- 1 year ago
- #mehwishhayat
- #ahsankhan
- #hiramani
Thanks for watching Har Pal Geo. Please click here https://bit.ly/3rCBCYN to Subscribe and hit the bell icon to enjoy Top Pakistani Dramas and satisfy all your entertainment needs. Do you know Har Pal Geo is now available in the US? Share the News. Spread the word.
Dayan Episode 17 - [Eng Sub] - Mehwish Hayat - Ahsan Khan - Hira Mani - 21st April 2025 - HAR PAL GEO
Dayan is a gripping story of a girl fighting for justice after enduring a series of injustices. It follows Nihaal, a young woman whose life is shattered by a tragic turn of events.
The events that follow shake Nihaal to her core, drastically altering her personality. This leads Nihaal to embark on a journey to bring those responsible for ruining her life to justice.
Can Nihaal get the justice she deserves? Is Nihaal strong enough to take down the ones who wronged her? Can Nihaal handle everything life throws at her?
7th Sky Entertainment Presentation
Producers: Abdullah Kadwani & Asad Qureshi
Director: Siraj ul Haq
Writers: Fatima Faizan & Amber Azhar
Cast:
Mehwish Hayat as Nihaal/Misha
Ahsan Khan as Zawar Shah
Hira Mani as Shabab
Usmaan Peerzada as Dr. Naved
Zainab Qayoom as Fauzia
Nayyer Ejaz as Shakeel
Sohail Sameer as Amir
Osama Tahir as Hunain Shah
Nida Mumtaz as Hajra
Shamyl Khan as Javed
Afsheen Hayat as Zakiya
Zohreh Amir as Nageen
Raima Khan as Noori
Sabiha Jafri as Khalida
Ikram Abbasi as Sherry
#MehwishHayat
#AhsanKhan
#HiraMani
Dayan Episode 17 - [Eng Sub] - Mehwish Hayat - Ahsan Khan - Hira Mani - 21st April 2025 - HAR PAL GEO
Dayan is a gripping story of a girl fighting for justice after enduring a series of injustices. It follows Nihaal, a young woman whose life is shattered by a tragic turn of events.
The events that follow shake Nihaal to her core, drastically altering her personality. This leads Nihaal to embark on a journey to bring those responsible for ruining her life to justice.
Can Nihaal get the justice she deserves? Is Nihaal strong enough to take down the ones who wronged her? Can Nihaal handle everything life throws at her?
7th Sky Entertainment Presentation
Producers: Abdullah Kadwani & Asad Qureshi
Director: Siraj ul Haq
Writers: Fatima Faizan & Amber Azhar
Cast:
Mehwish Hayat as Nihaal/Misha
Ahsan Khan as Zawar Shah
Hira Mani as Shabab
Usmaan Peerzada as Dr. Naved
Zainab Qayoom as Fauzia
Nayyer Ejaz as Shakeel
Sohail Sameer as Amir
Osama Tahir as Hunain Shah
Nida Mumtaz as Hajra
Shamyl Khan as Javed
Afsheen Hayat as Zakiya
Zohreh Amir as Nageen
Raima Khan as Noori
Sabiha Jafri as Khalida
Ikram Abbasi as Sherry
#MehwishHayat
#AhsanKhan
#HiraMani
Category
🎈
FunTranscript
00:00पना के तमाशा जो हसते रहे उने अग तमाशा बनाया जाएगा
