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  • 10 months ago
सलाखों में टॉर्चर..नशा मुक्त‍ि केंद्रों का चौंकाने वाला सच

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00:00द्रक्स से परिवार नहीं पूरा स्टेट खत्म हो रहा है।
00:30या फिर राजिस्थान का हनमानगड।
01:00जो नशा छुडवाने का वादा करते हैं।
01:02बिजली के खंबों से लेकर बस्टेंड की दिवार तक एड लगे हुए है।
01:06कॉल कीजिए तो रूम का चार्ज बता दिया जाएगा।
01:08मरीज खुद जाने को राजी ना हो तो उसे जबरन ले जाने की भी सर्विस मिलती है।
01:14कैसे दीजे और अगले 6 महीनों के लिए मरीज उनका हो जाएगा।
01:18लेकिन तालों में बंद इन एडिक्स का नशा कैसे छुडवाया जाता है।
01:22इसकी शायद ही किसी को खबर हो।
01:24क्योंकि यहां हर मोड पर पावन्दी है।
01:26आप अपनों से मिल नहीं सकते हैं।
01:28किसी टीवी की फुटेज पर पावन्दी है।
01:30कमाल तो यह भी है कि अगर पेशन्ट के साथ मार्पीड भी होती है
01:34तो उसको जस्टिफाइग कर दिया जाता है।
01:36जैसे कि एक सेंटर मालिक का कहना है कि जब तलब उठती है तो एडिक्सा करता है
01:41अटैक करता है और ऐसे में जब बीच मचाव होता है तो हाथ लग जाता है।
01:46कुष्टी में मेडल लाने वाले हर्याना अब पंजाब से आने वाले चिट्के की चपेट में है।
01:51यही वज़ा है कि अब इसे ड्रग एडिक्शन सेंटर्स की जरूरत है जो हर बड़े शहर, गली और कूचे में दिखाई पड़ते हैं।
02:11मसलन अगर हर्याना के ही एक सेंटर का उधारन लेंगे तो मालूम चलता है कि इलाज कैसे होता है।
02:17दावा किया जाता है कि 12,000 रुपे महीने में रहना, इलाज, खाना सब मिलेगा, बेड रेस्ट, डवाई और काउंसलिंग होती रहेगी।
02:25इसके अलावा मिलने से लेकर कुछ मीठा खाने तक तमाम तरह की पबंदिया हर जगया आपको मिल जाएगी।
02:32और ये एक नहीं आस पास के कई सेंटर्स का हाल है।
02:36एक श 550 ऑल वाले ने तो ये तक बताया की कई सेंटर्स को जो हलपर होते हैं शाम के बाद मैं ख़ुद ही नशे में होते है।
02:44कि इन पर कितना ही विश्वास किया जा सकता है इस रिपोर्ट में यही कहानी हर्याना से आगे बढ़कर राजिस्थान के बॉर्डर इलाकों में मिलती है यहां डॉक्टर पंकर शर्मा कहते हैं कि हर्याना बॉर्डर से सटे राजिस्थानी इलाकों में हालात वाकई बत्तर है
03:14पिर चाहे पंजाब हो हर्याना या फिर राजिस्थान ऐसे ही एक डॉक्टर गिरिश कुमार ने नशे के बदलते हुए ट्रेंड को भी बताया डॉक्टर कहते हैं कि आज कल यहां ट्रेंड थोड़ा बदल गया है पहले चिट्टा का नाशा लेते थे लेकिन चिट्टा महगा
03:44अडिक्ट इसका घोल बनाकर नसमें भी लेते हैं जो कई बार जानलेवा सावित होता है आज तक डॉटिन की रिपोर्टर मुर्दुलिका जहा को इस रिपोर्ट के दोरान हॉस्पिटल में बने वाड को दिखाने के लिए मना भी किया गया था काफी जिगजिक के बाद बा
04:14महिलाए इस नशे के फेर में नहीं आई हैं डॉक्टर जवाब खुद देते हैं कि नशे के फेर में महिलाए भी हैं लेकिन कोई उन्हें सेंटर्स तक ला नहीं रहा है वीडियो के आखिर में फिर वही बस्टेंड वाले बुजर्ग की बात वो कहते हैं कि मेरे सामने बच्
04:44हैं आप से फिर मिलेंगे इस परताल के नए वीडियो के साथ इस खबर को आप विस्तार से आज तक डोटिन पर पड़ सकते हैं शुक्रिया
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