00:00खैद खाने की दीवारें भी काप गई उस दिन, जब औरंगजेब की बेटी, जेबु निसा ने पहली बार छत्रपती संभाजी महाराज को देखा।
00:09वो खून से लटपट थे, शरीर पर अंगिनत जखम, फिर भी चेहरे पर मुस्कान थी।
00:15जेबु निसा की आँखें भर आई, बोली, इतनी यातनाएं तो शैतान भी सहन पाए, आप अपने परिवार के लिए भाग क्यों नहीं गए? संभाजी महाराज मुस्कुराए, बोले, मैं मिट्टी से नहीं बना, धर्म और स्वराज्य से बना हूँ।
00:33जेबु निसा चुप रही कुछ पल, फिर कहा, मेरे अब्बु ने तख्त के लिए अपने पिता को धोखा दिया, और एक आप हैं, जो धर्म के लिए प्राण देने को तैयार हैं।
01:03कमेंट में जरूर लिखें।
01:05जय छत्रपती संभाजी महाराज।
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