00:30क्या कर रही हो यह मैंने घरने सब को कहा तो कि तुम कोई काम नहीं करोगे क्यों कर रही हो यह सब बड़ी बेगाम साहबा वापस आ गए है तो
00:57उनके वापस आने से तुम्हारे इस काम के रफानों आप भूल रहे हैं आपने मुझे अपनी बीवी होने का दर्जा जरूर दिया है लेकिन इस घर की मालकिन तो वही है यहां बस उने का हुकम चमता है
01:23तो मैं यह सब काम करने के लिए शबाब ने कहा है कि है
01:25समरा खाली करने के अपने वकाद से बढ़कर मिल रहा था सब
01:36पूल गई थी कि हो तो दूसरे दरजे के मुलाजमा ही
01:46यहां एक मकसद की रिलाई देलू बस
01:53एसा नहीं है
02:04वह शायद उससर में होगी तो कहती होगा
02:07उसकी किसी बाप को दिल पे बत देना
02:11नहीं पीसमीनों पर जा रहा हूं वापसा के बात करूंगा
02:22मैं को यह कुछ भी कहें
02:27सबको मना कर दो
02:29ले देना जवाशा का होगना है
02:33मेरे इस घर पर इस घर की हर चीज़ पर तुम्हारा पूरा राख है
02:43मुसकरा पिनी अची लगरे
03:04यह रंग भी तुम पर बहुत चशना
03:15क्या बात करें इसाइस
03:40क्या बात करें इसे
03:45कुछ लेगी वो
03:47मेरी तभीयत का बूछ रहे थे
03:50क्या भूम जफाओ की
03:53तुने रस्म नभाई है
03:56यह तंक की आतिश जो
03:59इस दिल में चलाई है
04:02आएगा मजाद जी को
04:05इस आग में जनने का
04:08वो का ही मिलेका ना
04:11अब तुझ को सबरने का
04:14तब तब तुझ को सब्सक्राइब
04:18तब तब तुझ को सब्सक्राइब
04:24तब तब ताइब
04:28तब तब तुझ को फियोताइब
04:30तब तब तब तुझ को सब्सक्राइब
04:34जनने के लिए
04:38कि अजए से कुई नहीं होगी है
05:06यह क्या कर रही हो और चारें अब तुम यह काम नहीं करोगी क्यों अब तुम साइं की बीवी हो गई हो गयो ना बैटके खाओगी वो तो मैं पहले भी थी अब बात अलग है ना
05:25मों इन यह किया हो रहे हुआ कि और कर यह था अधार देख रहां हुआ दोनों हुआ है पूराखर गंदा पड़ावं यहां कि गर साफ कर में ना जाओ यहां से और आं Teachers
05:50पिछ व कर दोस्त है
05:55चपडासी की बेटी, ये क्या तुधन बनकर आई वे उस किचन में, काम करने आई हो ना यहाँ पर, हाँ, सब समझती हूँ मैं तुम्हें, याद रखो कि तुम किस लिए आई हो यहाँ पर, और कब तुम यहाँ से जाओगी, अपनी आउकार मत भूलो, आई समझ,
06:16चितना भी बनाओ से इंगार कर लो ना तुम, बदसूरत औरत हमेशा बदसूरत ही रहती है, तुम अपनी आउकार मेरा हो, जाओ, जाके कपड़े बदलो, जाओ,
06:46पाजी, चोटी बेगम सब आगे, मैंने तुम्हारा कमरा अच्छे से सेट कर दी,
07:16जे, तुरो रहे है, हुआ के, फट को दोला में के लिए इनसान समझ लिया था, ये हुआ है,
07:31किसे पिटे पुराने कपड़े पहने के बजाए नए कपड़े पहने ये हुआ है,
07:35मुझे तु लगता है, मैं शायद पेदा ही इसली हूए हूए हूए हूए 실� scholar PB काुषि के राक पया मुश्वार निकाल सके
07:41जो दुनिया हूए के साथ करती है उसका जिम्मेदार मुच्छे ठेहरा सके
07:47कि मैं तो इक्सानी नही हूँ
07:51मैं तो घूंगी हूँ, मेरी कोई सबान ही नहीं है
07:54मैं तो जानवर से भी बत्तर, बेजान, बेजान
08:07नहाल तुम उन सब की बातों पर देहान क्यों देती हो
08:13सब लोग तेरे खिलाफ हो गए हैं तुझे नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं
08:18पर तुने, तुने सब को लात मारती है
08:22क्योंकि तु साइए की अब सही तरीके से बीवी है
