00:00जिसने राम नाम को अपना
00:21उसने जीवन का सत पाया
00:28जो रघुनात की शर्न में आया
00:35उसका कश्ट हरी में ने मिताया
00:42राम को पासात है तो चिंता कैसी
00:50हर शास में हो राम तो चिंता कैसी
00:57शर्ना में रख बिरा जब मात
01:18हर जो करे दिन रात कैसी चिंता
01:25न भोजग की न भोग की
01:32जैसे राम नाम का रस्विल का उसे नहीं चिंता इस तन की
01:53राम को पासात है तो चिंता कैसी हर शास में हो राम तो चिंता कैसी
02:08जी चिंता क्रो चिसने लंकेश बनाया शाबरी के बेरों को
02:22उनको जिसने लंकेश बनाया
02:27शबरी के बेरों को सोनम दखनाया
02:34ऐसे करना मैं त्रख की सायाथ
02:41तो जो हो मन में विशाद की दार
02:48रामर पासात है तो चिंता कैसिल
02:55हर शास में हो रारम तो चिंता कैसिल
03:03जो रूम कथा में लीन हुआ
03:09उसका जीवन पावन हुआ
03:17उन्ही के गून गाते है हम
03:24हर पल करे नाम का जप
03:29राम प्रपासात है तो चिंता कैसिल
03:39श्लोद गुनात साथ तो चिंता कैसिल
03:46तेरे चरनों में रखती चंता
04:05अब तू ही कर संजीवन एक ता
04:12वाम राम ही जीवन का सार
04:20मेरी है सब जान लदका
04:27ना हो जन की ना मोग की ना मत्यों की ना जेवन की
04:42जिसे राम नाम का प्रस मिल मिल गया
04:50उसे नहीं चिंता इस तन की
04:56राम के पासात है तो चिंता कैसे
05:04हर श्मास में हो राम तो चिंता कैसे
05:12मुझ की था जान लेवन की जान लेवन का प्रस मिल देवन की
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