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  • 1 year ago
Pakistani serial full

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00:00कि अच्छी जाओगी यह मैं छोड़ाओं
00:15कि मैं अच्छी जाओओं चलो ठीक है और रख्या मिले में प्रॉब्लम हो तो कॉल कर देना
00:21और पढ़ाई में दावत ना बोर जाना बेटा
00:29तुमसकत हम बहुचे गाने जाओगी यह वाल दिस अन इन वेशिन ऑफ पाइवसी जाओगी यह प्रीज शुरू मत जाना
00:37अरे सुनो ना बहुत सारे ख्याल रखीगा ख्याल हो गया रखेंगे बढ़ी इस तुम आदी नंगी होकर बैठी हो यह सिर्व हमारे लिए होकर हो अता दिया है
00:45मेडिकल तुम अपने शौक से कर रही हो तो टेस तो पास हो ही जाएगा पहना
00:49अर जब जब टेस पास होगा तो तो क्या होगा
00:57मड़ा तुमारे डिग्री होते ही हम तुमारे शादी कर देंगे
01:02पिर तुम दुबई मेरा होगी तुमने शोहर के साथ
01:10तुमारे बॉयन अश्क कर रहा है वह लोग आज आरे साई जसमें बूज़ करने के लिए
01:15मैं लापस नहीं साहती हूगा
01:17पराहे एड़्टेशन, मुज़ग वा जानै का उतिए
01:21पाश्याट लगते हैं वादे के यज़गे लागता हैं
01:23मुज़ग? मुज़गे बनाओम व्यूज़गे लापस नहीं चाहती हूग
01:33झाल झाल
02:03को, � keyboard JUST कि अहूप
02:11कि अूपआ को, खाल भीजा शोप
02:22I don't want,
02:22I don't want to
02:24तुम्हीं सोच चकती हो, उस विज्ट मेरी क्या हाल थी जब मैं तुम्हीं होस्पिटल लेकर पागा हूं।
02:40तुम्हें तुम्हें ने दुद्धिया होगा।
02:44तुम्हें ने भाब के लिए इसे बड़ा खौफ और क्या होगा कि वो पनी
02:52क्याओते हैं।
02:58खुड़ में अचैने लिएड़ी इससे बड़ рад Quran, तुम्हें रहीं होगा, यख़ेו घुक्याौ तुम्हें कि अच्छित्गी minute, वहाँ प्रीदो, तबिए।
03:04आपको, एक एसे फिर्वेली चैने आप्ए।
03:09झाल झाल
03:39लंड़ लुटुए लुटुभाटुए तुम्नीशोच्च्छती हो, उसक्त मरी क्या हलती है जर अवियु थुम्ही तुम्हे रहे कर बाद हुख्छा।
04:01आपके लिए इसे बड़ा खौफ और क्या होगा के वो पनी
04:31पनी आपके वो पनी
05:01झाल झाल
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26:17वीवर्ज ड्रामा सीडियल पर वरिश के आगाज में आप देखेंगे के ये कहानी खौबों महब्बत के जिस्तजू पर मुबनी है
26:41जहां रिश्तों की हकीकत और अंदरूनी ताकत कहानी को आगे बढ़ाती है कहानी के मरकजी करदार नूर है जो अपने खौबों की जिस्तजू में अपने खौब तलाश करने की कोशिश करती है
26:55गाइस नूर एक रुवायती खांदान की कुशाल और पैरी बेटी है जिसका वालिट सजाद एक बहुत बड़ा इनसान है जो नूर के हर फैसले पर हावी रहता है
27:08नूर की खौब कुछ और है लेकिन उसके बाप ने उसकी शादी एक अमीज लड़के कामरान से तहकर दी है
27:16नूर जो अपने जिन्दगी के फैसले खुद करना चाहती है
27:20अंदर ही अंदर घुच रही होती है लेकिन अपने वालिद की इज़त की खातल चुप होती है
27:28शादी के कुछ दिन बाद नूर को बता चलता है के कामरान एक बहुत ज़्यादा खुदगर्ज इन्सान है