08:26तुम अभी में नहीं समझी नूरी
08:33वो मुझे बीवी नहीं समझते हैं
08:37उने से बॉलाद चाहिए, सिर्बॉलाद
08:39हाँ तु अलाद होने में वक्त है
08:41उससे पहले नहाल तुम्हारे पस बहुत वक्त है
08:45तब तक तुझे को यहां से हिला नहीं सकता
08:49साइए उसकी टांगे तोड़ देंगे
08:51चाहे वे बड़ी बेगन सावे ही क्यों नाव
08:54और हर बात पर रोना मत शुरू कर दिया करो
09:01हिम्मत करो
09:04क्योंकि आगे तुझे इस हिम्मत की बहुत ज़रुरत होगी
09:07समझे
09:09बैटो, पैपानी लेकर आते हैं दुआएंगे
09:24क्योंकि आते हैं
09:54झाँ
09:55झाँ
09:56समस्क्क
09:57झाँ
09:58मैं
09:59यह
10:00बात
10:04प्रूप
10:06क्योंकि आते हैं
10:08तो
10:11यह
10:12व
10:14क्योंकि की
10:17मैं
10:19मैं
10:21तुम सब लोग जाया से
10:51सवार शाब मैंना मतलब है सवार भाई रैसा कुछ नहीं है जैसा आप सोच रहे हैं आपको खलच फैमी हुई है और मेरा मेरा वो मकसद बिलकुल भी नहीं था क्या बता हूं वो औजिया ने बोला था मुझे
11:21फौजिया ने यह सब फौजिया कहने पर किया तुमने और यह से पहले किया वो मैंने कहा इस से पहले जोगा वो किसने बोला था
11:40वो वो वो वो वो भी फौजिया ने बोला था मुझे पंद करो मिपक्वास
11:54कितने जूटे हो तुम तुमारी रग रग में जूट भरावा है यह सब कुछ तुमारी रग में जूट भरावा है
12:00यह सब कुछ तो मैं पॉजिया ने कहा था कि इसको जहर दो और उसकी इसत से खेलो
12:06जवाग मैं मैं जूटाओना मेरी नत्रस में जूट भरावा था
12:14लेकि जवेद तो सच बोलता ना उजवेद तो जवेद खुद खुद गवाई दी ती जवेद बताना यार
12:25नवर भाई आपको तो पता कि मैं जूट नहीं बोलता मैं तो लम्ह भर के लिए वहां से गुजरा था
12:32जो देखा रिकॉर्ड कर लिया इससे ज़्यादा मैं और कुछ नहीं जानता
12:37यह बगड़ो
12:53यह बपार करते नहीं जानता
13:04यह बढू यह बढूँ आपकरते यह बढूँ
13:12बढूँ
13:14बढूँ
13:18तो जाच
13:20उसी बेहन की वज़ा से तू आज जिन्दा है।
13:24उसकी वज़ा से तेरे सर पे आज ठक भी है।
13:30वरना तुझे तो कपकर कीड़े की तरह बसा चुका होता मैं।
13:37तुझे सर्फ एक शल पर माफ कर सकता हूं।
13:40आज रात घर में सब के सामने तुझे नहाथ से माफ भी मांगनी होगी।
13:44बोल मांगेगा यह नहीं।
13:48और उसके बार जहां नहाल होगी अगर तू उसके पास दिखाई भी दिया।
13:53तो ना मैं तेरा लेहाथ करूँगा।
13:55ना फोज यह को और ना तेरे बच्चे का।
13:57छोड़ोगा नहीं तुझे।
13:59नहीं, नहीं नहीं नहीं नहीं यह नहीं तुझे।
14:02तेरा वहाल करूँगा कि शटक पर भीक माग दे के कापल ही लहेगा तू।
14:08सुना तुने!
14:09तुरे निहाल का नाम मेरे नाम के साथ जुच चुका है उसकी इज़त पर हम लेखो मैं अपनी इज़त पर हमला समझता हूँ
14:29ले रो इसको यहां से
14:30टुच है पुरे जुच झे झाएंए भाल-बदार का चाल-बदार कंबका है
14:39अगे!
14:41वचे!!!
15:09इदे रहां?
15:30जी बड़ी विकमसाइब।
15:31अब लग रही हूँ न मुलासमा?
15:46आज खाना जल्दी तयार कर देना
15:48वरना वही भेगाओं की जहां से ले के आई थी
15:54जाओ
16:02जाओ
16:07नहाल यहीं रुको
16:14जवार्शा?
16:15आप कब आए?
16:20अभी आया न तुम्हारे सामने
16:22जवार?
16:27मैंने आपसे अकेले में बात करनी है
16:34कहो
16:41अकेले में क्यों?
16:43यहां सब के सामने क्यों नहीं?
