00:00गारों से क्या आशिक करूं अपने ही जखम देते हैं
00:15हसरत थी जिन के साथ जीने की वहीं तो सांसे लेते हैं
00:23अकसर मुसकान के पीछे दर जुपा होता है पल दो पल का ये रिष्टा उमर भर करोगा होता है
00:37चहर धोका देते हैं अपने धोका देते हैं सपने तो सचते हैं फिर क्यूं तूटे रहते हैं
00:51दिल रोया दिल रोया रहे जब अपने ही बेवपा हो जाएं
01:03इन आखों ने जो देखा था वो सपना अब रुसवा है जिन होतों पे नाम था मेरा आज किसी और का दस तक हैं
01:25वामोशी भी अब चीक उठी है तनहाईयों का ये सिलसिला पोच्छता है दिल हर लम्हा क्या मेरी खता थी भला
01:39वक्त के साए में यादें भी जल जाती है जिन पे भरोसा किया वही पीत दिखला जाते हैं
01:55चहरे धोका देते हैं अपने धोका देते हैं रिष्टे जो सचे लगे सब जूते लगते हैं
02:10धोका धोका हर मोड पे बस धोका मिलता है दिल रोया दिल रोया रे अपने ही बेवफा हो जाए
02:40जाए
03:10जाए
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