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  • 1 year ago
caartoons
Transcript
00:00Thank you so much.
00:30I was going to tell you a young man who was here,
00:33he asked me if I was going to ask you,
00:36Oh, you are going to tell me you are going to tell me,
00:40but you are going to tell me why you are going to tell me.
00:45Is it going to tell you?
00:46I will help you.
00:50Hey, man, first tell me you are going to tell me.
00:55I am going to tell you who are.
00:56I am the king of the king.
00:57. . .
01:27And, but you didn't ask if it's behind the cause of the cause?
01:33The cause?
01:34The cause I don't know.
01:36And if I ask it to be, it doesn't tell me.
01:39Then you don't ask the answer to why you don't have the answer?
01:43I've been trying to find the answer to one year since I've been trying to find the answer to one year.
01:48But, I've been trying to find the answer to one year.
01:52I don't like that.
01:54But, I've been trying to find the answer to one year since I've been trying to find the answer to one year.
02:25I've been trying to find the answer to another year.
02:26I've been trying to find the answer to one year.
02:29I've been trying to find the answer to one year.
02:32तो शादी करके, खुशाल जिन्दगी बसर करने की बजाए, ये कैसी जिद लेकर बैठ कई हो?
02:38इसकी वज़ये मुझे समझा सकती हो?
02:40ए रहम दिल हमदर्ध हातिम, मेरी तक्दिर बहुत ही अनोखी है
02:46इन साथ सवालों का जवाब समझे बगएर, अगर मैंने शादी की, तो पहली ही रात में मेरे शोहर का इंतकल हो जाएगा
03:01मेरी वलादत के वक्त ही, हमारे नजूमी ने ये, हमारे नजूमी ने ये पेशन गोई की थी
03:09मेरे अब्बा हुजूर वो साथ सवाल, भूल न जाएं इसलिए एक पत्थर पर लिख कर गए है
03:18जैसे जैसे ये सवाल हल होते जाएंगे, वैसे वैसे उस पत्थर से सवाल मिट जाएंगे
03:24वो सवाल मुझे देखने को मिलेंगे क्या?
03:27हाँ, हाँ, जरूर मिलेंगे, आईए मैं दिखाती हूँ आपको
03:31हुसन बानो और मुनीर, आपका प्यार शादी में बदल जाए
03:50इस बात से मुझे दिली खुशी होगी, इसलिए इन साथ सवालों का जवाब मैं जरूर ढूंड कर निकालूंगा
03:56मैं तुम दोनों से ये वादा करता हूँ
03:58अगर आप हमारे लिए ये कर सके तो, तो आप हमारी जिंदगी पर बहुत बड़ा एहसान करेंगे
04:08उन दोनों की खेरो आफियत जानने के बाद, मैं पहले सवाल का जवाब ढूंडने निकल गया
04:14सवाल पहला एक बार देखा है, और बार बार देखने की ख्वाहिश है
04:28इसलिए मैं तुम्हारा शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ
04:32आप कहते हैं जैसे एक बार देखा वैसा बार बार देखने की ख्वाहिश है
04:38ये आवाज मैंने हौद के जंगल में सुनी थे हातिमताई
04:42अरे वाज, तो तुम मुझे हौद के जंगल का रास्ता दिखा सकती हो क्या?
04:48हाँ, हाँ, दिखा सकती हूँ
04:53लोम्री के बताय हुए रास्ते से मैं हौद के जंगल में जाने के लिए निकला
04:57ये रास्ता भालू बाच्चा की सल्तनत होकर जाता है
05:01भालू के सिपाईयों ने मुझे देखा, क्या मैं कोई जासूस हूँ?
05:05ये समझकर मुझे भालू बाच्चा के सामने खड़ा किया
05:07मगर मैं कौन हूँ?
05:09ये जानने के बाद राजा ने मेरा इस्तक्बाल किया
05:13ए यमन सल्तनत के वली एहद
05:17तुम्हारा यहां आना मैं अपनी किस्मत समझता हूँ
05:21मेरी साभजादी के लिए तुम्हारे सिवा दूसरा कोई मुनासिब नहीं है
05:26मगर बाच्चा सलामत आपसे रिष्टा कैसे कैसे मुम्किन होगा?
