00:00ओ जयाल नगरी लादाज हो मंदेर बनी ओ जोर को
00:09महकाली भादरा के बक्तों की डूर को जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
00:21सवन महीनू उजन नगरी में लाला के बारी जी कवड़िया तो चरनी आवे तुझे दुनिया सारी जी
00:33जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
00:38जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
00:51महकाल को दर्शन करने पैदल पैदल आवे जी
01:07चूंगी नक्चे बागत घर ने रा दीजे जोर बजावे जी
01:15जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
01:20जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
01:29जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
01:32जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
01:44जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
01:56उजाम नगरी महकाल लो
02:15जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
02:27जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
02:29जैकारो बूझे रे बाबा महकाल लो
02:46जिज्जे जैन ना करी महाका गल रो मुमं सिर्वन्यों जोर को
02:53महाकार लिपांदे राखे बाकतों की दोहर को जरकारो गुझे रे बाबा महाकाल रो
03:16जांदे में लो जाता विणरस्टाना संटी मा玩ााव में रळने की दिजिक बादा बाकतों की
03:46चाबन महीनों उच्चन नगर ही मेला लागे भारी जी
03:54कावणिया तो चरनी आवे मुझे बुनिय सारी
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