00:00एक दफा का जिक है निले आस्मान के महल में
00:04एक खूबसूरत परी रहती थी जिसका नाम नीलं परी था.
00:09इसके पर निले नीले जमाहरात की तरह चमकते थे और उसके पास एक खास थाकत थी.
00:13वो हर इस शख्utta की एक खाहिश पूरी करती थी, जिसका दिल
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00:46अब सिर्फ वही खाहिश पूरी की जाएगी जो दूसरों की भलाई के लिए हो
00:51दूर दूर से लोग आये लेकिन कोई भी ऐसी नेक खाहिश ना ला सका जो जंगल को वापस जिंदा कर सकी
00:57फिर एक छूटी सी बच्ची आईशा चुप चुप निलमप्री के सामने आई
01:02वो घरीब थी लेकिन इसकी आँखों में उमीद की रोशनी थी
01:05निलमप्री ने पूछा आईशा तुम क्या चाहती हो
01:09आईशा ने सर जुका कर कहा
01:12मैं चाहती हो के जंगल दोबारा खुबसूरत हो जाए ताका सब खुश हो सके
01:16मुझे कुछ नहीं चाहिए
01:18ये सुनना था के जमीन से एक चमकदार रोशनी निकली
01:22दरख्त सरसबस हो गए पूल के लूटे और पूरी फिजा खुशी से गूंजने लगी
01:26निलमप्री ने मुसकरा कर कहा
01:28तुमने खाहिश नहीं महबद दी है
01:31ये सब तुम्हारे दिल की नेकी का कमाल है
01:34आईशा ने कहा
01:36मुझे कुछ नहीं चाहिए बस सब खुश रहे
01:39निलमप्री ने इसके माथे पर हाथ रखा और कहा
01:42तुम जहां भी जाओगी खुशियां तुम्हारे साथ चलेंगी
01:46तब से खाहिशों का जंगल पहले से भी ज्यादा रोशन हो गया
01:51और निलमप्री की ताकत बढ़ गई
01:52क्यूंकि अब वो नेकी से ताकत हासिल करती थी
01:55इखलाकी सबक
01:57सच्ची खुशी और जादू नेकी में होता है
02:00जो दिल से दूसरों का भला चाहे
02:02वही सबसे बड़ा इनसान है
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