05:33देखो डरो मत मेरी साभजादी तुम्हारे जैसे ही इनसान की तरह है और खुपसूरत भी है
05:44और सच में दुख्तर भालू शकीला को जब मैंने देखा तब उसका ला जवाब हुस्न भी देखा
05:53मैं खुश हो गया
05:55मगर कुछ ही पल के बाद भालू से किये गए वादे को याद करके मैं होश में आ गया
06:02इस मोजाल में फंस गया तो हाथ में लिया हुआ काम कैसे पूरा होगा?
06:07इस दिली हालात से बाहर आने के बाद मैंने अपने उस्ताद को याद किया
06:12ए मेरे प्यारे शागर्द हातिम, तुम्हारे दिल की जो हालत हुई है
06:20वो तुम भालू बाद्शा और उसकी साफजादी दोनों के सामने रखो
06:26वही तुम्हे सही रास्ता बताएंगे
06:30वली एहद, तुम किन खयालों में खोए हुए हो?
06:37बाद्शा सलामत, आपकी साफजादी बहुत खुबसूरत है
06:43उससे शादी करने का मैं भी ख्वाहिश मंद हूँ
06:47मगर मैं दिये हुए वादे से बंधा हुआ हूँ
06:52हाथ में लिये हुए काम को पूरा करने के बाद मैं वापस आउँगा
06:56आपको मुझे पर यकीन होगा
06:58या शादी के बाद आप मुझे जाने देंगे
07:01तो ही ये शादी हो सकती है
07:03बेटी शकीला, तुम्हारा क्या इरादा है?
07:08इनसे शादी करना मेरी खुशनसीबी होगी
07:15और भालू बाचा ने धूम धाम से हमारी शादी कर दी
07:23शादी होने के बाद कुछ दिन वहां रहके मैं अगले सफर में निकला
07:29शकीला
07:30मेरे हुजूर, आप जिस काम के लिए जा रहे हैं
07:36वहाँ पर आपका बहुत से खत्रों से सामना होगा
07:39इसलिए मेरा जादूई मोती आप अपने पास रख लीजिए
07:45ये जब तक आपके पास रहेगा
07:47तब तक आप पर किसी भी तरह की आग या जहर का असर नहीं होगा मेरे हुजूर
07:54उसका दिया हुआ मोती
07:56मैं कमर में बांद कर और फिर सब की खेर आफियत जान कर आगे सफर पर निकल पड़ा
08:03बहुत दिनों बाद मैं एक रेतिली जमीन पर आ पहुँचा था
08:06वहाँ की रेत की चोटी पार करते वक्त मुझे ये ख्याल में आया
08:11कि मैं जिस चोटी को चोटी समझ रहा था
08:14वह एक चोटी नहीं बलकि एक बड़ा सा अजगर है
08:17मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी
08:20क्योंकि उस अजगर ने अपना मूँ खोल कर मुझे कब का निगल लिया था
08:27अजगर के पेट में जाकर मैं सही सलामत था
08:30क्योंकि मेरे पास शकीला का दिया हुआ जादूई मोती था
08:35उस वज़ह से अजगर के पेट में जो जहर था
08:39उसका मुझे पर कोई असर नहीं हो रहा था
08:41मगर अब अजगर के पेट में कैद रहना मुम्किन नहीं था
08:45क्योंकि हाथ में लिया हुआ काम मुझे पूरा करना था.
08:50इसलिए मजबूरन मुझे उसका पेट काट कर बाहर आना पड़ा.
08:55और मैं अल्ला से मौफी मांग कर आगे बढ़ गया.
09:09कुछ दिनों बाद साफ पानी से भरा हुआ मुझे एक तालाब दिखाई दिया.
09:15वहाँ पानी पीते पीते अचानक एक परी बाहर आ गई.
09:33पानी के अंदर लेकर गई.
09:45पानी के नीचे जाकर देखता हूँ, तो क्या?
09:53पानी खत्म होकर मैं एक खूब सुरत महल में खड़ा था.
09:59वह परी सामने रखे हुए तक्त पर मुझे लेकर आई.
10:02मैं तक्त पर बैठने ही वाला था कि एक खौफ नाक आवाज सुनाई दी.
10:10होश यार!
10:13होश यार!
10:14मगर वहाँ से ख्याल हटा कर मैं फौरण तक्त पर बैठा.
10:21शीरी मौसी की शुरू हो गई.
10:23उसके बेमिसाल हुसने को देखकर मुझे उसे देखने की ख्वाहिश हुई.
10:29पर उसका चेहरा ढका हुआ था.
10:31उसका दिया हुआ शर्बत पीते ही बे खबरी से मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कुछ वक्त के लिए मेरे होश उड़ गए.
