00:00नहीं आता किसी पर दिल हमारा, वोही कश्टी वोही साहिल हमारा, तेरे दर पर करेंगे नौगरी हम, तेरी गलियां है मुस्तगबिल हमारा, तुमने तो बस दिया जलाना होता है, हमने कितनी दूर से आना होता है, आसू और दूआ में कोई फर्क नहीं,
00:28रो देना भी हाथ उठाना होता है, तुम अब उन रस्तों पर होते हैं, जीब जहां, मुड़कर तकने पर जुर्माना होता है,
Comments