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  • 1 year ago
धार्मिक इकोनॉमी में वृद्धि से मंदिर प्रबंधन की मांग भी बढ़ी. कोर्स में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रबंधन सिखाया जाएगा.

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00:00उत्पवे सरकार्दवारा संचालित संपुरानं संसकत विश्च विद्याले में अब मंदर प्रबंधन का सर्टिफेकट कोर्ट शुरू किया गया है, जिसमें मंदर संबंधित सभी जानकारियां छात्रों को सिखाई और बताई जाएंगे।
00:13इस प्रबंधन में मंदर से जुड़े सभी रहश की जानकारी से लेकर मंदर निर्माड के सक्षा विद्यार्थियों को दे जाएगी जिससे की युवाओं को शास्त्री रिपी रिवाज का ग्यान हो सके।
00:24बदादे कि संपुणानं संस्कत युनिवर्सिटी आज भी संस्कत भाषा में विद्यार्थियों को सक्षा प्रदान कर उन्हें डिग्रियां देता है।
00:54शुरू करने का मुख्यो देश युवाओं को संस्कृतिक रूप से और भी ज़्यादा शशक्त बनाना है ताकि वो वैग्यानिक ग्यान के साथ अपने संस्कृति से जुड़ सकें, इसके साथ ही वो मंद्र प्रबंधन से जुड़ी हुई तमाम जानकारियों को ले सकें।
01:24बताया कि बड़ी बात ये है कि भारत के साथ साथ विदेशों में भी मंद्र प्रबंधन की कोर्ट के जमान देखी जा रही है, फौरन से भी लोग इसमें अपलाई कर रहे हैं।
01:54कि आते हैं और कासी के विभिन मंदिरों में दर्शन करते हैं, पूजा करते हैं।
02:00तो हमने इस उब देशे से इसको बनाने की कोशिश की है कि मंदिर में जो पुजारी हो उसको मंदिर के सारे संदर्भों का ग्यान है।
02:12पूजा कैसे हो, मंदिर में मूर्ती की स्थिती कैसे हो, मूर्ती की प्राण प्रतिष्ठा कैसे हो, मंदिर का निर्मान कैसे हो, मंदिर निर्मान में वास्तु सास्त्री सिध्धान्तों का अनुबालन कैसे हो।
02:24कैसे हो इन सब का सास्त्री रीतिनीती से जवस्थापन हो इसके लिए हमने मंदिर प्रबंधन एक कोस्ट दिजाइन किया है ताकि लोग जो देश भर से आएं मंदिर में आएं तो मंदिर के प्रती उनकी आस्था बढ़े और मंदिर के अंदर आने पर भगवान के दर्शन करन
02:54ऐंदर उसका जो वाइज्याणिक महत्तौ है वह भी समझ में आए मंदिर्फ्र निर्मान की हमारे यहाँ जो परंपरा है उसके
03:02पीछे विज्ण क्या है उसका वाइज्यानिक महत्त क्या है यह भी लोगों को विसिवराना चाहिए गोई एट्विशन जारी है
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