10:42थोड़ी देर के बाद जब मुझे होश आया तो देखा कि मैं एक वीराने में पड़ा था.
10:47ये होध का जंगल है.
10:48आवास की तलाश करते ही मुझे एक बुढ़ा आदमी जमीन पर बैठा हुआ दिखाई दिया.
11:18तुम जिसकी तलाश कर रहे हो वो मैं ही हूँ बेटा.
11:31तुम बैठो, मैं तुम्हें सब कोच बताता हूँ.
11:36एक दिन मैं एक तलाब के बाजू में ख़़ा था.
11:42तब ही मुझे एक बहुत ही खुबसूरत लड़की उस तलाब में लेकर गई.
11:51अंदर उसका बड़ा ही खुबसूरत महल था.
11:56और उसने मुझे एक हीरों से सजे तक्त पर बेठाया.
12:02वो मेरे लिए मश्रूप का शर्बद बना रही थी.
12:10उसी वक्त मैंने उसके चहरे का नकाब हटा दिया.
12:16वो मेरी और देखकर हसी.
12:18उसका हुसन देखते वक्त यकायक मेरे सर में जोर से दर्द हुआ.
12:25और मैं यहां आकर गिर गया.
12:29उस हसीना पर मेरा दिल आने की वज़ह से मैं राद दिन यहां भटकता हूँ.
12:41मुझे और कुछ समझ में नहीं आता.
12:45जो मैंने एक बार देखा है, वही फिर से देखने की खुआईश है मेरी.
12:53उसकी सारी बाते सुनकर, मैं उसे फिर से उसी तालाप पर लेकर आया.
13:03पिछली बार की हुई गलती, इस बार मत करना.
13:06मतलब जो तुम्हें देखना है, वो देखने को मिलेगा.
13:10मगर अगर उसका हाथ दुबारा आपने पकड़ा, तो फिर से घमगीन हो जाओगे.
13:14उस बुड़े इंसान की खैर और आफियत पूछ कर, मैं पहले सवाल का जवाब पाने के खुशी में अगले सफर पर निकल पड़ा.
13:24प्यारे मुनीर, वो देखो, देखो, पहला सवाल मिट गया है.
13:30मतलब हाथिम ने पहले सवाल का जवाब ढोण लिया है.
13:34मुझे, मुझे, मुझे पूरा यगीन है कि अपना मिलन जरूर होगा.
13:42बहुत दिनों के बाद मैं एक शेहर में आ पहुँचा.
13:54एक संगमरमर के खुबसूरत महल के दर्वाजे पर नेकी कर और दरिया में डाल ऐसा लिखा था.
14:01मेरे दूसरे सवाल का जवाब वहीं पर मिलने वाला था.
14:04इसलिए मैं महल में चला गया.
14:06वहाँ पर मुझे एक बूढ़ा मगर नूरानी शिवत इनसान मिला.
14:10आपके दर्वाजे पर जो लिखा हुआ है, उसका मतलब क्या है?
14:14ये जानने की मेरी खौाहिश है.
14:15मैं पहले के जमाने में बहुत बुरा इनसान था.
14:32चोरी, डागा डालना, खौन करके दौलत कमाना.
14:38मगर मेरा एक उसूल था.
14:41कि चोरी करने के बाद मैं नहा कर खाना बनाता था.
14:47और उन में से कुछ हिस्सा लेकर मैं नदी के किनारे मच्टियों को देता था.
14:55और उसके बाद ही मैं खाना खाता था.
14:59फिर मैं बीमार हो गया.
15:03फिर भी नदी में खाना डालने का उसूल मैंने कभी नहीं तोड़ा.
15:11एक दिन मुझे ऐसा एहसास हुआ,
15:15कि मुनकिर नकीर मुझे लेकर जा रहे है.
15:19मगर उसी वक्त कुछ फरिष्टे वहां आए.
15:23और उन्होंने मुझे आजादी दिलाई.
15:28आपने इसे क्यों उठाया?
15:30इसकी उम्रे सौ साल की है.
15:32हर दिन खेरात करने के वज़े से ये बहुत खुशी पाएगा.
15:37इसे वापस ले जाओ और इसी नाम के किसी दूसरे इंसान को यहां लेकर आओ.
15:41फरिश्टों ने मुझे घर लाकर छोड़ दिया.
15:47ये परेशानी दूर होने के बाद मैंने अल्ला से दूआ की.
