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Transcript
00:00I am going to talk about it.
00:03There was a jungle in a small jungle.
00:08What is it? My dog is going to take me in front of me.
00:13Oh, this is a different way.
00:30Oh
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03:34But he hasn't been out of the way.
03:36How can we do it to get out of the way?
03:41How will we get out of the way?
03:44I have an idea.
03:49Now, look at this one.
03:51Then, a fork will take a fork to the fork.
03:56He was standing in front of the ground and was standing up and chinged.
04:01। । । । । । ।
04:31तो लगता है ये गुफा सच में बोलती होगी, अब इस गुफा के बद्रे मैं जबाब दूँगा।
04:40मैं खुश हूँ, अच्छा हूँ, अंदर आ जाओ, मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूँ, बैट कर बाते करते हैं हम दोनों।
04:51मैं सुन लिया तुमने, इस गुफा के अंदर एक शेर बैठा हुआ है, दरो मत, तुम मेरे साथ चलो, आज की रात रुखने के लिए मैं तुम्हें अच्छी जगा दिखाता हूँ।
05:04भालू और लोमडी शेर के सामने बाल-बाल बच गयें।
05:13और शेर को कुछ खाने को भी नहीं मिला।
05:19एक बार एक जगह पर एक बहुत आलसी साम था।
05:36वो छोटे-छोटे जीवों को धोखा देकर खा जाया करता था।
05:40मेंढक को खाये हुए काफी दिन हो गये।
05:50आज उस खायश को कैसे भी करके पूरा करना होगा मुझे।
05:56कोई तो रास्ता निकालता हूँ।
05:59पास के एक टालार में वहां धीर सारे मेंढक रहते थे।
06:07और यहीं से साप का सफर शुरू था।
06:19कुछ समय बाद वो मेंढको के पास पहुचा।
06:23बापरे साप।
06:27ए दोस्त लोग तुम लोग इधर उधर कहां उचलते हुए जा रहे हो।
06:37डालने की कोई जरुवत नहीं है।
06:39तुम लोग को कोई तकलीफ नहीं दूगा मैं।
06:41अरे आजकल मैं नॉन्वेज नहीं खाता हूँ।
06:55एक भी जीव को नहीं मारता हूँ मैं।
06:57पूरी तरीके से सात्विक हो चुका हूँ।
07:01हमें बुद्धु बनाने की कोशिश मत करो।
07:05क्या ये तुम्हारी चाल नहीं है।
07:07नहीं मैं तुम्हारी मदद के लिए आया हूँ।
07:12सच बोल रहा हूँ मैं।
07:14ये कैसे रहेगा।
07:17मैं जब इदर आ रहा था तो रास्ते में मेंधक पकड़ने वाला मिला।
07:21वो बोला कि मैं तालाव से मेंधक पकड़ने जा रहा हूँ।
07:25इसलिए मैं तुम लोगों को बताने के लिए आया हूँ।
07:29कि तुम लोग समझ जा और अपनी अपनी जान बचा लो।
07:32साप ने जब ऐसा कहा मेंधकों से तो मुझे शक और डर लगने लगा।
07:37और मेंधक भी सोचने लगे।
07:40यह साप जो कह रहा है अगर वो सच निकला तो क्या होगा।
07:46साप हमें पकड़ने आये इससे पहले हमें कही न कही तो जाना होगा।
07:51लेकिन हम कहां जा रही है।
07:55अगर तुम लोग मुझ पे भारोसा करोगे तो मैं तुमको एक सुरक्षिक जगह पे पहुचा दूँगा।
08:03साप की बात को मान कर मेंधक उसके साथ चल दिये।
08:07मैं तु एक मिंड़क के पैर खाने को सोच रहा था।
08:30लेकिन यहां तो बारा बारा मिल गया।
08:33इनको सुरक्षिक जगह बोल के मली आया।
08:53पर मैं तु अपने पेट के अंदर पहुचाने वाला हूं इनको कुछ नहीं पता।
09:02अरे साप भाईया आप क्या बड़ बड़ाय जा रहे हो।
09:05अरे यह तो कुछ भी नहीं है।
09:07तुम लोग मुझे कस की पकड़ लो मैं बहुत तेज भागने वाला हूं।
09:12इनको लेके गुफा के अंदर जाता हूं।
09:24रास्ते में गुफा देखके साप उसके अंदर जाने लगा।
09:28भाई तुम इस गुफे में क्यों जा रहे हो।
