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  • 8 months ago
गेहूं की कटाई का समय था... लेकिन बहु के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था!
जब सब खेत में मेहनत कर रहे थे, तब बहु ने बनाया ऐसा प्लान कि खुद तो बच गई काम से और दूसरों को लगा दिया उलझन में! 😂🌾

सास बोली – “बहु बड़ी होशियार निकली!”
देवर बोला – “हमको बना दिया उल्लू!” 🦉
और ससुर जी तो देख कर रह गए दंग! 😲

इस वीडियो में देखिए:
✅ बहु की चालाकी
✅ खेत की देसी मस्ती
✅ और वो हँसी-ठिठोली जो पूरे परिवार को हिला देगी!

🤣 अगर आपको पसंद है देसी कॉमेडी, गांव की नोकझोंक और बहुरिया की मस्ती – तो यह वीडियो आप मिस नहीं कर सकते!

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Transcript
00:00मुझे को ये गेहु की कटाई मारे डालेगी
00:10उपार से ससर की लुगाई मारे डालेगी
00:18दुलाहें बोलीगे ससर के लुगाई बोलीगे
00:25चुपए आखी मुमी के पास रहू
00:27देया खाबे तक फुपवा थी
00:29दुलाहें ए दुलाहें ये लागा थे जब तक बोलीगे हो न तब तक जईन
00:34ए दुलाहें अमा
00:37का कुकुवा थिया उनर जल्दी
00:39एताना टाइम बार जाएं कहाई गेहु काटाई
00:41कहा त्यों के जल्दी उनर सुबेरे
00:43जल्दी काम धाम करीके चलाएं कहाई
00:46पहँखा ध्याने नहीं है पारी ही पसारी
00:48उनर
00:49काया है अम्मा
00:50अरे हारे कैसा धाठा थी
00:54काया है अम्मा तोखा नहीं पता
00:56जो तवा पकड़ी के हला हो ना
00:57सब नीन खुल जई
00:58बेकूब बनाए पारी है
01:00अम्मा बेकूब ने बना रहे हूं
01:04अरे हारे अरे अम्मा
01:10इतना पेढ़ा थे के मोर पिराने लाग है
01:13मोर फाचा जाते है
01:14अच्छा इतनी बड़ी उमीड हुई गे मोरी
01:28अम्मा इसका बहूं कहूँ क्या पिरानो न वो इन पेट
01:30कलाकार महरिया है
01:56चल ठीक है या डाल डाल तो मैं पात पात
01:58आज पिरु आ ले बेट
02:00काल का करी
02:01आज मैं एका खाना तक न देहाँ
02:04बहु पेट पी राथ है न
02:05अगर सहु पी राथ हुई
02:07देखे खुदे खाए के इच्छा न हुई
02:09अब अगर नाटक फैलाए हुई तो पता चली जई
02:12ठीक दुलाहिन फिर तू अराम करू
02:14ने जाली
02:15काल हुई मैं गाम धाम कई लेए भी
02:18खाना वाना बना लेए जाए
02:20पनहों माहों काटन का
02:21काल फिर चला जई
02:23क गतानी बूरी हे अपनो न जई
02:25ठीड चला आज के बला टली
02:26काल का काल दीग ज़यर ऎंस पे नहीं तो
02:29ठीक है अमम्मा
02:30चलो ठीक है जात्यों मैं खाना बना ले हूँ और तू खाना खाई है नाजी
02:35अब तो आर भाबक भाबक तरी के पेट पिरा थे तो कहां तो और भूख हुई
02:40गरम पानी चाही तो दई जई हो तो पीली नहीं सो पेट साफ हुई जई
02:43अब आज खाना ना खाई सो काली हलका भूजन करे सो
02:47आरे दादा पेट का नाटक करें के टाइम या बात तो मैं भुला ही कहें
02:53कि मोर खानों के हरताल हुई जई अब तो आई आफ़ती
02:57चला ठीक है बनावें द्या खाना उखे बाद दीख जई जगार
03:01धीरते मौका निकारा जई आना ही तो बीना खाना के तो मोरी हालत खराब हुजई
03:06सूला बरस की सूला बरस की बाली उमर को सेला मैं प्यार तेरी पहली नजर को सेला
03:25चिंगु रवा अरे आज जल दिखाना गार दीनों ठंधात है
03:30हाओ आबा थो अम्मा अरे खीर बनावा होगा अम्मा पूरी सबजी अहाँ
03:36हाँ मैं कहाँ बना ले हूँ बहुत दिन हुई गे मीठ नहीं खावागा
03:40या तुम बढ़ी हाँ के नहीं हूँ अम्मा
03:42खाले
03:43खाना कैस बना है लडिकवा
03:47अरे अम्मा बहुत स्वादिष्ट बना है बहुत दिन बाद तना नीक खाना मिला है खाएं का
03:52महतारी के सामने वही सही लोड़की द्याखो का यह इस बनावा है इस कि मार पघिला जात है