15:53और हर रोज की तरह खाना डालने गया.
15:57तब वहां मुझे सौ हीरों की एक थैली मिली.
16:02ये जिसकी है वो यहां आकर इसे ले जाए ऐसी मैंने आवाज लगाई.
16:09मगर कोई नहीं आया.
16:12दूसरे दिन मुझे फिर एक थैली मिली.
16:17इस तरह से लगातार दस दिन ऐसा ही हुआ.
16:22बाद में एक फकीर मेरे खुआब में आकर बोला.
16:27अल्ला, तुम पर खुश होकर तुम्हें रोज सौ हीरे देगा.
16:34उसमें से अपना खर्चा निकाल कर बागी बचा हुआ तुमने काम में लगा देना.
16:40नीट खुलने पर मैंने अल्ला को याद किया.
16:44और बाद में मैंने ये महल बनवाया.
16:47और इसके दर्वाजे पर लिखा नेकी कर दर्या में डाल.
16:53आज भी मुझे रोज सौ हीरे मिलते हैं.
16:59उस बुढ़े इंसान की हाकीकत सुनकर मुझे अल्ला के कुदरत पर यकीन होने लगा.
17:06दूसरे सवाल का जवाब मिलते ही मैं खुश हो गया.
17:10मेरे अजीज दोस्त हातिम ने दूसरे सवाल का जवाब भी ढून निकाला है.
17:14शुक्रिया हातिम.
17:16शुक्रिया.
17:16कुछ दिनों के बाद मैं एक शेहर में आ पहुँचा.
17:20वहाँ पर बाच्चा के सामने बहुत से लोग खमगीन खड़े थे.
17:24तो मैंने एक से पूछा.
17:26आप सब लोग ऐसे बाच्चा के सामने खड़े होकर इतना मायूस क्यों है?
17:31हमारी सल्तनत पर बहुत सालों से एक शेतान का जल्मों सित्म जारी है.
17:37उससे जंग करने की ताकत नहीं होने की वज़े से बाच्चा सलामत ने उससे समझाता कर लिया है.
17:44इसलिए हर बुद्ध के दिन उसे एक जवान देना कुबूल किया है.
17:49उस जवान की उम्र 20 से 30 तक होनी चाहिए.
17:54ऐसी उस शेतान की शर्त है.
17:56ऐसा करते करते हमारे राज के सारे जवान खत्म हो चुके हैं.
18:02इसलिए बाच्चा सलामत और हम सब बहुत फिक्रमंद हैं.
18:06मगर बाच्चा सलामत आप सब ने मिलकर उस शेतान को मारने की कोशिश क्यों नहीं की?
18:12वो शेतान बहुत बड़ा है.
18:15उसके साथ मुँ और हर मुँ को तीन आखे हैं.
18:20वो एकदम खौफनाक और ताकतवर है.
18:23उसके माथे पर साथ आखे हैं और उसमें उसकी रूह बस्ती है.
18:28अगर उसमें से एक भी आख फूटी तो वहां तीन दिन के अंदर नई आख आ जाती है.
18:34अगर उसका कतल करना है तो उसके माथे की साथों आखे एक ही वक्त में फोड़नी होंगी.
18:42और ये होना नामुम्किन है.
18:44बाच्छा सलामत मुआफी चाहूंगा.
18:47इस दुनिया में नामुम्किन हो ऐसा कुछ नहीं है.
18:51इसलिए हमें कुछ तरकीब तो निकालनी ही पड़ेगी.
18:54बाच्छा सलामत मुझे आपकी सल्तनत के कुछ होशियार कारिगर चाहिए.
18:58मैं उनके साथ कोई न कोई रास्ता तो जरूर निकार लोंगा.
19:03बाच्छा के कुछ बहतरीन कारिगरों को साथ लेकर मैंने एक ऐसा कमान बनाया,
19:08जो एक ही वक्त में साथ तीर छोड़ सकता था.
19:13कुर्बानी देने से थोड़ी कम दूरी पर हमने उन्हें छिपाया.
19:17मैं खुद वो औजार चलाने के लिए रुका और सामने वली एहद को बांध दिया.
19:22कुछ ही देर में गुर गुराते हुए, हाथ पैर हिलाते हुए, वो शैतान वहाँ पर आ गया.
19:47आए नेक दिलहातम, तुम बहुत बहादुर हो.
20:08तुमने अपने दिमाग से नामुम्किन को मुम्किन बना दिया.