09:32हम लोग इतना दूर आ चुके हैं थोड़ा आराम करके जाएंगे।
09:36अरे भाईया इसमें जाना खतरनाक होगा।
09:39ए तुम अपना मू बंद करो।
09:42अंदर जाके थोड़ा आराम भी कर लेंगे।
09:45और मेरा प्येट भी भर जाएगा।
09:48अरे मुझे बचाओ, मुझे मत मारो।
09:59मेंदिको को खाने के लिए साप जिस गुफा में गया था,
10:06वहां उसे एक नेवला मिल गया।
10:08विश्वास खाती साप को ये नहीं पता था,
10:11कि जो दूसरों के लिए खाई खोदता है,
10:15साप के साथ भी ऐसा ही हुआ।
10:18एक जंगल में एक हाथी का परिवार रहता था,
10:26और एक मेल हाथी, एक फीमेल हाथी,
10:32और उनके दो बच्चे भी थें,
10:35और उस हाथी परिवार में उनका सबसे छोटा बच्चा बहुत ही शरारती था।
10:41एक दिन वो हाथी परिवार चंगल के नदी में नहा ने आया था।
10:56एक दिन वो हाथी परिवार चंगल के नदी में नहा ने आया था।
11:09नहाते समय हाथी का बच्चा बहुत ही शरारत करने लगा।
11:34बेटा नदी का प्रभाव जोरोपे है आपको सावधान रहना चाहिए।
11:46हाँ बिल्कुल अब वो और ज्यादा शरारती हो गया है।
11:50बहुत बदमाशी कर रहे हो शांती से नहाओ।
11:54इस बार नदी के किनारे एक पेड़ पर एक छोटी चिडिया बैठी थी।
12:00हाथी के बच्चे की सभी शरारते वो छोटी चिडिया देख रही थी।
12:06वो इसे लेकर काफी उत्सुक थी।
12:09अरे वाँ, तुम्हें खेलते देख बहुत मज़ा आ रहा है।
12:17हाथी के छोटे बच्चे के साथ वो छोटी गौरया दोस्ती करना चाहती थी।
12:23तुम्हें खेलते हुए देख कर बहुत अच्छा लगा।
12:30तुम काफी होश्यार लग रहे हो। मेरे दोस्त बनोगी।
12:39तुम्हें पता भी है मैं हाथी का बच्चा हूँ।
12:46इस जमीन पर सभी प्राणियों के बीच सबसे बड़ा प्राणी हूँ मैं।
12:54तुम्हें एक मुर्ख पक्षी हो। हम दोस्त नहीं बन सकते। मारे बराबरी के नहीं हो।
13:00ओ, तो ये बात है। मैंने तुम्हें प्यार सी पूछा, अगर बुरा लगा तो माफ करना।
13:07हाथी के छोटे बच्चे के साथ वो दोस्ती करने में असमर्थ रही। बिचारी छोटी चड़िया निराश होकर वहां से उड़ गई।
13:16अभिमानी बच्चा हाथी उसकी शरारतें बढ़ती रही। और वो नहाने के बाद जंगल की तरफ लोड गये।
13:26रास्ते में छोटी हाथी को गणने का खेट दिखा। और वो छोटी हाथी अपने मापापा से चिप कर उस खेट की तरफ चला गया।
13:43और कुछ दिर बाद वो गणनों के बीच में छिप गया।
13:48और उन तीनों लोगों को ये नहीं पता था और वो आगे बढ़ते रहें।
13:53और वो छोटा हाथी गणने के खेट में जाके गणना खाने लगा।
13:59अरे वा, ये कितना मीठा है।
14:04अरे वा, मैं कितना भाग्यशाली हूँ के मैं यहाँ पर पहुचा हूँ।
14:11खेट में लगे हर गणने के पौधे को उसने एक-एक करके तोड़ दिया।
14:18और उन में से कुछ गणना खा लिया।
14:21ओ, शिकारी।
14:36शिकारी को देख कर छोटा हाथी भागने लगा और अपने लक्ष से भटक गया।
14:42ओ, मुझे बचाओ, मुझे बचाओ, मुझे बचाओ, मुझे बचाओ।
14:51अपसोज, वो बुरी तरह चुलाया और रोने लगा।
14:54एक हाथी का बच्चा जो भटक गया है वो कहीं और पहुच गया।
14:59एक हाथी का बच्चा जो भटक गया।
15:28रास्ता ना जानने की उल्जन में वो रोने लगा।
15:32ओ, मेरे मम्मी पपा, अब मैं कहा जाओंगी, मम्मी, मम्मी।
15:42लेकिन उस समय वो छोटी चुडिया हाथी के रोने की आवास सुनी और वो वहाँ उड़कर चली।
15:50और वो देखती है कि एक पेड के नीचे हाथी का बच्चा बैटके रो रहा है।
15:55अरे छोटे हाथी, क्या बात है, क्यों रो रहे हो।
16:00मेरा रास्ता भटक गई और मुझे मम्मी पपा से मिलना है।
16:04तुम यहाँ कैसे पहुची?
