00:00हो गई जनक और अनिरुत की शादी और अब जनक की विदाई का समय आ गया है जनक की विदाई के दौरान हम ये देखते हैं कि कैसे अनिरुत को फिर से एक बार पराशर पे गुस्सा आता है
00:19कि वो कही न कही इस शादी से खुश नहीं है क्योंकि वो जनक से प्यार करता है इस सीन में साफ साफ दिखाई देता है कि कैसे अनिरुत को पराशर बिलकुल पसद नहीं और कैसे वो जनक को भी इंडिरिकली यही कह रहा है कि पराशर उससे आज भी प्यार करता है
00:49अरे बस हो गया इनाज काना, अज का बांचरना है, इतना का बांचीश हो रहा है, अरे सुरज गरने वाला है, सबको अपना गर नहीं जाना है का?
01:19अरे सुरज गरने वाला है, सबको आपना गर नहीं जाना है का?
01:49अरे सुरज आर वाला है.
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