20:13और मेरे बेटे और आवाम को बचा लिया.
20:17इसलिए मैं तुम्हारा बहुत बहुत शुक्र गुजार हूँ.
20:20तुम्हारा किया हुआ ये काम बहुत कीमती है.
20:24मैं तुम से खुश होकर तुम्हे कुछ देना चाहता हूँ.
20:28तुम उसे कुबूल करो.
20:31ये लो तितली.
20:33ये तितली जादूई तितली है.
20:35और ये तिटली तुम जहां चाहू तुम्हें वहां लेकर जा सकती है
20:39मगर इसका इस्तिमाल एक ही बार हो सकता है
20:42तुम्हारे अगले सफर में ये तुम्हारे बहुत कange आएगी
20:46उस तिटली को लेकर बाच्चा का शुकरियादा करके
20:49मैं सफर पर आगे बढ़ गया
20:51I was like, I'm going to let you know what I'm going to do.
21:21Hey, two moans.
21:23I will go to the guffa.
21:25Please give me a path for me.
21:29I will give you a path.
21:31Today, many years ago,
21:35I will have to eat a lot of people.
21:39I will have to go to the path.
21:41I will have to go to the path.
21:45I will have to go to the path.
21:47I will have to be here.
21:52And you will have to go to the path.
21:57I will have to go in the path.
21:59Hey, king.
22:00You will have to go to the path.
22:03I will not be like this.
22:04You will be running away from me.
22:07Shh!
22:13This is how long your human body will kill me.
22:19I will die for hours l experiencing your fire.
22:23But with you getting food, I'll be more than happy.
22:31Yeah.
22:37Hey, two moos, Alisam!
22:45You are very proud of your ability.
22:48Now you have to learn the subject.
22:56Don't you, don't you, forgive me.
23:00I have one thing to do with you.
23:04One thing to do with you, you can live your life.
23:07And you will not give any help.
23:12No, I will not give any help.
23:18Hmm.
23:19I will explain it again.
23:22I will go to a lake.
23:24I will go to a lake.
23:26I will go to a lake.
23:29I will go to a lake.
23:30And I will go to a lake.
23:34नदी के बीच में आई
23:36तब मुझे पता चला
23:38कि इस नदी में बहुत से मगरमच हैं
23:41थोड़ी देर
23:43मुझे कुछ सूजा ही नहीं
23:45मगर मुझे फौरण बाच्छा की दी हुई
23:47तितली की याद आई
23:48मगरमच मेरे नजदीक आ रहे थे
23:51मैंने बाच्छा की दी हुई तितली
23:53निकाली और मंत्र पढ़कर बोला
23:55तितली तितली ताकत
23:57तेरी सबसे निराली
23:59ले चल मुझे को नदी के
24:01उस साहिल पर
24:02इस जादूई तितली की वज़े से
24:17मेरी जान बच गई
24:21और बाद में एक जंगल के ऊपर आने के बाद
24:39तितली की रफ़तार धीमी हो गई
24:41और उसने नीचे आना शुरू कर दिया
24:44किसी को दगा मत देना
24:46जैसा करोगे वैसा ही फल पाओगे
24:48तितली तो सच में मुझे मेरी जगा पर ले आई
24:53किसी को दगा मत देना
25:00जैसा करोगे वैसा ही फल पाओगे
25:03हे नौजवान तुम जो कह रहे हो उसकी वज़य क्या है और तुमारी ऐसी हालत क्यूं है और किसने की
25:17अगर तुम मुझे गम से निजात दिलाओगे तो मैं तुमें सब कुछ बताओंगा
25:23मैं तुमारी मदद करने का वादा करता हूँ
25:25मैं एक साहुकार का बेटा हूँ
25:27मेरे वालिद साहब तिजारत के लिए दूर गए हुए थे
25:31तब बुरे लोगों के साथ मिलकर मैंने वालिद साहब के सारी दौलत उड़ा दी
25:34हम घरीब हो गए
25:36तब वालिद साहब की चुपाई हुई दौलत हासिल करने के लिए
25:39मैंने एक तांत्रिक से मुलाकात की
25:42मिली हुई दौलत का एक चोथाई
25:44उसे देने का वादा किया
25:46उसने मुझे वो जगए दिखाई
25:48सोना मिलते ही