16:07मैं तुम्हारा पीछा कर रही थी, क्योंकि मुझे पता है तुम थोड़ी गमंडी हो।
16:14लेकिन घमंड की वज़े से हम खत्रे में पढ़ सकते हैं।
16:18ओ, मुझे डर लग रहा है।
16:20अरे, डरो मत, मैं तुम्हें बचा लूँगी, तुम मेरे साथ चलो, मैं तुम्हें तुम्हारे मम्मी पापा के पास ली जाऊंगी।
16:27वो छोटी चलीया उड़कर उस छोटे हाथी को रास्ता दिखाने लगी।
16:34और वो हाथी उसको रहागे पीछे जाने लगा।
16:38और वो छोटी चलीया हाथी के बच्चे को उसके परिवार के पास लेकर आ गई।
16:45बेटा अप कहां रह गये थे?
16:49मा, मैं रास्ता भूल गई थी, इस चिडिया ने मुझे बचाया
16:54चोटा हो या बड़ा हो, हमें किसी को कम नहीं समझना चाहिए
16:59संकट में चुँ हमारी मदद करे, वही हमारा सच्चा दोस्त होता है
17:03ये मेरा अहंकार था, जिसने मुझे खत्रे में डाल दिया
17:06पर इस चिडिया ने मुझे बचाया, मैं आपका कितना भी शुक्रिया करूँ, वो कम ही रहेगा
17:12हम हमेशा अच्छे दोस्त रहेंगे
17:15एहंकार खतरनाक है, प्रेम सबसे बड़ा होता है, जो लोग प्यार में हैं, वो एक दूसरे के साथ जुड़ सकते हैं
17:23ये एक ऐसी कहानी है, जो अतीत में घटित हुई थी, एक गाओं में एक धूबी था, काओं के सभी घरों से कपड़े इकठा करकर उन्हें धोया करता था
17:38और उससे मिलने वाले पैसे से, वो और उसकी पत्नी अपना घर चलाते थे, उसके पास एक घोड़ा और एक गधा था
17:46अपने पास ये गधा और गोड़ा दोनों है, कितना अच्छा लग रहा है ना?
