00:00ये बंदर रेगिस्तान के बीट पर आराम कर रहा होता है। तभी अचानत एक बड़ी लहराती है और उसे बहाले जाती है। बंदर डूबने लगता है, छटपटाता है लेकिन तैर न पाने की वजह से बेहोश हो जाता है। अचानत वहाँ एक बहुत बड़ा कचुआ आता ह
00:30उसकी जान बचाई है। वह बिना कोई देर की ये दोड़ता हुआ जंगल की तरफ जाता है। जंगल में उसे एक आम का पेड़ दिखता है। वह पेड़ से दो पीले आम तोड़ता है और वापस कचुए के पास जाकर उसे आम खाने के लिए देता है। धन्यवाद के तोर