25:51मेरी नियत में बुराई आ गई
25:52और मैंने उसे कतल कर दिया
25:55और कुछ दिनों के बाद
25:57वो मेरे पास फिर आ गया
25:58तूने मुझे बेवज़े तकलीव दी है
26:01मुझे तेरे सोने की जरूरत नहीं
26:03मैंने तो बस तेरा दिल देखा था
26:05तुम्हारी ख्वाहिश है
26:06तो मैं तुझे और दौलत दिखा सकता हूँ
26:09उसने मुझे और दौलत ढूंड कर दी
26:11इसलिए मैं उसके साथ प्यार से बरताव करने लगा
26:15कुछ दिनों बाद
26:20मुझे ख्याल आया कि तंत्र मंत्र मुझे भी सीखना चाहिए
26:23इसलिए मैंने तंत्रिक से पूछा
26:25तब वो बोला
26:27मंत्र से दौलत नहीं दिखती है
26:30उसके लिए काजल आखों में लगाना चाहिए
26:32सारी तयारी कर लेने के बाद
26:34वो मुझे उस पेड़ के पास ले गया
26:36अब ये काजल तेरी आखों में डालेंगे
26:40मतलब तुझे ताकत मिल जाएगी
26:42अरे, अरे, मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है
26:45अरे, मैं अंदा हो गया हूँ
26:47ये तुने क्या किया मेरे साथ
26:49ये तेरे कर्मों का फल है बेवकूफ
26:52मैंने किया हुआ वादा निभाया नहीं
26:54इसलिए तुने मुझसे बदला लिया
26:56मगर अल्ला तुझे भी सजा दिये
26:58बगैर नहीं रहेगा
26:59ऐसा उससे कहने पर वो बोला
27:01किसी को दगा मत देना
27:03जैसा करोगे वैसा ही फल पाओगे
27:05ये जुमला हर पांच घंटे में बोलते रहो
27:08और इस पिंजरे में बैठे रहो
27:10कुछ दिनों बार
27:12एक दीनदार आदमी आएगा
27:13और सांपों से भरे तालाब से
27:15सूर्य कमल लाके तेरी आँखों में उसका रस डालेगा
27:17उसकी वज़े से तुम्हें रोश्नी मिलेगी
27:20आज दो सालों के बाद तुम आए हो
27:23तो अब मुझे आजाद कराओ
27:25यहां से मशर्क की और दो मील दूरी पर वो तालाब है
27:37उसके कहने पर
27:38मैं सांपों वाले तालाब पर गया
27:40वहाँ पर बहुत से रंग वाले
27:43निराले निराले सांप मुझे दिखाई दिये
27:45वहीं बीच में सूर्य कमल चमक रहा था
27:50मैंने पास का मोती पकड़ कर
27:55मैं सूर्य कमल की और पहुँचा
27:59सूर्य कमल तोड़ते ही
28:02बहुत से सांपों ने मेरे हाथ को काट लिया
28:05मगर मोती मेरे पास होने की वज़े से
28:07मैं सही सलामत वापस बाहर आ गया
28:10और नौजवान को पिंजरे से बाहर निकाल कर
28:12I got it in my eyes and saw the right to the right
28:15And then I got the left man
28:17So wait a second to the next door
28:18We won't do it
28:20No, I'm going to go to the right
28:22See you
28:29See you
28:29I got it
28:30You have to keep the third question
28:32Yeah
28:32Did you go to the next door
28:34I was going to the next door
28:36I went out of the next door
28:38I got it
28:38I was going to go to the next door
28:40And I got it
28:41जिसकी एक डाली नदी की ओर जुकी हुई थी
28:44और उस डाली पर पाँच लड़कियों के सर लटके हुए थे
28:48और उन सरों में से नदी में खून गिर रहा था
28:52गौर से देखा तो मुझे पता चला
28:54वो लड़कियां हस रही थी
28:56इन लड़कियों को ऐसी तकलीफ क्यों दी गई है
29:10इसका पता लगाने के लिए मैंने वहीं पर मुकाम किया
29:14और फिर मैं उस पेड़ के पीछे बैठा
29:16रात को सोया हुआ था
29:19तब वो सर एक एक करके पानी में गिर गए
29:23और उस आवाज से मेरी नींद खुल गई
29:27देखता हूँ तो क्या घजब हुआ
29:30वो लड़कियां नदी में से पूरे जिस्म के साथ बाहर आ गई
29:34उन में से एक खूबसूरत लड़की खास थी
29:38बाकी सारी कनीजें थी
29:39वो सामने वाले दस्तर खान पर जा बैठी
29:42वहाँ उनके सामने खाने की रकाबियां और तस्तरियां हाजिर हो गई
29:47आज पेड के नीचे एक मुसाफिर आया है
29:57जाओ और जाकर उसे ये खाना दे दो