16:45कि स्टडी में चले?
16:47क्यों यही करो ना सब के सामने ऐसी क्या बात है
16:57सवाइर ओम लाजमों के सामने बात मुनासिब नहीं होगी
17:03मुझे तो यहाँ कोई मुलाजम दिखाई नहीं दे रहा
17:18किसकी बात कर रही हो तुम
17:20जो बात करनी हैं सब के सामने बोलो
17:23क्या कहना चाह रही हो
17:24उस दिन जो हुआ वो
17:30उस दिन की बात कर रही हो
17:31जब तुमने जहर बरा खाना दे कर अपने शोहर को
17:35नहाल के पास भेजा था कि इसको खाना खिला दो
17:38उस दिन की बात कर रही हो
17:40सबार ऐसा नहीं हुआ
17:41अच्छा ऐसा नहीं हुआ तो फिर क्या हुआ था फौजिया
17:44मैं
17:45क्या मैं
17:46तुम्हारे शोहर ने तो मुझे सब कुछ साफ साफ बता दिया है
17:50उसने तो ये कहा कि तुमने अपने हातों से खाने में जहर मिलाया ताके वो नहाल को खिला सके
17:59उसने ये भी कहा है कि सब तुम्हारा किया धरा है
18:03बहुत अफसौस की बात है
18:11कभी सोच बही सकता था
18:16कि मेरी बेहन ऐसा करेंगी
18:19इतनी मुनाफ़त
18:29कितनी अबादते करती हो तुम्हारे हाथ में एक तस्वीर होती है
18:46कहां गया सबकुछ
18:47तुम्ही कहती हो ने
18:52अल्लह को राजी करना आसान नहीं
18:55तो क्या ये तरीका जूड़ा तुमने प्ने रब को राजी करने का
18:58क्या तुम्हारी इस घटिया हरकत से तुम्हारा रब राजी हो जाता तुम्हें ये नी सोचा कि तुम्हें अपने रब को भी मुझ दिखाना है
19:12बोलो फॉजिया मैं तुम से पूछ आप बोलती क्यों बहुत होगे तुम्हारी नफ्रत करती हूं रेसलेर की से
19:20बर्दाश्ट नहीं है हमारे घर में आप सब भूल गए मैं उने इनको नहीं भूली आइस्था बोलो अपनी आवाज आइस्था रखो
19:36तुम शायद भूल रही हो तुम अपने बाई से बात कर रही हो
19:41आप मेरी सबाल का जवाब दे इस लड़की को क्यों नहीं सजा मिली मेरे भाई को क्यों दुनिया से जाना पड़ा बताए मुझे
19:52क्या लगता है तुम्हें इसको सजा नहीं मिल रही है क्या ये बहुत खुश है
20:02जो इस घर में जुम कर रहे है उसके साथ तुम लो वो कुछ नहीं है क्या
20:10एक एक लम्हा इस लड़की की जिन्दगी का एक अज़ाब बन गया है सब देखता हूँ मैं सब नज़र आ रहे मुझे
20:18तुम सब लोग अच्छी तरह जानते हूँ मैं किसी भी औरत के साथ जल्म ज्यात्ती बरदाश्ट नहीं कर सकता चाहे वो कोई भी हो मेरी मुलाजमा ही क्यों नहीं बरदाश्ट कर सकता ये और ये तो फिर
20:36तो फिर कान खोल के सुलो फाजिया तुम और तुमारा शोहर जो भी तुम दुमा के भागाई आसे तुम दोनों को आज ही नहाद से मावी मांगनी होगी
21:06और अगर नहीं मांगोगे तो बेरे इस घर में तुम दोनों के लिए कोई जगा में है
21:15अपने लिए एक नया घर तलाश कर लेना तुम दोनों
21:36झालब मांगे तुम अगर सोफवाई जारफान में दोनों
21:55झाल झाल
22:25यह सब क्या हो रहे है जवाशा हाँ आपको अंदाज़ा भी है आप क्या कर रहे हो उस लड़की के लिए उस लड़की के लिए नहीं बस एक लड़की के लिए तुम लोगों को यह बात क्यों नहीं समझ आ रहे हैं
22:55अच्छा अब वो एक लड़की हो गई
22:59कहा थी आपकी हमदर्दी उस वक्ट जब इस घर में उसको मारा पीटा जाता था तब तो आप खामोश थे