17:57हाँ, वो तो है, अगर ये नहीं होते, तो आपको ये कपड़े ले जाने पड़ते
18:01घोड़ा होने की वज़े से, हम दूर दूर तक यात्रा कर सकते हैं
18:07ये तो सही कहाँ
18:09घोड़ा और गधा दोनों एक ही अस्तवल में रहते थे
18:14घोड़ा कभी गधे को अपने दोस्त के रूप में नहीं माना
18:19तुम कैसे प्राणी हो, किसी भी तरह से सुन्दर नहीं दिखते
18:26मेरी तरफ देखो, मुझ जैसे को कहता है गुपसूरत
18:30हाँ मेरे दोस, हो सकता है तुम सही कह रहे हो
18:33लेकिन मैं भी तो तुम्हारा दोस्त हूँ ना
18:36के, मैं तुम्हारा दोस्त नहीं हूँ
18:39तुम्हारी बद्बू की वज़ह से मुझ से यहां खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा
18:44बचूरत गंदे प्राणी
18:46नहीं, ऐसा मत कहिए भाई
18:50वैसे भी मैं अपने मालिक का सारा काम अकेले करता हूँ
18:55हम दोनों के मालिक तो एक ही है
18:57आपका जीवन इतना आराम दायक और अच्छा है
19:01पर मेरी जिंदगी में कस्ट ही कस्ट है
19:04ओ अच्छा, लेकिन तुम ऐसा क्यों कह रहे हो
19:07मालिक, पूरा बोज मुझ से अकेले ही उठवाते है
19:11पर आप से तो बस छोटे मोटे काम करवाते है
19:16ओ ये बात है, याद रखना मैं तुम से ज्यादा मौलेवान और कीमती हूँ
19:20मैं तुम्हारी तरह नहीं हूँ
19:37तुम मेरे साथ ऐसा मत करो दोस्त, मुझे बहुत दर्द हो रहा है
19:46मैं भी तो आप जैसा ही एक प्राणी हूँ
19:51तुम मेरे जैसे कभी नहीं हो सकते
19:53मुझ में उत्तम बुद्धी और भर पुर ताकत है
19:57पर तुम मजदूरी करने वाले और एक बहुत बेवकूफ प्राणी हो
20:02आप गृपया ऐसा मत कहिए भाई
20:06बेवकूफ गदे, हर प्राणी का महत्व उसके मूल्य और कीमत पर तय होता है
20:13आपको इतना घमंडी नहीं होना चाहिए
20:16कई मौकों पर तो घोड़े और गधों के लिए अक्सर जगड़ा हुआ करता था
20:23कधे से बड़ा होने का एहंकार घोड़े में हमेशा हुआ करता था
20:29ओ, लगता है कि बारिशाने वाली, सारे कपड़े जल्दी लेके जाने पड़ेंगे
20:46बापरे ये तो बहुत ज़्यादा वजन है
20:58इसलिए धोबी, घोड़ा और गधा पैदल ही घर चल दिए
21:04लेकिन भारी वजन के कारड़ गधा बहुत ही धीरे धीरे चल रहा था
21:11भाई, मेरे पीट पर बहुत ज़्यादा ही वजन है
21:17आप मेरी कुछ मदद कर सकते हैं क्या
21:21तो मैं क्या करूँ
21:24आपकी कुछ मदद चाहिए
21:27मतलब तू कह रहा है कि तेरा सामान मैं उठाओ
21:30नहीं नहीं, ऐसा बिलकुल नहीं
21:33मेरा वजन कम करने के लिए कुछ कपड़े आप ले लीजिए
21:37अरे बेवकूफ, तेरा बोज है ना तो तुझा ही उठाना पड़ेगा
21:42हम गोडे है, हम बोज नहीं उठाते
21:46भाई, अब मैं गिर जाओंगा
22:01क्या आप मेरी मदद करेंगे
22:03मैंने तुम्हें बताया ना
22:06कि गोडे किसी का बोज नहीं उठाते
22:08आए कुछ और कदम आगे बढ़े
22:11बिचारे गधे के लिए
22:13तब तक
22:15अरवापर, आओ
22:19अरवापर, बचाओ
22:21यह बाहर उठा के गधा तो नीचे गिर पड़ा
22:24मैं क्या करूँ, बारिश की पहले
22:26सारी कपड़े लेके घर भी पहुँचना है
22:28गिरे हुए गधे के कंधे से
22:34उसने सारे कपड़े उतार दिये
22:37ओ, बिचारा गधा
22:40इसकी हालत देखो कितनी खराब हो गई है
22:42अभी यह बाहर नहीं उठा पाएगा
22:45मैं यह सारी कपड़े
22:47गोड़े को उपर रख दिता हूँ
22:51और उसके बाद धोबी ने
22:54सारे कपड़ों का भार उठा कर
22:56उस खोड़े के उपर रख दिया
22:58और इतना ही नहीं
23:00उस गधे को भी उस घमंड़े
23:02गोड़े के पीट पर लाद दिया
23:04I'm going to take this out of my way
23:08Because of this reason, I'm going to help my life
23:12So I'm going to help my life never again
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