00:00मगरमच में और बंदर में मस्त दोस्ती हो गई वो रहता था जामुन के पेड़ मगरमच वही नीचे पानी में तो वहां से मगरमच को मस्त मीठे मीठे जामुन तोड़ तोड़ फेकता रहे तो मगर ने क्या किया किया कि कुछ जामुन जो है घर ले गया उसकी धनिया उसको �
00:30क्या तीसरे दिन वो चल पड़ा कि बंदर को ले ही आता हूं ले आया आधे रास्ते में मगर के मूँ से निकली गया बोलता दोस्त माफ करना बोलता अरे भाभी के लिए तो जान भी दे सकता हूं तुमसे पहले वो हमारी एक्स थी तुम क्या दिल तो अपना पेड़ पे छो�
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