00:00मौत के होते हुए भी इंसान में इतनी अकड है, जरा सोचो, अगर मौत ना हो, तो कितने गुरुर से भरी होती, ये दुनिया, वक्त भी, ये कैसी पहली दे गया उलजने को, जिन्दगी और सुलजने को उम्र दे गया, दुनिया की सबसे बहतरीन दवाई है जिम्मेदारी, �
00:30बजाए एक गलत इंसान के साथ रहने से, जवाब तो हर बात का दिया जा सकता है, पर जो लोग रिष्टों की एहमियत नहीं समझते, वो शब्दों को क्या समझेंगे, सब कुछ महंगा हो गया, लेकिन आज भी माचिस की कीमत नहीं बढ़ी, पता है क्यों, क्योंकि आग ल
01:00जुकता हुआ हर शखस बेचारा नहीं होता, सच्चे दिलों का कदरदान हूँ मैं, इस सयानी दुनिया में बड़ा नादान हूँ मैं, धोखे से कभी मत डरिये, ये खुद को तरासने का मौका देते हैं, एक इनसान दूसरे इनसान से बहुत कुछ सीखता है, जूट धोख
01:30जैसे चाहा वैसे ढल गए हम, बहुत सबल के चले फिर भी पिसल गए हम, किसी ने भरोसा तूड़ा तो किसी ने दिल
01:55वो लोगों को लगता है, बहुत बदल गया
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