00:00वसुदा को पता चल चुकी है मेगा की सज्चाई वसुदा ने धान लिया है कि वो मेगा का चहरा सब के सामने एक्सपोस करेगी जब वसुदा मेगा को धमकी देती है कि कैसे उसे अपनी हरकते सुधार लेनी चाहिए तो उल्टा मेगा वसुदा को कहती है कि वो औकात में रह
00:30को ऐसा जवाब देती है कि मेघा पूरी तरह से शौक हो जाती है और उसे पहली बार समझ में आता है कि वह वसुदा को हलके में नहीं ले सकती
00:40अपनी आउकाद यादा जाए कि महारे को महरी आउकाद याद दिलाने के लिए शुक्रिया मेरम पर आप चोहान परिवार की बहूं ओने की मर्यादा कैसे बूले हैं वो मर्यादा जो देवी उपुन के लिए सबसे जरूरी है
00:54अब जो बात होगी सीधा देवी उपुन के सामने होगी इस गर ने पहले भी करिश्मा मैडम के नाम का तुफान देखा है जिसकी वज़ा से देवी उपुन की गरिषते उजड़ने वाली है लेकिन उजड़े नहीं है
01:14महारे होते हुए कोई तुफान इस घर ने चू भी ना सकते है मैं देवी उपुन ने सब बता दूने वो भी आज और अभी
01:24वसुब वसुब वसुब वसुब का महला हुँ अजाती हो अभी ने चोटी सी बात का इशू बनाकर अपनी देवी हुकम को परिशान करना क्या और इसे यही इची देव को लगे एक्तने परिशानना चाती है
01:41यही बार गलत पहनी की तो आपको जो सफाई देनी ही न आप देव में के सामनी पे ले चाहिए
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