00:00आगरा के दो इसमारक ताज और बेवी ताज अपनी खूबसूरती के लिए देश और दुनिया में मसूर हैं।
00:08ताज और बेवी ताज के सफेद संग मरमर के जर्रे जर्रे में पच्ची कारी जलगती है।
00:14जिसमें वेस कीमती रंग विरंगे इस्टॉन की सुन्दर डिजाइन में कटाई और तरास कर उन्हें सफेद संग मरमर में जड़ाई का काम किया गया है।
00:26जो इसकी खूबसूरती को चार चांद लगाते हैं।
00:29मेहनत अधिक और मजदूरी कम होनी की बज़े से नई पीडी पच्ची कारी से दूर जा रही है।
00:35जिससे आगरा में पच्ची कारी के कारीगरों की संख्या कम हो रही है।
00:39इसके साथ ही सहर से दूसरे सहरों में भी कारीगर पलायन कर रहे हैं।
00:45भले ही यूपी सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना में पच्ची कारी के उत्पादों को सामिल करके इसे संजीवनी देने का काम किया और हाल में मिले जीयो टैक से आगरा की 400 साल पुरानी पच्ची कारी की कला को नई पहचान मिली है
01:02ऐसे में अब यूनिस्को ने विश्व धरोहर के साथ ही पच्ची कारी कला के लिए नई उजना शुरू की है इस पर एतिवी भारत की स्पेसल रिपोर्ट देखते हैं
01:32इसके बाद इसके बड़ा पहमाने पर इस्तमाल ताज महल में हुआ ज्यादे दौनों के बीच में ज्यादे प्रियट का अंतर रही हैं और सिरिलंका और कई जेगे से इसके लिए पत्थर जो है मगाई गई इसमें खास्तों पर जो पत्थर इसमें हाटीक, सुरुया, मु�
02:02यही बज़े है कि पूर्णमा पर चांदनी रात की दूधिया रोशनी में ताज महल में पच्चीकारी से जड़े गए बेस कीमती इस्टॉन चंद्रमा की किरने पढ़ने से चमकते हैं और इसी को ही चमकी कहते हैं
02:29जो देश और दुनिया में मसूर है और जिसे देखने के लिए देशी विदेशी परेटक भी आते हैं
02:59आपने बच्चों अच्चों को नहीं शिखाया नाइब बच्चों को शिखाने से।
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03:35The human life is also in the same way.
03:37He has been working with the human being.
03:39So, human being is actually leaving us.
03:41And the other thing that he lives in the everyday life,
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