00:00कितना हुआ?
00:06250 मेडम
00:07छुट्टा नहीं है मेडम
00:11छुट्टा वुट्टा नहीं जा यह तुम्ही रख लो
00:17अधी कर्दी, यह तो घर तक आ गया
00:21पापा
00:24पापा, दर्वाजा खोलिये पापा
00:27पापा
00:29पापा जल्दी
00:30कितनी वार खटखटाएगी बेटा, आजा
00:34क्या हुआ?
00:36अब समझाया होगा कि हमारे गाहाले
00:38संजू
00:40संजू, सही जगाए हो आजा
00:43अईला, यह मुझे कैसे जानता है?
00:46तुम्हारी मा का फोन आथा कि तुम्हा रहे हो
00:48अनू भी उसी ट्रेन से आ रही है, यह बताने के लिए फोन कर रहा था है, उठाया क्यों नहीं? आजा
00:52बेटा, तो तो फस गया रहे है
00:53आजा, आ ना, तुने इतनी जल्दवाजी में घंटी क्यों बजाई
01:02पापा, वो
01:04जनकपूर में मेरी दोस्त गायतरी रहती है, बताया था ना?
01:08यह उनका बेटा है संजू, इसकी नवकरी यहीं लगी है, आज से यहीं रहेगा
01:13अंदर आ जाओ, लक्ष्मी
01:15लक्ष्मी, देखो तो गायतरी का बेटा आया है
01:28नवस्ते आँटी
01:29क्यों बेटा, हनुमान जी के भक्त हो
01:32नहीं तो क्यों आँटी?
01:33बैग को पर्वत की तरह उठा कर खेड़े हो, इसलिए पूछ लिया
01:36तो हमारे घर के घोस्त तुम ही हो
01:39घोस्त?
01:41मा घोस्त नहीं, गेस्ट है, मा को इंग्लिश नहीं आती
01:43अच्छा, गेस्ट
01:46गेस्ट
01:47गोस्त का मतलब भूत होता है, क्या मा?
01:49तब तु सही कहाना मैंने, इंग्लिश नहीं आती ऐसा क्यों कहा?
01:53सुनो बेटा
01:54अहां, अंकल, अंदर कमरे में रेश्ट कर लो, बाद में बात करते हैं, ओके अंकल, तो ये रूम है, चलो कम से कम, रूम तो अच्छा है,
02:04सुनने में आया है, रात को ट्रेन में बहुत मच्छर थे, मैं जानता हूँ, तुम दोनों के नीन नहीं आई होगी,
02:34अंकल, माह का फोन है, बात करो, ये दोनों ट्रेन में साथ ही आये थे, आच्छा, अँ, क्यों रे, वहां सब ठीक तो है ना, अरे वो सब छोड़ो, कुछ और बात करनी थी, क्या, तुमने ना मेरे साथ ठीक नहीं किया है, क्यों बेटा, और नहीं तो क्या, दोस्त कहके लेड
03:04जब शैलू छोटी थी और उसके पापा अस्पताल में मौच से लड़ रहे थे तब विश्वनाजी उन्हें देखने अस्पताल गए थे
03:21आगरी सांस लेते वक्त उन्होंने विश्वनाजी को बताया कि वो अपनी बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे
03:26लेकिन बना नहीं पाए तब विश्वनाजी ने उन्हें वादा किया कि शैलू को मैं डॉक्टर बनाऊंगा
03:31विश्वनाजी भी अपनी बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे
03:35लेकिन दो लड़कियों को एक साथ डॉक्टरी बढ़ाने की उनकी हैसियत नहीं थी
03:39लेकिन बादा किया था तो दोस्त की बेटी को डॉक्टरी पढ़ा कर अपनी बेटी को इंजिनिरिंग की पढ़ाई शुरू करवा दी
03:46भरोसा नहीं होता कि आज भी ऐसे लोग हैं जो एक बादा ने भाने के लिए इस हद तक जा सकते हैं
03:52लेकिन उनकी पतनी ज्यादा बड़ी लिखी नहीं है वो हमेशा ही गलत इंगलिश बोलती है लेकिन फिर भी वो उन्हें हमेशा खुश रखते हैं अच्छा अगर वो पास में है तो बात करवाते हैं
04:01अब मैं चलती हूँ पापा बाई ठीक है
04:03बाई बाई गुडबाई तुम्हे तो पता है ना कि मा को इंगलिश नहीं आती ठीक है मैं चलती हूँ पापा
04:12मा गुडबाई का मतलब दुबारा मत आना मैंने तो एकदम सही कहा ना इसका मतलब इंगलिश आती है मुझे
04:19वो मा बात करना चाती
04:22हाँ गायत्री बोलो
04:24कैसा लगा मेरा बेटा
04:26जिसे चाहिए वो कॉफी पी सकता है
04:29हालो
04:33हाँ गायत्री बोलो
04:34शैलू के पापा से वादा किया था इसलिए उसे डॉक्टर बना दिया
04:37उसे नौकरी क्या मिली वो तो होस्टल ही चली गई
04:39किसी दोस्ट को पैसों की जरुरत थी
04:42तो मदद करने का बादा कर दिया
04:43और अपना खुद का घर गिर भी रख दिया
04:45जैसे ही उसने पैसा लिया
04:47वो 9-11 होकर शहर से भाग गया
04:49आज ये नौबत आ गई है कि खुद के घर का ही किराय भरना पड़ रहा है
04:52घर में जवान लड़की के होते हुए भी इसे यहां लाकर रख दिया
04:55देखना इसकी वजह से भी बहुत बड़ी प्रॉब्लम होगी
04:58वो कहीं प्यार व्यार ना कर बैठे तुझसे इस बात का ध्यान रखना
05:02मम्मा ऐसा कुछ भी नहीं होगा
05:04प्रॉमिस मैं ध्यान रखूंगी
05:05तुम टेंशन मतलो मैं देख लूँगा
05:07सुनो तुमारे ओफिस के रास्ते महीं अन्नु का कॉलेज है
05:11आज से तुम्हें उसे ड्रॉप करोगे उसके चक्कर में मुझे ओफिस घूम के जाना पता है
05:14नहीं कोई बात नहीं कर लूँगा
05:15ए रुको
05:16ये जो हुलिया है इसे गे तब में ऑफिस जाओगे
05:20अरे नहीं सौफटर ऑफिस में एंट्री मतलब बहुत एक्सपेक्टेशन्स होती अंकल
05:23तो मैं शेव करके ही जाओँगा
05:44कर दो ठाहिए
06:14कौन है बही है बाई परसोही अन्यू के घर में आया ही है आपके प्यार पे ढाका डालने के लिए
06:32अरे मैं कहां और वो कहां मुझसे ज़्यादा प्यार उसे वो कभी नहीं कर सकता
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