00:00कि साथियों कि इस आतंग की हमले में किसी ने अपना बेटा खोया किसी ने अपना भाई खोया किसी ने अपना जीवन साथी कोया है
00:20उन में से कोई बांगला बोलता था कोई कन्णडा बोलता था कोई मराठी था कोई ओडिया था कोई गुजराती था कोई यहां बिहार का लाल था
00:42आज उन सभी की मुर्त्यु पर करगिल से कन्याकमारी तक हमारा दुख एक जैसा है
00:53हमारा आक्रोश एक जैसा है
00:58यह हमला सिर्प निहत्थे परियाटकों पर नहीं हुआ है
01:07देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुश्चा हस किया है
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