04:10अरे दादा पूरी सबजी खीर खीर मतों मेवे मेवे उदर आ रही एकदम गारी गारी तब आहीं आई तो पीए हन्मा
04:22गारी डादा अब माप खीर खा लेओ का यह पूंचत का हाएं खाले जाएं आई पूंचत का खाले जाएं
04:52पीछे कहा रात है वह पहले है खाबा इस मोरे बारे में पूंच पूंच आउर दादा हुआ उनका दैवी दीन हो बस महीं बची हो अरे महुं हो महुं हो
05:11आँवा खा भे का तुम्हा बहुरिया?
05:13भाला माने से कुँछि लें है से
05:15नहीं वा नहीं खाए साए
05:17ओख्या पीरा था पेट
05:18पेट साप नहीं हाई ओख्या
05:20अच्छा तो खाना ओना न खाई का?
05:22आहा ना खाई
05:23जा थाइक देया पूंची लेओ जाके सईत खाही ले
05:26कहे ते खाना बहु नीक बना है
05:28हाँ दाई जरओ पूंचा जाएं
05:30महिरओ
05:31इक है महिरिया पेट पीठी का बहाना करे पर है
05:34अब मैं खाना बना बना लिलाओ
05:36वा छिपकलीवा काज खाना तो न देहाँ मैं
05:38अमा देयाँ का इतना उखा वहाँ खाले
05:41आई से तो खात बने खा अना ही तो चूपन धाद दे
05:45देयाँ का
05:46वा कहूं के महरानी न होए कि तू दे जाई आई आउखा खाना
05:50अमा थोड़ी
05:51दर को टोड़ो अधर अज़े अधर दबट
05:54लड़ी का ही नहीं यह लाई किने का कुछ बनावा
05:57आपाने पेट का सिहार नहीं है महरी आके पेट के बड़ी चिंता है
06:01काहूं नहीं लई जाई का जाई बदबद
06:03हाचुका हुई है तू
06:04विचारा मौर मनाई के तना चाहा थे मोखा
06:06अच्छा पूछ तो आउँ खाई का तो लई न जाई है यह आके खा लेई
06:12आहां नहीं पूछा उसे जाई काई जब खाँ खुई हो खाँ तो चली आई हाओ ठीक है
06:18अगुनरी के मौर मनाई यह इसी काई काहूं यह इसी का टरक जाऊं
06:22लड़ी का मौर गजब हैं काहूई लाव जल्दी यल्दी महू खा लेऊं आएखे पाद बंद बंद करीक धर देऊं
06:29एक तो अगर पेट मां अन न जाए न तो नींदों नहीं आवती आए
06:34सही आए मैं भल-भल सौचा थियों कि सो जाऊं लेकिन सोहे नहीं पा रहीं
06:39मारे भूखे के पेटे मां हुबर हुबर मचा है घर भर तो पूरी सब्जी खीर छाने मां लागी अमाय तन्य गड़ेश परी हो
06:46विचारा मार मनाई मोरे चक्करी में मजेक लड़ा लेकिन वो पहलवान सास मोरी कहां मानी का करो कुछ समझे नहीं आवत
06:54सब्सक्राइब लेकिन अम्मा चीड़ा थी नहीं देती अगरी आवती तो खा हुई जाए का परी कहा थी क्योंकि पेट पिरा थे वनना खाई सही पिरा थे का पेट निहां का सही तौर
07:15अब एथे का बताऊं मैं अगर मैं एथे सही बात बता दे हूँ न ते चलतू बात अपनी महतारी तक पहुचायाई एता नहीं का तबूरा है यही कि मारे यहू का सही बात नहीं बता सकते हूँ हाँ पेट कम सही रहे तो भूख होई खाई का इच्छा हो तो खाया और ना �
07:45हाओ � dziहाखा ओ अममा खाये का देताब तो खायाऊँ जाथियों कर द्याखो का कहा थी dziहीं मा मा हूँ डारी के खाले हूँ
07:56अम्मा, हाँ दुलाहिन, पेट मारा मिला, हाँ अम्मा पेट अब ठीक है, चाला तब तो बड़ियां है, अम्मा खाना का बनावा हो, दुलाहिन पूरी सबजी खीरा बनावा हो, अच्छा, तो अम्मा, नहीं दुलाहिन तुमका नहीं खाए का है, का है अम्मा, आज तो आर प
08:26अब मैं पहे अब कौन दिखता थी जदना कहा करा उतना सुनू बता वज़ा उने चक्करे मैं मैं कहूं कि मौर पेट ठीक है तो खाएं का तबाहू नहीं मिली रहा जादु लहीं पर आजाएं आराम करा जाएं काल सुभेरे चलें कहा गोहू कटा मैं अबे आराम करी ले आज
08:56मैं खाओ खिचरी यह सब खाएं खाती राइका मैं पेच पिरुआ वाते हूं मोर हुसियारी मोही कभारी परीजे
09:26झाल अवे बादार हुा झाल आराम करेंना चीन किछ आराम करीजे हैं आराम हुआ़ मैं आराम करहा हुस्ट
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