00:00ये दादी और बक्री दोनों मिलकर रेगिस्तान में एक गढ़े को खोथते हैं
00:03ये बक्री खूब महनत करती है और दूर दूर से पानी लाती है और गढ़े में पानी को भरती है
00:13अब गढ़ा पानी से भर जाता है और दादी गढ़े में बाल्टी से मचलियों को डालती है
00:18फिर कुछ समय बाद गढ़े की मचलियां बड़ी बड़ी हो जाती है
00:21लेकिन एक दिन बंदरों की गैंग की नजर गढ़े पर पड़ती है
00:23और बंदर गड़े की सभी मचलियों को गपागप खा जाते हैं
00:27फिर बिचारी दादी और बकरी बहुत रोने लगते हैं
00:29क्योंकि किसी ने लाइक सब्सक्राइब नहीं किया
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