30:01ए इंसान, तुम भूखे दिख रहे हो
30:11ये लो, हमारी मलिका ने तुम्हारे लिए ये खाना भेजा है
30:18तुम्हारी मलिका कौन है? और ये सब माजरा क्या है? ये मुझे बताओ
30:23वो मैं नहीं बता सकती
30:27आज तुम ये खाना खाओ, कल तुम्हें सब कुछ पता चल जाएगा
30:32ये कहकर वो लड़की वहाँ से चली गई
30:35उस रात मैं वैसे ही सो गया
30:39दूसरे दिन देखता हूँ तो क्या? वो सारे सर वैसे ही पेड़ पर लड़के हुए थे
30:45कुछ भी करके लड़कियों को छुडाना चाहिए
30:49ये सोच कर मैं पेड़ पर चड़ गया
30:51और उस खास लड़की का सर निकालने लगा
30:55तो जोरों का तूफान शुरू हुआ
30:57बिजली चमकने लगी और मेरा जिस्म नदी में गिर गया
31:01और मेरा सर पेड़ पर लटक गया
31:06मैं भी अब उनके जाल में फंस गया था
31:09अब इसमें से मुझे आजादी कैसे मिलेगी
31:13इस खयाल से अल्ला का नाम लेने लगा मैं
31:17तभी एक फकीर के बोल मेरे कानों में गुञे
31:19या अल्ला, या खुदा, कर सब पर अपनी रहमत की नजरे इनायत
31:24ऐ अल्ला के बंदे हातिम, इस इंद्रजाल में कैसे फच गया तू
31:29बाबा, बाबा, मुझे यहां से बचाओ बाबा
31:34हातिम, तू ऐसे उदास मत हो, मैं तुम्हें यहां से आजाद करवाउंगा
31:39अगलम बगलम रक्षमबो, जिन्दा कर दो हातिम को
31:50बाबा, यह क्या माजरा है बाबा, जरा आप मुझे भी तो बताओ ना
32:06यह जो सबसे खूबसूरत जिस्म है, यह एक शहजादी का है
32:11यह एक अरबी शैतान की बेटी है, वो शैतान एक जादूगर है
32:17वो बहुत ही जलाद और जालिम है, इस खूबसूरत लड़की को एक इनसान से प्यार हो गया था
32:26उसने अपनी शादी की बात अपने वालिद से की, तब वो अरबी शैतान भड़क गया
32:32क्योंकि उसकी बेटी शैतान के परिवार से होकर इनसान से प्यार करती है, इसलिए उसने उसे और उसकी कनीजों को ये सजा दे दी और उन्हें इस इंद्रजाल में बंद कर दिया
32:42मैं इन लड़कियों को यहां से आजाद कराने का खौईश मंद हूँ
32:47मगर जब तक ये अर्बी शैतान जिन्दा है तब तक ये नामुम्किन है, क्योंकि उसे जादुगरी में महारत हासल है, और वो अपनी रूह एक हरे रंग के मोती में बंद करके रखता है, और वो मोती उसने अपनी दोनों आखों के ठीक बीच में छुपा कर रखा है
33:09वो मोती तोड़ दिया, तो उसका खात्मा हो जाएगा
33:12नहीं, अरे वो मोती उसने अपने माथे के अंदर छुपाया है, सिर्फ उसकी ख्वाइश से ही वो बाहर आता है और अंदर जाता है
33:22मतलब वो कभी नहीं मरने वाला है, ऐसा आपको लगता है ना
33:25नहीं, इस दुनिया की हर शय का खात्मा होगा
33:32यहां से शमाल की और दलदल नाम का एक परवत है, उस परवत पर भेदग नाम के साप रहते हैं
33:39तुनहेरे रंग के इन सापों का सर जीप के रंग का होता है
33:42ये साप अपने मुह से एक खास हरे रंग की आग तयार करते हैं
33:48वो हरे रंग की आग ही उस मोती को तोड़ सकती है
33:53तो अभी मैं जल्द ही निकलता हूँ और उस परवत से दो तीन साप पकड़ कर लाता हूँ
33:58हातिम ये इतना असान काम नहीं है
34:01क्योंकि उस परवत के उपर जितने भेदक साप थे उसका इस शैतान ने खात्मा कर दिया है
34:07और अपने कुछ शैतान वहाँ पहरे पर बिठा रखे है
34:11मगर मैं कोशिश किये बगएर हार नहीं मानूंगा
34:14ठीक है मेरी दुआए तेरे साथ है हातिम
34:31हे दो मूव वाले साप तुम्हें एक बार सबक सिखाने के बाद भी
34:36तुम एक बार फिर से मेरा रास्ता क्यों रोक रहे हो
34:39मैं यहाँ जान लेने के लिए नहीं
34:43बलकि जानवरों की जान बचाने के लिए बैठा हूँ
34:48मैं समझा नहीं
34:51आगे दलदल परवत है
34:53वहाँ कुछ पहरेदार दिन रात पहरा देने बैठते हैं
34:59और साप चोरी करने वाले इंसान का सर धड़ से अलग कर देते हैं
35:06साप चोरी?