27:40जो सिर्फ अपनी कहम्यापी और दोलत को एहमियत देता है
27:46नूर के ज़बात इसके खौबों को समझने से कासिर है
27:51और नूर अपने शादी खुदा जिन्दगी को बचाने की कोशिश कर रही होती है
27:57लेकिन कामरान की भैसित उसकी हैसी को तोरने लगती है
28:02कहानी में एक और करदर आपाग की एंट्री होती है
28:12जो नूर के कॉलेज का दोस्त है
28:15जो एक मसिन्फ के तर पर काम्याब हो चुका है
28:19अफ़ाफ नूर के हालात को समझता है
28:24और इससे होसला देखता है
28:28कि वो अपने जिन्दगी में आगे बढ़ने की कोशिश करे
28:31नूर अपने वालत के शौक और शौकर की नाराजकी से
28:36दोस्तों काम्रान की एक कारबारी दोका दही सामने आती है
28:42जिससे नूर का नाम भी बदनाम हो जाता है
28:46और वो बहुत ही ज़्यादा परिशान और अदास हो जाती है
28:51सजाद को एहसास होता है कि उसने अपनी बेटी के खौबों को कुचल कर
28:57उसकी जिन्दगी को तबह कर दिया है
28:59नूर अपनी जिन्दगी के लिए पहली बार आवाज उठाती है
29:04और काम्रान से अलग होने का फैसला करती है
29:08नूर अपने अज़ाजी खौबों के साथ एक नई जिन्दगी शुरू करती है
29:14वो एक काम्याब आर्टिस्ट बन जाती है
29:18वो अपने वालिद को ये सिखाती है
29:21कि बेटियों के फैसले को दबाने के बज़ाए उन्हें सिमाद देना चाहिए
29:27और बाप उसका हमेशा उसके साथ खड़ा रहा है
29:30वीवर्स ड्रामा सीडियल पर वरिष के आगाज में आप देखेंगे के
29:35ये कहानी खौबों महबत के जुस्तजू पर मुबनी है
29:40जहां रिष्टों की हकीकत और अंदरूनी ताकत
29:44कहानी को आगे बज़ाती है कहानी के मरकजी करदार नूरू है
29:49जो अपने खौबों की जुस्तजू में अपने खौब तलाश करने की कोशिश करती है
29:54गाज नूर एक रुवाईती खांदान की कुशाल और पैरी बेटी है
30:00जिसका वालिट सजाद एक बहुत बड़ा इंसान है
30:03जो नूर के हर फैसले पर हावी रहता है
30:07नूर की खौब कुछ और हैं लेकिन उसके बाप ने उसकी शादी एक अमीर लड़के कामरान से तहकर दी है
30:14नूर जो अपने जिन्दगी के फैसले खुद करना चाहती है
30:19अंदर ही अंदर घुच रही होती है लेकिन अपने वालिद की इज़त की खातर चुप होती है
30:27शादी के कुछ दिन बाद नूर को बता चलता है कि कामरान एक बहुत ज़्यादा खुदगर्ज इन्सान है
30:39जो सिर्फ अपनी कहम्याबी और दोलत को एहमियत देता है
30:45नूर के जबाद इसके खौबों को समझने से कासिर है
30:49और नूर अपने शादी खुदा जिन्दगी को बचाने की कोशिश कर रही होती है
30:55लेकिन कामरान की भैसित उसकी हैसी को तोरने लगती है
31:01कहानी में एक और करदर आपाग की एंट्री होती है
31:11जो नूर के कॉलेज का दोस्त है
31:14जो एक मसिन्फ के दोर पर काम्याब हो चुका है
31:18अफ़ाफ नूर के हालात को समझता है
31:22और इससे होसला देखता है
31:26कि वो अपने जिन्दगी में आगे बढ़ने की कोशिश करे
31:30नूर अपने वालत के शौक और शोहर की नाराज़की से
31:35दोस्तों काम्रान की एक कारबारी दोका दही सामने आती है
