00:00भारत ने पहल गाम आतंकी हमले के बदले में मंगलवार देरात पाकिस्तान में आपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
00:30तब इस काम में करीव 20,500 रुपए एसाई ने खर्च किये थे और मजदूरों की मदद से ताज महल और उसके फर्स को कूड़ा करकट मिट्टी और पेड़ों की साखाओं से ढख दिया था।
01:00की पूरी कहानी।
01:02तो अमरेजियों की सरकार थी और भारत को सुझ में संब्लिट कर लिया।
01:10और भारत के से लिए बिट्टे विस्टे बार लिया।
01:14ताज महल के लिए खत्रा पैदा हो गया था।
01:17ताज महल पर भी कहीं बंबारी नहीं हो या। उसको चितीनी पहुशा दिया था।
01:21दूसरे देशों के दौरा तो उसको उस समय ध़क दिया गया था ताज महल को।
01:26इसके बाद जो है ताज महल को फिर जब हमारे देश पर दूवासन 1965 में पाकिस्तान से अब धखा गया था।
01:35तब उसको काले पपरों से काले टार्ट में गएरा से रख दिया गया था।
01:51और उसमें करीब आट ना फुट गेरा गज्धा था। बहुत भीड थी वहां पर रेत की फसल तो कुछी जासा नश्टों कोई थी और आगरे में सलसरी फ्यल गई थी।
02:03एसाई के रिटायर अधिकारी S.K. सर्वा बताते हैं कि 4 दिसमबर 1971 की साम को हमने ताजमहल को ढखने का काम सुरू किया और 15 दिसमबर तक ये काम हो पाया था।
02:31लेकिन तब ही सीजफायर होने की जानकारी मिली।
02:35हमार पास स्टार्ट का हमने टार्ट रंगवाया हरे रंग का और उसको ताज में पर इसको फसाड है उसको ढखना है उसको तुखाने के लिए लठका दिये।
02:48तो वो पर्दे का काम कर दिया। जिस्ते वो आर्ट को गयरा इसको ढखने लगे और जितना मार्वल का जमना के कनारे होने के विचे से
03:01प्यूज बिल्टिक की मार्वल चोक्ता था फिन पॉइंट हो गया था वहां से ताज मेल को फिन पॉइंट बनाके वह उसको फिर्या ट्राइक्शन लेते से तो इसलिए उसको यह विचार हुआ के इसको ताज मेल को बदरंग कैसे दिया जाए तो हमने वहां जितनी मिट्�
03:31कारिघिस करीजा था भांस. 10иче वह वा से रसिर उसे जाल बनाया था भांस, नारियल की रसिर जाल बनाकर रखन भीचवीच जयप毂डा था उसमे इसमें सिंकंदराके पीछे तीज गार्डेन में से
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04:29दुस्मन की नजर से बचाना और दूसरी ये थी कि ताजमहल की बज़े से ही एर्थोस स्टेशन की दुस्मन की सेना को सटीक जानकारी होती थी
04:38बीरो रिपोर्ट शामबिर सिंग एटीवी भारत आगरा
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