम दोने ले ले रब ले
29:56नहाल का है जवार्शा?
30:01अरे भापी छोड़े उस मन्हुस को
30:03हमें तो जवाय भाई के फिकर लगी रही थी
30:06और आप अभी तक उस लड़की के लिए बेचेने
30:10सवार्श
30:12उस लड़की को आइंदा कभी इस घर पे ना ला
30:16वो लड़की इस घर के लिए ठीक नहीं है
30:20अनुस है
30:23हमसे तो किसी ने पूछा नहीं
30:28हम पे गया कयामत कुजडी जब हमने उसे यहां दे का
30:33उस लड़की की वज़े से हम अदब
30:38उने
30:41और
30:46उसी को आपकी दूसरी पीबी बना ले
30:51सवार माई
30:53उस लड़की को देखके हमें अपना माई
30:57उने यादात है
30:59हम उसे इस गर में बर्दाश नहीं कर सकते
31:03मैं समझ सकता हूं
31:09सवार मैं
31:12उस लड़की को छोड़ाया हूं मैं
31:14तुम लग फिकर ने करो वो अब यहाने आएगी
31:18हमें बहुत तकलीफ पहुची है
31:24में बहुत दुख पहुचा है
31:26जो आए
31:28मस
31:30मस
31:33कहा नहीं आप हो
31:38यहान नहीं आएगी
31:40इस खांदान के किसी भी फर्द को देखता हूँ तो
31:44खुन खुलता मेरा
31:47परदाश्टी होता मुझसे
31:49बस वो नहीं आएगी अब यहान
31:53लाका शुकर
31:57लाका शुकर
32:10मैंठी है पर्शा
32:14मैंठी है
32:40जल्दी दो, और ढालू
32:44अश्छ
32:55कुछ और चाहिया पर नहीं जाओ तुम
33:02सलाम साइन
33:10जवार्शा नहाल को कहां छोड़कर आयो
33:17जवार्शा मैं आपसे पूछ रहें
33:35नहाल को कहां छोड़कर आये
33:38जहां उसको होना चाहिये था
33:40बस छोड़ा आया हूँ
33:43और बहुत चल्ब उसको तलाग पहशवाद होगे जवार्शा नहीं सवाशा
33:49बस चन्द महीनों की बात है
33:54और उसके बात
33:55उसके बात अब ये वारिस मेने वे
34:00नहीं चाहिए
34:01इस खानदान से मुझे हुनैन के खुन की बू आती है
34:07परदाश नहीं होते वो लोग मुझे
34:11और आज तुम्हें देखा
34:14शकील अनसारी की अपनी जरत
34:16आज मेरे घर चलाया वो
34:19बेधरत दंदनाता हुआ
34:23मेरी आँखों के सामने आ गया
34:25तुम जाती हो क्यों आया
34:29क्योंकि अब मैं उनका दामाद बन चुका हूँ
34:33उसकंदे इंसान से मेरा रिष्टा जुर चका है
34:37तरी
34:39तुम महीरों की बात करती हो मुझसे
34:42वो एक लमह बरदाश नहीं हो सकते
34:44लेकिन अब तो
34:47लिखा हो चुका है ना सवाश
34:50कोई फर्द नहीं पड़ता तलाग भी तो हो सकती है
34:54इतना आसान नहीं है
34:55क्यों आसान नहीं है
34:56क्यों
34:57अधिर मेरे मासूम भाई का कतल इतना आसान हो सकता है
35:01तो पर तलाग भी मेरे लिए मुश्किल नहीं है
35:03नहीं सवाशा
35:05मैं आपके आगे हार चुड़ती हूँ
35:08अच्छा मैं वादा करती हूँ
35:13कि आप उस घर से आपका कोई तालुक नहीं होगा
35:17आप कभी भी शकील अंसारी की शकल नहीं देखी
35:20जैसी हमें वारस मिल जाएगा
35:25हम उस लड़की को भी इस घर से निकाल देंगे जवारशा
35:29यह मेरा वादा है आपसे
35:33लेज जवारशा
35:36मेरी बहुत मुश्किलों से यह निगा करवाया है
35:40सिर्फ एक उलाद के लिए
35:44मैं भी है जाती हूँ
35:48आपको सिर्फ उससे उलाद मिले
35:51उसे आपका प्यार कभी ना मिले
35:54मुझे हर औरत से आपकी मुभपत के बटवारे का खौफ है
35:59सिवाई नियाल के
36:03खुदा के लिए शबाब खुदा का वास्ता तुम्हें
36:06क्यों मुझे मुझे मजीद इंतिहान में डाल रही हूँ
36:09अगर और भी तक्लीफे आएंगे
36:12तो यह से क्यों नहीं छोड़ देती
36:15शनी सवार्शा
36:17तलाग ना देना सवार्शा
36:21मुझे आपकी अलाद चाहिए
36:25मैंने बहुत तक्लीफ उठाई सवार्शा
36:30मेरे दिल से पूचो
36:31जैसे जैसे दिन करीब आरे मेरी
36:37मेरी तड़ब बढ़ती जा रही है जवार्शा
36:41और इस
36:44की सारी मुश्किले तक्लीफे उस तड़ब के आगे
36:48तो कुछ नहीं
36:50मुझे आपकी अलाद चाहिए जवार्शा
36:56आपका खूँ
36:56तलाग देना सवार्शा
37:00मैं आपके बेचे की माँ बनना चाहती हूँ
37:05तुझे आपके बेचे की माँ बनना चाहती हूँ
37:08तुझे आपके बेचे की माँ बनना चाहती हूँ
37:11तुझे आपके बेचे की माँ बनना चाहती हूँ
37:15तुझे आपके बेचे की माँ बनना चाहती हूँ
37:17मुझी ओला चारी नहीं दोला नहीं एकादू
37:45तू भी तरफ्रे का तू भी मांगें देखे आगा
37:52पना के तमाशा जो हसते रहे उन्हें अब तमाशा बनाया जाएगा
Comments

Recommended