31:41जिससे नूर का नाम भी बदनाम हो जाता है
31:45और वो बहुत ही ज़्यादा परिशान और अदास हो जाती है
31:50सजाद को एहसास होता है कि उसने अपनी बेटी के खौबों को कुचल कर
31:55उसकी जिन्दगी को तबह कर दिया है
31:58नूर अपनी जिन्दगी के लिए पहली बार आवाज उठाती है
32:03और काम्रान से अलग होने का फैसला करती है
32:07नूर अपने अज़ाजी खौबों के साथ एक नई जिन्दगी शुरू करती है
32:13वो एक काम्याब आर्टिस्ट बन जाती है
32:16वो अपने वालिद को ये सिखाती है
32:20कि बेटियों के फैसले को दबाने के बज़ाए उन्हें सिमाद देना चाहिए
32:26और बाप उसका हमेशा उसके साथ खड़ा रहा है
32:29वीवर्स ड्रामा सीडियल पर वरिष के आगाज में आप देखेंगे के
32:34ये कहानी खौबों महब्बत के जिस्तजू पर मुबनी है
32:39जहां रिष्टों की हकीकत और अंदरूनी ताकत
32:43कहानी को आगे बहाती है कहानी के मरकजी करदार नूर है
32:48जो अपने खौबों की जिस्तजू में अपने खौब तलाश करने की कोशिश करती है
32:53गाज नूर एक रुवाइती खांदान की कुशाल और पैरी बेटी है
32:59जिसका वालिद सजाद एक बहुत बड़ा इनसान है
33:02जो नूर के हर फैसले पर हावी रहता है
33:06नूर की खौब कुछ और है लेकिन उसके बाप ने उसकी शादी एक अमीज लड़के कामरान से देख कर दी है
33:13नूर जो अपने जिन्दगी के फैसले खुद करना चाहती है
33:18अंदर ही अंदर घुच रही होती है लेकिन अपने वालिद की इज़त की खातल चुप होती है
33:26शादी के कुछ दिन बाद नूर को पदा चलता है कामरान एक बहुत ज़्यादा खुद्गर्ज इनसान है
33:38जो सिर्फ अपनी काम्यापी और दोलत को एहमियत देता है
33:43नूर के ज़्बाद इसके खौबों को समझने से कासिर है
33:48और नूर अपनी शादी खुदा जिन्दगी को बचाने की कोशिश कर रही होती है
33:54लेकिन कामरान की बहुत उसकी हैसी को तोड़ने लगती है
34:00कहानी में एक और करदर आपाक की एंट्री होती है
34:04जो नूर के कॉलिज का दोस्त है
34:13जो एक मसिन्दगी के तरपर काम्याब हो चुका है
34:16अफ़ाफ नूर के हालात को समझता है
34:21और इससे होसला देखता है
34:25कि वो अपने जिन्दगी में आगे बढ़ने की कोशिश करे
34:29और अपने वालत की शौक और शौक की नाराज़की से
34:34दुस्तो कामरान की एक कारबारी दोका दही सामने आती है
34:40जिस से नूर का नाम भी बदनाम हो जाता है
34:44और वो बहुत ही जदा परिशान और अदास दो जाती है
34:49सजाओत को एहसास होता है
34:51कि उसने अपने बेटी के खौबों को कुचल कर उसकी जिन्दगी को तबह कर दिया है
34:57नूर अपने जिन्दगी के लिए पहली बार आवाज उठाती है
35:02और कामरान से अलग होने का फैसला करती है
35:06नूर अपने अज़ाज खौबों के साथ एक नए जिन्दगी शुरू करती है
35:11वो एक काम्याब आर्टिस्ट बन जाती है
35:15वो अपने वालिद को ये सिखाती है कि बेटियों के फैसले को दबाने के बज़ाए उन्हें दिमाद देना चाहिए
35:24और बाप उसका हमेशे उसके साथ खड़ा रहा है
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