00:00एक मई को भारत समेत दुनिया के कई डेशों में अंतर्राष्ट्रिय मजदूर दिवस मनाया जाता है अब भारत में भी कई राज्ये सरकारे अपने आवकाष खोशित करती है तो चलिए आपको आज किस वीडियो में बताते हैं क्या अखिर एक मई को क्यू मनाया जाता है मज�
00:30जाना जाता है अब यह दिन दुनिया के मजदूरों और श्रामिक वर्ग को समर्पित है अब इस दिन को मनाने का मुख्य देशे मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करना और उनके द्वारा किये गए यूगदान को याद करना है अब यह दिन मजदूरों को संगठित कर
01:0086 में हुए एक श्रमिक आंदोलन से जुड़ी है आज जो रोजाना काम करने के 8 घंटे निरधारित हैं और सबता में एक दिन की छुट्टी का अधिकार है वो सब इसी आंदोलन की देन है
01:111880 का दशक अमेरिका समेत विभिन पश्चिमी देशों में अध्योगी करण का दौर था अब ज़रान मजदूरों से 15-15 घंटे काम लिया जाता था
01:21वही सुरियोदय से सुरियास्त तक को उन्हें काम करने के लिए मजबूर किया जाता था रिख
01:25वही आपको बता दे कि अमेरिका और कनाटा की ट्रेड यूनियनों के संगठन फेडरेशन औफ और अर्गनाइजड ट्रेड्स एंड लेबर यूनियन ने तवई किया कि मजदूर एक मई 1886 के पाद रोजाना आठ घंटे से ज़ादा काम नहीं करेंगे
01:39जब वो दिन आया तो अमेरिका के अलग-अलग शेहरों में लाखो श्रमिक शोशन के खिलाफ हर्ताल पर चले गए
01:44अब यहीं से बड़े श्रमिक अंदोलन की शुरुआत हुई पूरे अमेरिका में श्रमिक सडकों पर उतर आये थी
01:50अब इस दोरान कुछ मजदूरों पर पुलिस ने गोली चला दी अब जिसमें कई मजदूरों का निधन हो गया
01:56और सौ से ज़ादा लोग खायल भी हो गए
01:59अब इसके बाद 1889 में जब पैरिस में इंटरनेशनल सोसलिस्ट कॉन्फरेंस हुई
02:04तो एक मजदूरों को समर्पित करने का फैसला किया गया
02:07अब इस तरह धीरे धीरे पुरी दुनिया में एक मजदूर दिवस या फिर कामगार दिवस के रूप में मनाने के शुरुआत हुई
02:14आज अगर कामकाजी वर्गों के लिए दिन में काम के आट घंटे तए हैं तो वो अमेरिका के हुए इस आंदूलन की देन है
02:21भारत में मजदूर दिवस के शुरुआत चिन्नई में एक में 1923 में हुई थी बारत में लेबर किसान पार्टी आफ हिंदूस्तान ने एक मई 1923 को मदरास में इसके शुरुआत की थी
02:31यही वो मौका था जब वो पहली बार लाल रंग छंडा मजदूर दिवस के प्रतीक के तोर पर इस्तमाल किया गया था
02:38अब यह भारत में मजदूर अंदोलन की एक शुरुआत थी जिसका निर्थित तो वामपन थी और सोसलिस्ट पार्टिया कोर रही थी दुनिया भर में मौजूद संगठित होकर अपने साथ होरे अत्यचारों और शोशन के खिलाफ अवाज भी उठा रहे थे
02:50तो दोस्तों फिलाल इस वीडियो में इतना ही तो यह कुछ इतिहास थे जो की मजदूर दिवस से जुड़ेवे हैं
02:56फिलाल यह आपको जानकारी कैसे लगी कमेंट में लिखके ज़रू बतेएगा धन्यवाई
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