23:08शबाब हर चीज़ की एक हद होती है
23:11उस लड़की को जहर दिया जा रहा है एक मासूम लड़की को क्या मैं खामोश रहूं तमाशा देखता रहूं बोलो
23:23जो भी है उसको आपको फॉजिया से इस तरह बात नहीं करनी चाहीं थी
23:32तुम्हारी सोच क्यों तबदील होगे ये शबाब
23:38इस तरह से क्यों सोच रही हूं इस से पहले तो इस लड़की की खातिर तुम लड़ा करती थी मुझसे अब क्या हुआ तुमें
23:46क्या होगा मुझे कुछ नहीं हुआ मुझे आपने कभी मुझे तो इजाज़त नहीं दी कि मैं फॉजिया से इस तरह बात करो
24:00लेकिन अब आप उस लड़की की खातिर आप आप अपनी बेहनों को नीचा दिखा रहे है शबाब तो मुसे जल रहे हूं
24:16तुमें एक मामूली लड़की से जल रही हो तुम ऐसा कभी ना सोचती आज तुम उस लड़की के लिए हंगामा करती अगर तुम ना जलती तो तुमें क्या हो गया तुम ऐसा क्यों सोच रही हो
24:31मैं डर गी हूँ जवार शाह किस बात से
24:40अपने उस बुरे खाब से जो लग रहा है कि पूरा हो रहा है
24:46क्या हो गया शबाब तुम ऐसा क्यों सोच रही हो जो तुम चाहती थी बस वही हो रहा है
24:55एक बात याद रखना
24:58तुम्हारी जगा कभी भी कोई दी ले सकता
25:03इस बाग को अपने दिलों तौमाग में बढ़ ड़ा लो
25:06ऐसा मत सोच हो
25:10जो तु चाहते थी बस मुझा ही कर दो
25:40और चाहिए थी प्रेस साइन गुरी जी साइन
26:10नहाल को बुला के लाओ
26:13जवार भाई रहने में ना
26:26नोरी जो मैंने कहा है वो करो
26:37जे
26:40ची
26:44झाल
26:46प्रस्ट
26:49प्रस्ट
26:54अुझ
27:03नहाल यहाँ हो
27:13खौजिया और आमिर
27:28तुम दोनों को नहाल से कुछ कहना है न कहो
27:37साइन इसकी कोई जबरत नहीं है
27:44वाजिया बोलो
27:58लाजिया नहाँ रिए नहाँ है
28:17नहाँ मुचमा अबटम
28:23हुआिया नहाँ हुआआ
28:25आमर
28:28मुझे
28:36मुझे माफ़ कर तुन्हें आलब आंदा
28:41आंदा ऐसा नहीं होगा मैं
28:45आज से तुम
28:47तुम बेहन हो
28:55आर बार मैं ना भाई हूं बड़ा भाई
29:04क्या तुम ने ने माफ कर दिया है
29:12ची साइ
29:16ठीक है तुम जा सिंते हो
29:25फोजिया
29:31खाना खत्म करके जाओ
29:55क्यों खुद को हलकान कर रही हो
30:01क्यों खुद को हलकान कर रही हो
30:17वो भी उस चपरासन के पीछे
30:19उस चपरासन के पीछे नहीं
30:22अपने बाई के पीछे
30:26क्या किया जवार्शा ने मेरे साथ
30:30इस तो कोड़ी की लड़की के सामने
30:34अपनी आपा का सर जुका है
30:37वोई जवार्शा है
30:42नजरे मिला कि मुझसे बात नहीं करता था
30:48इतनी इज़त करता था
30:50मेरे हाथ चुमता था
30:52अबागे बाद सिर्फ मेरे द्वापे परोसा
30:58और आज हैसा
31:03इसे माफी मांगी क्योंके मेरे भाई ने मुझे मजबूर किया
31:14आमिर भाई, लेके नाम कैसे रो रही
31:20आप ही समझाए
31:22अरे भी मैं क्या समझाओ
31:24समझाया तो उसे जाता है जिसे अकल नहो
31:27अकल की दुकान है
31:29बोला भी था मैंने
31:31मत भीजो मुझे, मत भीजो मुझे
31:33हाँ मेर, मैंने तो तुम्हे धक्के माल के भीज़ा था ना
31:38फोर्स तो किया था था ना
31:41क्या मैं आ सकता हूँ?
