00:00घर जाकर लड़के ने पिता से स्कूल के लिए पैसे मांगे, लेकिन सूखे की वजह से फसल नहीं हुई, खाना भी मुश्किल था, फीस तो दूर की बात, लड़के ने खुद कमाई का रास्ता ढूंड़ा, उसने टीचर की साइकल का लैंप चुरा कर बेचने की सोची, लेक
00:30कीमत 24 से 105 तक बढ़ा दी, फिर भी अनाज की लाइन बहुत लंबी थी, लड़के ने देखा कि लाइन में इंतजार करने से कुछ नहीं बचेगा, उसने चालाकी से साइकल चिपाई, और छोटे कद का फाइदा उठा कर गोदाम के पिछले दर्वाजे से भीड में घुज �
01:00बहन के बॉइफरेंट की साइकल का जनरेटर मिल जाए, बहन ने सोचा और अगले दिन अपने बॉइफरेंट के साथ चली गई, लेकिन लड़के के लिए जनरेटर चोड़ गई, इस भारी उमीद ने लड़के को भूख मरी से लड़ने का होसला दिया, उसने गांफ के दो
01:30की बात माननी पड़ी, सूखी जमीन पर कुछ भी होगाना बेकार था, पिता की साइकल का पहिया चाहिए था, लड़के ने भाईयों को बुलाया कि पिता को मनाएं या साइकल चीन ले, लेकिन पिता के गुस्से ने सब को डरा दिया, जब लड़का हार माननने वाला था, �
02:00पाईप से आवाज आई और पानी बहने लगा, सब खुशी से चिल्लाया, पिता ने लड़के को गले लगाया, ग्रामीडों ने नहरें खो दी और पानी जमीन को सींचने लगा, अब भूक मरी की चिंता खत्म हो गई, पिता ने लड़के को देखा और अपनी गलती पर प�
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