00:00हुआ यह तो किशन है अरह किशन
00:12किस ना समझाया कि यहां से चले जाएंगे
00:18अरह एक हो रहा या
00:23झाल... झाल...
00:53औरा-अ,
01:13औरा-अ,
01:18औरा-अ,
01:21अज़ अज़ूरू आज़ूरू अज़ूरू अज़ूरूरू
01:44इसी गाहों के बार खेतों में दबी मिले।
01:47लेकिन कोई मूँनी कोल रहा है।
01:51झाल झाल
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