31:47अरे भाई ये
31:49कैसी बाते कर रहे हैं आपका अपना घर है?
31:51बोश क्यों रहे?
31:59देखे ना जवार भाई
32:01कब से रो रहे हैं?
32:03न खाना खाया है और न ये
32:05ये हमारी बात मान रही है
32:07आप ही समझाएं
32:13देखा फोसिया
32:19तुम बहन हो मेरी
32:22मेरा खुन
32:26मुझे अच्छी तरह जानती हो
32:29मेरे बारे में सब कुछ मालू मैं तुम्हे
32:32मुझे खुब समझती हो
32:40तुम ये भी जानती हो के
32:43अम्मा के चले जाने के बाद
32:48इस घर में तुम्हे वही तरशा दिया
32:51जो उनका था
32:53और तुम ये भी जानती हो के मैं
33:01कभी किसी के साथ
33:04ना इनसाफ ही नहीं करता
33:06ना सुन करता हो
33:10ना सुन बरदाश करता हो
33:12और वह भी किसी लड़की के साथ
33:20कभी भी नहीं
33:23हरकिस नहीं
33:26तुम सोचो
33:28जो तुम करना चाहती थी
33:31अगर वह हो जाता
33:35तो क्या खुब को माफ कर बाती ही
33:38वह सब करने के बाद
33:43एत्मिनान से जिन्दा रह पाती
33:47नहीं ना
33:51फिर तुम सोचो
33:56मैंने जो कुछ किया वो
34:01तो मैं नीचा दिखाने के रिए नहीं किया
34:04तुम्हारा मकान मुझा किया है मैंने
34:11इसमें तुम्हारी इज़त अफ़ाई हुए तुम्हें एक
34:15बहुत बड़े गुना बहुत बड़े सुम से बचाया है
34:19बहुत बड़े गुना बहुत बड़े सुम से बचाया है
34:25कुछ बड़त नहीं किया ना
34:28मैं क्या करूँ जवार
34:33मुझे उनेन बहुत याद आते है
34:37और वक्त मेरी आंगों के सामने
34:41क्या करूँ
34:44क्या करूँ
34:45उनेन तुम सब को याद आता है फासिया
34:51उसका गम उसका दुख
34:55वो तो शायद हमारे दिल से कभी निकल ही नहीं सकता
35:01कबर में ये गम साथ लेके जाएंगे हमसे
35:12लेकिन इसका ये मतलब तो नहीं है
35:16कि उसकी मौत का बदला
35:21किसी और से ले आ जाये
35:23किसी बेगुना से
35:27ये फैसला तो अल्ला का है
35:30अपने हाथ में ये सब कुछ नहीं ले सकते हैं
35:32क्यों तो अपने हाथ किसी के खुम से रगना चाहती हो
35:40नहीं
35:43हमारे माबाप ने हमारी ये तर्वेत नहीं की
35:45कि
35:48खुछ सुचो
35:53एक दिन हमने भी अल्ला को मूँ दिखाना है
35:56क्या ऐसा करने के बाद तुम
36:01वहां सुर्खरू हो पाओगी
36:04हुनैन का सोचो
36:07क्या उसको ये सब अच्छा लगेगा
36:19उस्या सिंदगी में
36:21बहुत सी चीज़े हमारे हाथ में नहीं होती
36:26इनसान सोचता कुछ है
36:30अगर होता वही है जो रब की मरसी होती है
36:39तुम आने इनके लिए दुआ करो
36:44तुमारी दुआ बहुत कबूल होती है
36:55सब को मेरी बात समझाए होगे
36:57सक्या
36:59तुम भी समझाओ इसको
37:01मैं ठीक क्या रहाँ ना
37:02तो जाहे होगे।
37:07सक्या।
37:10तुम भी समझाओ इसको।
37:12मैं ठीक क्या रहा हूँ ना।
37:32पना के तमाशा जो हसते रहे।
37:40उन्हें अग तमाशा बनाया जाएगा।