35:08पर मैंने तो सुना है कि वो वहाँ पर भेदक नाम के सापों का खात्मा करने के लिए ही बैठा है
35:13सही कहा
35:15वो हमारे इसमें से सिर्फ भेदक जात के सापों को ही मारते हैं
35:21इस वजह से जल्द ही वो जात खत्म होने की कगार पर है
35:25इसकी फिक्र हमें भी लगी है
35:28मगर तुम कहां जा रहे हो?
35:35उसे सारी हकीकत सुनाने पर वो बोला
35:38तुम्हें भेदक साप मिलना मुश्किल है
35:44क्योंकि शैतानों के दर से वो बाहर निकलते ही नहीं है
35:48और अगर तुम्हें अंदर जाते वक्त शैतानों ने तुम्हें देख लिया
35:53तो वो तुम्हारा सर दर से अलग कर देंगे
35:58But I can help you.
36:04You can sit in my mouth and then I will take you in the inside.
36:10I will take you in the inside.
36:12I will leave you in the inside.
36:15I will leave you in the inside.
36:17Okay, I will take you in the inside.
36:20I will go to bed.
36:32When I tell my принимages to be done,
36:34I will take you in the inside.
36:38And when I tell him to be prepared.
36:40I have said that.
36:42My uncle and sost aren't in the inside.
36:43To be best,
36:47Let's go, let's go.
37:17Let's go, let's go.
37:47Let's go, let's go.
38:17Let's go, let's go.
38:47Let's go, let's go.
39:17Let's go, let's go.
39:47Let's go, let's go.
40:17Let's go, let's go.
40:47Let's go, let's go.
41:17Let's go, let's go.
41:47Let's go.
41:49Let's go, let's go.
42:19Let's go, let's go.
42:49Let's go, let's go.
43:19Let's go, let's go.
43:49Let's go, let's go.
44:19Let's go.
44:21Let's go, let's go.
44:51Let's go.
45:21Let's go, let's go.
45:23Let's go.
45:25Let's go.
45:27Let's go, let's go.
45:57Let's go.
45:59Let's go.
46:01Let's go.
46:03Let's go.
46:05Let's go, let's go.
46:07Let's go.
46:09Let's go.
46:11Let's go.
46:13Let's go.
46:15Let's go, let's go.
46:17Let's go, let's go.
46:19Let's go, let's go.
46:21Let's go, let's go.
46:27I will never forget that I will never forget.
46:57I will never forget that I will never forget.
47:27I will never forget that I will never forget.
47:57I will never forget.
47:59I will never forget.
48:27I will never forget.
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49:21I will never forget.
49:23I will never forget.
49:25I am going to read it.
49:55My face is still in the middle of the night.
50:25और बगल में एक जवाहर गिरा था
50:28जैसे ही मैंने वो उठाया
50:30सारे के सारे पुतले जिन्दा हो गए
50:32सबने मेरा शुक्रिया अदा किया
50:35और मैं विलासपूर नगरी वापस आ गया
50:38चंदरसेन सहाब
50:39आपने मुझे हमामबाद पहाड पर जाने की इजासत दी
50:43इसलिए मैं अपना वादा पूरा कर सका
50:46वहीं से मैं आपके लिए ये तोफ़ा लाया हूँ
50:50इसे खुबूल कीजिए
50:51इस बेश कीमती तोफ़े के लिए शुक्रिया
50:55साथवा सवाल भी मिट गया
50:58हाँ मुनीर साथवा सवाल भी मिट गया
51:01हुसन बानो
51:02मुनीर
51:03Oh

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